त्रिपुरा सरकार ने राज्य में क्रिकेट के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पश्चिमी त्रिपुरा जिले के सेकेरकोट में एक आधुनिक क्रिकेट अकादमी स्थापित करने के लिए त्रिपुरा क्रिकेट एसोसिएशन यानी टीसीए को 30 एकड़ जमीन दी गई है। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने रविवार को रवींद्र भवन में आयोजित टीसीए के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान यह जानकारी साझा की।
सरकार की पहल पर मिली सेकेरकोट में जमीन
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बताया कि टीसीए शुरुआत में अकादमी के निर्माण के लिए निजी जमीन खरीदने की योजना बना रहा था। इस पर मुख्यमंत्री ने एसोसिएशन को सुझाव दिया कि वे सरकार से जमीन के लिए औपचारिक अनुरोध करें। टीसीए द्वारा औपचारिक प्रस्ताव भेजे जाने के बाद, राज्य प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सेकेरकोट में 30 एकड़ का विशाल भूखंड संस्था को सौंप दिया। इस नई सुविधा के पूरी तरह शुरू होने के बाद राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय कोचिंग और विशेष खेल प्रशिक्षण का सीधा लाभ मिलेगा।
गांवों से प्रतिभा तराशने के लिए 16 स्पॉटर
राज्य के युवाओं में खेल क्षमता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रिपुरा में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही समय पर पहचानने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से ग्रामीण स्तर पर खिलाड़ियों की पहचान के लिए विशेष स्पॉटर नियुक्त करने की बात कही गई थी। टीसीए ने इस सुझाव पर अमल करते हुए आठ उपखंडों में कुल 16 स्पॉटर तैनात करने का फैसला किया है। इन स्पॉटरों की जिम्मेदारी गांवों का दौरा करना, स्थानीय स्तर पर होने वाले मैचों को देखना और जमीनी स्तर पर उभरती युवा प्रतिभाओं की पहचान करना होगा।
हर मौसम के अनुकूल मैदान और अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम
खिलाड़ियों की नियमित ट्रेनिंग में मौसम की बाधा न आए, इसके लिए भी योजना तैयार की गई है। टीसीए दो जिला मुख्यालयों, कैलाशहर और बेलोनिया में सभी मौसमों के अनुकूल अभ्यास मैदान विकसित करने की तैयारी में है, जिससे प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अभ्यास जारी रह सके। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पश्चिमी त्रिपुरा के नरसिंहगढ़ में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का काम अब पूरा होने के करीब है। यह निर्माण कार्य लगभग दो वर्षों से रुका हुआ था, जिसे अब तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है।





















