अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में जापानी येन की तेज गिरावट पर फिलहाल ब्रेक लगता दिख रहा है, क्योंकि मौद्रिक प्राधिकरणों की ओर से सीधे बाजार में दखल देने की तैयारी के संकेत मिले हैं। शुक्रवार को नीतिगत बैठक के बाद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले येन टूटकर 158.05 के स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि, बैंक ऑफ जापान द्वारा दर जांच यानी रेट चेक किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद बाजार में घबराहट थमी है और डॉलर गिरकर 157.00 के नीचे आ गया है। इस कदम ने साफ कर दिया है कि केंद्रीय बैंक 160.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब मुद्रा की अनियंत्रित कमजोरी को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
नीतिगत दरों में बढ़ोतरी और मौद्रिक बदलाव
बैंक ऑफ जापान ने हालिया बैठक में अपने अल्पकालिक नीतिगत ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। यह फैसला मौद्रिक नीति समिति में 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो पिछले कई हफ्तों से वित्तीय विश्लेषकों के अनुमानों के अनुरूप ही रहा। इस निर्णय को देश की मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एमयूएफजी के ली हार्डमैन का मानना है कि केंद्रीय बैंक की नीति अब एक नए चरण में प्रवेश कर चुकी है, जहां हर तीन महीने में नीतिगत दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला देखने को मिल सकता है।
ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और बॉन्ड प्रतिफल का दबाव
जापानी नीति निर्माताओं के सामने घरेलू मुद्रा को स्थिर रखना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। ली हार्डमैन ने रेखांकित किया कि ऊर्जा की ऊंची कीमतों और अमेरिका तथा जापान के बीच बढ़ते बॉन्ड यील्ड अंतर के चलते मुद्रा अधिकारियों के लिए कमजोर येन को संभालना बेहद कठिन हो रहा है। इसके चलते अधिकारियों पर समय हासिल करने के लिए बाजार में दोबारा सीधे हस्तक्षेप करने का दबाव बढ़ रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई तेजी डॉलर को मजबूती देती रही है, जिससे येन पर बाहरी दबाव लगातार कायम है।
एशियाई सत्र में वैश्विक मुद्राओं और सोने की स्थिति
सोमवार को एशियाई व्यापार सत्र के दौरान मुद्रा बाजार में मिलाजुला रुख देखा गया। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 0.7100 के ऊपर मजबूती से टिका रहा। हालांकि पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना द्वारा लोन प्राइम रेट में कोई बदलाव न करने से उस पर दबाव रहा, लेकिन रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों और आगामी ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से पहले इसे समर्थन मिल रहा है। दूसरी ओर, जापान में सार्वजनिक अवकाश के दिन भू-राजनीतिक तनावों के बीच निवेशकों में सतर्कता रही। रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष के साथ-साथ पश्चिम एशिया के संकट ने डॉलर की गिरावट को सीमित रखा। इस बीच यूरोपीय सत्र के शुरुआती हिस्से में सोने की कीमतों में कमजोरी दर्ज की गई और यह 0.50% से अधिक टूटकर करीब 4,350 डॉलर पर कारोबार करता नजर आया। पिछले बुधवार को छह सप्ताह के निचले स्तर को छूने के बाद बुलियन धातु पश्चिम एशिया संकट और महंगाई के असर को लेकर अनिश्चितता से प्रभावित हो रही है।
तिमाही के अंत में वित्तीय बाजारों की हलचल
तीसरी तिमाही के अंतिम हफ्तों में वैश्विक वित्तीय बाजार एक असामान्य स्थिति का सामना कर रहे हैं। बाजार में अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जबकि कच्चे तेल की कीमतें गिर रही हैं। इसके बावजूद यूरोपीय और अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ खुलने की तैयारी में दिखे। वित्तीय तनाव सबसे ज्यादा सरकारी बॉन्ड बाजार में केंद्रित रहा, जहां शुक्रवार देर रात यूरोपीय और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में एक बार फिर तेज उछाल दर्ज किया गया। सरकारी बॉन्ड बाजार की इस अस्थिरता ने मुद्रा और कमोडिटी बाजारों के रुख को काफी हद तक प्रभावित किया है।

















