युवा भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ वनडे सीरीज खेल रही है, जहां सबकी नजरें पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग पर टिकी हुई हैं। वीरेंद्र सहवाग अपने समय में पहली ही गेंद से आक्रामक रुख अपनाने और विपक्षी गेंदबाजों पर हावी होने के लिए जाने जाते थे, लेकिन आर्यवीर का अंदाज क्रीज पर उनसे काफी अलग नजर आ रहा है। पेशेवर क्रिकेट में कदम रख चुके आर्यवीर इस द्विपक्षीय सीरीज में अभी तक अपने पिता जैसी विस्फोटक लय हासिल नहीं कर पाए हैं।
शीर्ष क्रम की धीमी शुरुआत और आर्यवीर का रनआउट
सीरीज के दूसरे वनडे मैच में आर्यवीर सहवाग भारतीय पारी की शुरुआत करने लक्ष्य रायचंदानी के साथ मैदान पर उतरे थे। दोनों सलामी बल्लेबाजों ने मिलकर बेहद सतर्क शुरुआत की, जिससे टीम का रन रेट शुरुआती ओवरों में काफी धीमा रहा। लक्ष्य रायचंदानी क्रीज पर ज्यादा देर टिकने के बावजूद तेजी नहीं दिखा सके और 29 गेंदों का सामना करते हुए केवल 11 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उनके आउट होने के बाद पारी को रफ्तार देने का जिम्मा आर्यवीर पर था, लेकिन वह भी खुलकर शॉट्स नहीं लगा सके।
आर्यवीर सहवाग ने 48 गेंदों की अपनी पारी में 47 रन बनाए और अर्धशतक पूरा करने से ठीक पहले रनआउट का शिकार हो गए। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने 9 चौके जरूर लगाए, लेकिन वह एक भी छक्का लगाने में सफल नहीं रहे। उनका स्ट्राइक रेट 97.92 का दर्ज किया गया। इससे पहले सीरीज के पहले यूथ वनडे मैच में भी उनका बल्ला शांत ही रहा था, जहां उन्होंने 26 गेंदों में 28 रन बनाए थे। लगातार दो पारियों में वह कोई बड़ा आक्रामक स्कोर नहीं खड़ा कर सके हैं।
मध्यक्रम में यशवर्धन चौहान और वीके विनीथ का पलटवार
शुरुआती विकेट सस्ते में और धीमी गति से गंवाने के बाद भारतीय पारी को मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने संभाला। टीम के लिए यशवर्धन चौहान और वीके विनीथ ने ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजी आक्रमण का डटकर मुकाबला किया। यशवर्धन चौहान ने आक्रामक रुख अपनाते हुए शानदार शतक जड़ा। उन्होंने 100 गेंदों में 122 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 15 छक्के और 2 चौके शामिल रहे।
दूसरे छोर से वीके विनीथ ने भी उनका बेहतरीन साथ निभाया। विनीथ ने 92 गेंदों का सामना करते हुए 87 रन जोड़े, जिसमें 6 छक्के और 4 चौके शामिल थे। इन दोनों युवा बल्लेबाजों की पारियों की बदौलत इंडिया अंडर-19 टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट पर 341 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया और मैच पर अपनी पकड़ मजबूत बनाई।



















