इंग्लैंड की सरजमीं पर पाकिस्तानी क्रिकेट टीम का मौजूदा दौरा बेहद निराशाजनक साबित हो रहा है। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए मुकाबले में पाकिस्तान को 194 रन से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। इस सीरीज में मेहमान टीम की यह लगातार दूसरी हार है, जिसके चलते कप्तान बाबर आजम के नेतृत्व और खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। इस हार के बाद पाकिस्तानी कप्तान ने खुलकर अपनी टीम की कमियों को स्वीकार किया और खिलाड़ियों को आड़े हाथों लिया।
टॉस के बाद मिले मौकों को गंवाने पर अफसोस
मैच समाप्त होने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए कप्तान बाबर आजम ने माना कि टीम ने बिल्कुल वैसी शुरुआत नहीं की जैसी उम्मीद थी। उन्होंने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि overcast परिस्थितियों का फायदा उठाने की योजना थी। शुरुआत में गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए केवल 80 रन के स्कोर पर ही इंग्लैंड के 4 प्रमुख बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया था। बाबर के अनुसार, उस अहम मोड़ पर उनकी टीम के पास मेजबान टीम पर दबाव बनाने का स्वर्णिम अवसर था, जिसे वे पूरी तरह भुनाने में नाकाम रहे।
रणनीति पर उठे सवाल और कप्तान का जवाब
इंग्लैंड के शुरुआती चार विकेट जल्दी गिरने के बाद रक्षात्मक रणनीति अपनाने को लेकर जब सवाल पूछा गया, तो कप्तान ने बचाव करते हुए कहा कि टीम ने पूरी तरह अपनी तय योजना के तहत ही गेंदबाजी की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान ने बीच के ओवरों में साझेदारियां तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन अंग्रेजी बल्लेबाजों की एक मजबूत पार्टनरशिप ने पूरे मुकाबले का रुख ही बदल दिया। हालांकि, कप्तान के इस तर्क से क्रिकेट के जानकार और आलोचक संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। जानकारों का मानना है कि उस स्थिति में पाकिस्तान को रक्षात्मक होने के बजाय अधिक आक्रामक तेवर अपनाकर प्रतिद्वंद्वी टीम को सस्ते में समेटने का प्रयास करना चाहिए था।
बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों मोर्चों पर नाकामी
आगामी मुकाबलों से पहले टीम के प्रदर्शन पर चिंता जताते हुए बाबर आजम ने कहा कि गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों ही मोर्चों पर काफी अधिक काम करने की जरूरत है। उन्होंने माना कि मैच के दौरान टीम को कई ऐसे मौके मिले जहाँ वे वापसी कर सकते थे, लेकिन हर बार चूक गए। अब पाकिस्तानी टीम की पूरी कोशिश आगामी और अंतिम टेस्ट मैच को अपने नाम कर इस हार के सिलसिले को रोकने की होगी। व्यक्तिगत रूप से भी इस मैच में कप्तान का बल्ला पूरी तरह शांत रहा, जहाँ वे पहली पारी में सिर्फ 8 रन और दूसरी पारी में मात्र 6 रन बनाकर आउट हो गए।



















