इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले के दौरान टीम इंडिया के खेमे में उस वक्त हलचल मच गई, जब कप्तान शुभमन गिल दाहिने पैर की हैमस्ट्रिंग तकलीफ के चलते लंगड़ाते हुए मैदान से बाहर चले गए. यह पल भारतीय टीम के लिए किसी झटके से कम नहीं था, क्योंकि गिल उस वक्त शानदार लय में बल्लेबाजी कर रहे थे.
श्रेयस अय्यर के साथ जमी थी अहम साझेदारी
गिल ने साथी बल्लेबाज श्रेयस अय्यर के साथ मिलकर शतकीय साझेदारी निभाई थी और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था. दोनों बल्लेबाज अच्छी लय में दिख रहे थे और भारतीय पारी आगे बढ़ रही थी, लेकिन इसी बीच कप्तान की तकलीफ ने पूरे माहौल को बदल दिया.
24वें ओवर में पहली बार महसूस हुई तकलीफ
अर्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद, 24वें ओवर की शुरुआत में गिल को दाहिने पैर की मासपेशियों में पहली बार दर्द महसूस हुआ. यह देखते ही टीम का फिजियो तुरंत मैदान में दौड़ा और गिल का इलाज किया गया. कुछ राहत मिलने के बाद गिल दोबारा बल्लेबाजी के लिए तैयार हो गए और खेल जारी रखा.
26वें ओवर में बिगड़े हालात, मैदान छोड़ना पड़ा
कुछ ही गेंदें खेलने के बाद 26वें ओवर के दौरान गिल की तकलीफ फिर लौट आई, और इस बार दर्द पहले से कहीं ज्यादा था. गिल ठीक तरह से खड़े होने की स्थिति में भी नहीं थे. फिजियो एक बार फिर मैदान में पहुंचे, लेकिन इस बार चोट इतनी गंभीर थी कि गिल को मैदान से बाहर जाना ही पड़ा. ड्रेसिंग रूम की तरफ लौटते हुए भारतीय कप्तान ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे, जिससे उनके साथी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की चिंता और बढ़ गई.
80 रन पर रिटायर्ड हर्ट हुए कप्तान
आखिरकार शुभमन गिल 80 रन की पारी खेलकर रिटायर्ड हर्ट हो गए. उनके मैदान छोड़ते ही यह खबर तेजी से फैल गई कि भारतीय कप्तान चोट के चलते बीच मैदान से जा रहे हैं. गिल की यह पारी शानदार जरूर रही, लेकिन उनकी चोट ने टीम इंडिया के लिए इस वनडे मुकाबले में नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं.











