अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में एक बार फिर दो मजबूत प्रतिद्वंद्वी आमने-सामने खड़े हैं। भारतीय टीम पांच मुकाबलों की द्विपक्षीय टी20 सीरीज के लिए न्यूजीलैंड की धरती पर पहुंच चुकी है, जहां इस दौरे का पहला मुकाबला क्राइस्टचर्च के मैदान पर तय किया गया है। दोनों टीमों के बीच मैदान पर गेंद और बल्ले की जंग शुरू होने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी की वैश्विक टीम रैंकिंग का समीकरण भी चर्चा के केंद्र में आ गया है। इस सीरीज में प्रत्येक मैच के नतीजे के साथ दोनों ही देशों की रेटिंग पर सीधा असर पड़ने वाला है।
शीर्ष स्थान पर इंग्लैंड का कब्जा, दूसरे पायदान पर मौजूद है टीम इंडिया
आईसीसी की ओर से 21 अक्टूबर तक के प्रदर्शन के आधार पर जारी की गई ताजा रैंकिंग तालिका पर नजर डालें तो सबसे ऊपरी पायदान पर इंग्लैंड की टीम बैठी है। इंग्लिश टीम 269 अंकों की मजबूत रेटिंग के साथ पहले नंबर पर काबिज है। हाल ही में भारतीय टीम रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर विराजमान थी, लेकिन रेटिंग समीकरणों में आए फेरबदल के कारण उसे दूसरे स्थान पर खिसकना पड़ा। इस समय भारतीय टीम 267 रेटिंग अंकों के साथ दूसरे पायदान पर बनी हुई है। इसका मतलब यह है कि नंबर एक पर मौजूद इंग्लैंड और दूसरे स्थान वाली भारतीय टीम के बीच महज दो अंकों का बेहद करीबी फासला है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय रेटिंग की जटिल गणना प्रणाली को देखते हुए यह अंतर तुरंत खत्म होना इतना आसान नहीं होगा।
न्यूजीलैंड चौथे स्थान पर, भारत के पास 20 अंकों की बड़ी बढ़त
रैंकिंग तालिका में अन्य प्रमुख टीमों की स्थिति भी काफी दिलचस्प है। ऑस्ट्रेलियाई टीम 260 रेटिंग अंकों के साथ तीसरे स्थान पर जमी हुई है, जबकि मेजबान न्यूजीलैंड की टीम 247 रेटिंग अंकों के साथ चौथे पायदान पर दर्ज है। आंकड़ों के इस तुलनात्मक अध्ययन से स्पष्ट है कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच रेटिंग का एक बड़ा अंतर मौजूद है। भारतीय टीम अपने कीवी प्रतिद्वंद्वियों से करीब 20 अंक आगे चल रही है। पांच मुकाबलों की इस लंबी सीरीज के खत्म होने तक दोनों टीमों के रेटिंग अंकों में काफी व्यापक उलटफेर देखने को मिल सकता है, क्योंकि हर जीत और हार रेटिंग तालिका को नए सिरे से तय करेगी।
कागजी आंकड़ों के मुकाबले कीवी पिचों पर भारतीय चुनौती कठिन
यद्यपि आधिकारिक रैंकिंग और रेटिंग अंकों के तराजू पर भारतीय टीम अपने मेजबान न्यूजीलैंड से कहीं आगे खड़ी नजर आती है, लेकिन क्रिकेट के मैदान पर केवल कागजी आंकड़ों के दम पर किसी को अजेय नहीं माना जा सकता। न्यूजीलैंड के मैदानों पर खेलना विदेशी टीमों के लिए हमेशा से एक बड़ी परीक्षा रहा है। स्थानीय पिचों का मिजाज ऐसा होता है जहां टी20 प्रारूप में बहुत विशाल स्कोर आसानी से नहीं बनते हैं। वहां की पिचों से गेंदबाजों को अच्छी खासी मदद मिलती है, जिससे बल्लेबाजों के लिए रन गति बनाए रखना जटिल हो जाता है। इन परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय टीम के लिए यह दौरा बिल्कुल भी आसान नहीं रहने वाला है और जीत हासिल करने के लिए खिलाड़ियों को अपने खेल का सर्वश्रेष्ठ स्तर दिखाना होगा।



















