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हैदराबाद में मीर आलम टैंक पर केबल ब्रिज का निर्माण, बैंगलोर हाईवे से जुड़ेगा चिंतलमेटभारत
31 अग॰ 2026, 11:19 am (59 मिनट पहले)· 3

हैदराबाद में मीर आलम टैंक पर केबल ब्रिज का निर्माण, बैंगलोर हाईवे से जुड़ेगा चिंतलमेट

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में मीर आलम टैंक पर 2.24 किलोमीटर लंबे केबल ब्रिज का काम तेजी से चल रहा है। लगभग 320 करोड़ रुपये की इस परियोजना से ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।

हैदराबाद के शहरी ढांचे को अपग्रेड करने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में एक नया प्रयास शुरू किया गया है। शहर के ऐतिहासिक मीर आलम टैंक पर एक भव्य केबल आधारित पुल का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूरा होने से न सिर्फ इस पुरानी जगह के सौंदर्य में निखार आएगा, बल्कि यह शहर के नए आधुनिक स्थलों में भी शामिल हो जाएगा।

लगभग 320 करोड़ रुपये की लागत और सीधा संपर्क

करीब 320 करोड़ रुपये के बजट से तैयार हो रहे इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य बैंगलोर नेशनल हाईवे और चिंतलमेट इलाके को आपस में सीधा जोड़ना है। इस समय यात्रियों को व्यस्त और पुराने रास्तों पर रोजाना भारी जाम का सामना करना पड़ता है। इस केबल ब्रिज के शुरू होने के बाद वाहन चालकों का कीमती समय बचेगा और पुराने शहर के मुख्य मार्गों पर गाड़ियों का दबाव काफी कम हो जाएगा।

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40 प्रतिशत काम पूरा और 26 पिलर तैयार

इंजीनियरिंग के लिहाज से अनोखे इस पुल की कुल लंबाई 2.24 किलोमीटर तय की गई है। काम की रफ्तार को देखें तो इस परियोजना के कुल 59 पिलर्स में से 26 पिलर्स का ढांचा पूरी तरह खड़ा किया जा चुका है। संबंधित अधिकारियों के अनुसार पूरे प्रोजेक्ट का लगभग 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। भारी मशीनों के साथ करीब 250 कुशल इंजीनियर और श्रमिक इस निर्माण को समय पर पूरा करने में जुटे हैं।

MRDCL की देखरेख और 24 महीने का लक्ष्य

इस पूरे निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग मूसी रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा राज्य के म्युनिसिपल ढांचे के अंतर्गत की जा रही है। इसका ठेका ईपीसी मोड पर प्रसिद्ध केएनआर कंस्ट्रक्शन्स को दिया गया है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि गुणवत्ता से समझौता किए बिना इस पूरे काम को आगामी 24 महीनों के भीतर पूरा करके जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

सवाल-जवाब

हैदराबाद में केबल ब्रिज का निर्माण कहाँ हो रहा है?
इस केबल ब्रिज का निर्माण शहर के ऐतिहासिक मीर आलम टैंक पर किया जा रहा है।
इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत कितनी है?
इस मेगा प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 320 करोड़ रुपये है।
इस पुल की कुल लंबाई कितनी निर्धारित की गई है?
इस केबल आधारित पुल की कुल लंबाई 2.24 किलोमीटर तय की गई है।
यह पुल किन दो क्षेत्रों को जोड़ेगा?
यह पुल बैंगलोर नेशनल हाईवे और चिंतलमेट क्षेत्र के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगा।
इस प्रोजेक्ट का निर्माण कौन कर रहा है?
इसका निर्माण ईपीसी मोड के माध्यम से केएनआर कंस्ट्रक्शन्स द्वारा किया जा रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·42 मिनट पहले

यह ढांचागत परियोजना यातायात व्यवस्था सुधारने के साथ सार्वजनिक सुरक्षा और त्वरित आवाजाही के लिहाज से बेहद अहम है। मीर आलम टैंक जैसे संवेदनशील और ऐतिहासिक क्षेत्र के पास इस तरह के बड़े निर्माण कार्यों में पर्यावरण नियमों और कानूनी मंजूरियों का पालन बेहद जरूरी होता है। यदि मूसी रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और निर्माण एजेंसी ने सभी वैधानिक और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया, तो निर्धारित चौबीस महीने की समयसीमा में यह सार्वजनिक हित की एक बड़ी उपलब्धि बन सकती है।

Ravikash Gupta@ravikash·41 मिनट पहले

३२० करोड़ रुपये के इस बुनियादी ढांचे के निवेश से हैदराबाद के दक्षिण-पश्चिम कॉरीडोर में आर्थिक गतिशीलता और रियल एस्टेट बाजार को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। बैंगलोर हाईवे और चिंतलमेट के बीच सीधा संपर्क स्थापित होने से कमर्शियल लॉजिस्टिक्स और दैनिक आवाजाही का समय घटेगा, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। हालांकि, ईपीसी मोड पर काम कर रही केएनआर कंस्ट्रक्शन्स के लिए यह जरूरी होगा कि वह इस २.२४ किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट को तय २४ महीने की समयसीमा में बिना लागत overrun के पूरा करे, क्योंकि इस स्तर के शहरी विकास प्रोजेक्ट्स में वित्तीय अनुशासन और समयबद्धता सीधे तौर पर क्षेत्रीय विकास की दिशा तय करते हैं।

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