हैदराबाद के शहरी ढांचे को अपग्रेड करने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में एक नया प्रयास शुरू किया गया है। शहर के ऐतिहासिक मीर आलम टैंक पर एक भव्य केबल आधारित पुल का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूरा होने से न सिर्फ इस पुरानी जगह के सौंदर्य में निखार आएगा, बल्कि यह शहर के नए आधुनिक स्थलों में भी शामिल हो जाएगा।
लगभग 320 करोड़ रुपये की लागत और सीधा संपर्क
करीब 320 करोड़ रुपये के बजट से तैयार हो रहे इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य बैंगलोर नेशनल हाईवे और चिंतलमेट इलाके को आपस में सीधा जोड़ना है। इस समय यात्रियों को व्यस्त और पुराने रास्तों पर रोजाना भारी जाम का सामना करना पड़ता है। इस केबल ब्रिज के शुरू होने के बाद वाहन चालकों का कीमती समय बचेगा और पुराने शहर के मुख्य मार्गों पर गाड़ियों का दबाव काफी कम हो जाएगा।
40 प्रतिशत काम पूरा और 26 पिलर तैयार
इंजीनियरिंग के लिहाज से अनोखे इस पुल की कुल लंबाई 2.24 किलोमीटर तय की गई है। काम की रफ्तार को देखें तो इस परियोजना के कुल 59 पिलर्स में से 26 पिलर्स का ढांचा पूरी तरह खड़ा किया जा चुका है। संबंधित अधिकारियों के अनुसार पूरे प्रोजेक्ट का लगभग 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। भारी मशीनों के साथ करीब 250 कुशल इंजीनियर और श्रमिक इस निर्माण को समय पर पूरा करने में जुटे हैं।
MRDCL की देखरेख और 24 महीने का लक्ष्य
इस पूरे निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग मूसी रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा राज्य के म्युनिसिपल ढांचे के अंतर्गत की जा रही है। इसका ठेका ईपीसी मोड पर प्रसिद्ध केएनआर कंस्ट्रक्शन्स को दिया गया है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि गुणवत्ता से समझौता किए बिना इस पूरे काम को आगामी 24 महीनों के भीतर पूरा करके जनता के लिए खोल दिया जाएगा।





















