अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय क्रिकेट में आक्रामकता की नई परिभाषा गढ़ते हुए भारतीय टीम ने गुवाहाटी के मैदान पर असंभव लगने वाला कारनामा कर दिखाया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे एकदिवसीय मैच में भारत ने महज 29.1 ओवर में 300 रन बनाकर 50 ओवर प्रारूप में सबसे तेज तिहरे शतक का नया वैश्विक कीर्तिमान स्थापित कर दिया। इस धुआंधार रन चेज के सूत्रधार रहे कप्तान शुभमन गिल और अनुभवी सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा, जिन्होंने विपक्षी गेंदबाजों को संभलने का एक भी अवसर नहीं दिया।
दक्षिण अफ्रीका की ऐतिहासिक उपलब्धि को पीछे छोड़ा
एकदिवसीय क्रिकेट इतिहास में इससे पूर्व सबसे तेज गति से तीन सौ रन पूरा करने की उपलब्धि दक्षिण अफ्रीका की टीम के पास थी। अफ्रीकी टीम ने साल 2006 के दौरान जोहानिसबर्ग के ऐतिहासिक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के विशाल लक्ष्य के खिलाफ 32.2 ओवरों में यह मुकाम हासिल किया था। भारतीय बल्लेबाजों ने उस दो दशक पुराने रिकॉर्ड को 19 गेंद पहले ही पार कर लिया। इस सूची में इंग्लैंड की टीम तीसरे स्थान पर मौजूद है जिसने साल 2018 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 33.1 ओवरों में तीन सौ रन जोड़े थे, जबकि भारत ने इससे पहले साल 2009 में श्रीलंका के विरुद्ध 34.1 ओवरों में यह आंकड़ा छुआ था।
पहाड़ जैसे लक्ष्य के सामने भारतीय सलामी जोड़ी का हमला
मुकाबले की शुरुआत में पहले बल्लेबाजी का न्योता पाकर वेस्टइंडीज की टीम ने 405 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को किसी भी हालत में आक्रामक शुरुआत की आवश्यकता थी। रोहित शर्मा ने शुरुआती पावरप्ले में कमान संभालते हुए कीमो पॉल के एक ही ओवर में नो-बॉल और उसके बाद मिली फ्री हिट पर लगातार दो छक्के जड़कर मुकाबले का रुख तय कर दिया। रोहित ने अपना अर्धशतक केवल 34 गेंदों में पूरा किया।
शुरुआती दस ओवरों में संभलकर खेल रहे कप्तान शुभमन गिल ने भी इसके बाद अपने हाथ खोले। दोनों बल्लेबाजों ने 12वें ओवर तक 100 रनों की शतकीय साझेदारी पूरी कर ली। दोनों के बीच यह 44 एकदिवसीय पारियों में नौवीं शतकीय साझेदारी रही। आक्रामकता का स्तर ऐसा था कि भारत ने 21.1 ओवर में अपने 200 रन भी पूरे कर लिए, जो इस प्रारूप में देश का सबसे तेज दोहरा शतक बना।
गिल और रोहित के तूफानी शतक
सलामी बल्लेबाजों ने मैदान के चारों तरफ चौकों और छक्कों की झड़ी लगा दी। रोहित शर्मा ने 72 गेंदों में अपना सैकड़ा जमाया, जो एकदिवसीय प्रारूप में उनकी दूसरी सबसे तेज शतकीय पारी रही। इससे पहले उन्होंने साल 2023 में अफगानिस्तान के खिलाफ केवल 63 गेंदों में सैकड़ा ठोका था। रोहित 75 गेंदों में 101 रन बनाकर 26.2 ओवर में पवेलियन लौटे। गिल और रोहित के बीच पहले विकेट के लिए 255 रनों की विशाल साझेदारी हुई।
कप्तान शुभमन गिल का बल्ला इसके बाद और भी घातक अंदाज में बोला। गिल ने पहले 62 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया, जिससे वे कैरेबियाई टीम के खिलाफ सबसे तेज एकदिवसीय शतक लगाने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए। इसके बाद वे 89 गेंदों में 150 के निजी स्कोर तक पहुंच गए। ऐसा करके उन्होंने ईशान किशन का पुराना भारतीय रिकॉर्ड ध्वस्त किया, जिन्होंने 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ 103 गेंदों में 150 रन बनाए थे। रोहित के जाने के बाद विराट कोहली क्रीज पर आए। गिल ने 29वें ओवर में जेडन सील्स पर छक्का और चौका जड़ा, फिर 29.1 ओवर में विटेल लॉस की गेंद पर बाउंड्री लगाते हुए भारत का स्कोर 300 रनों के पार पहुंचा दिया।


















