क्रिकेट के मैदान पर जब कोई बड़ा बल्लेबाज रनों की आंधी लाता है, तो खेल प्रेमियों के जेहन में सबसे पहले यही सवाल आता है कि उसके हाथ में मौजूद बल्ला कौन सा है। हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ एक मुकाबले के दौरान नाबाद 139 रन की धमाकेदार पारी खेलते हुए नौ गगनचुंबी छक्के जड़े। इस बेहतरीन प्रदर्शन के बाद क्रिकेट जगत में उनके बल्ले की बनावट और खूबियों पर चर्चा शुरू हो गई है।
इंग्लिश विलो बैट की खासियत
इस पूरे मामले पर उत्तर प्रदेश की क्रिकेट टीम का हिस्सा रह चुके और खेल कारोबार से जुड़े शोभित त्यागी ने अहम जानकारियां साझा की हैं। उनके अनुसार, विराट कोहली सहित देश और दुनिया के तमाम दिग्गज खिलाड़ी इंग्लिश विलो से बने बैट का इस्तेमाल करना सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। इस खास लकड़ी के बने बल्लों की मदद से कलाई का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए मैदान के हर कोने में बड़े शॉट आसानी से लगाए जा सकते हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई उस यादगार पारी में भी बल्लेबाज ने अपनी कलाइयों के जादू से नौ शानदार छक्के जड़े थे, जो इसी तकनीक का परिणाम था।
हल्का वजन और शानदार पिकअप
शोभित त्यागी ने आगे बताया कि इंग्लिश विलो बैट वजन में काफी हल्के होते हैं, जिसकी वजह से मैदान पर इन्हें संभालना और चलाना बेहद आसान होता है। इनका पिकअप इतना बेहतरीन होता है कि गेंद बल्ले पर आते ही तेजी से सीमा रेखा की ओर निकल जाती है। इस प्रकार के बल्लों की मदद से खिलाड़ी कवर ड्राइव, कट शॉट और स्ट्रेट ड्राइव जैसे मुश्किल स्ट्रोक भी बड़े आराम से खेल पाते हैं। बैट की आसान स्विंग बल्लेबाज को क्रीज पर बेहतर संतुलन प्रदान करती है, जिससे वह अपनी क्षमता के अनुसार चौकों और छक्कों की बरसात कर सकता है।
लाखों रुपये तक पहुंच जाती है कीमत
जब बात विराट कोहली के बैट की आती है, तो इसे तैयार करने के लिए इंग्लिश विलो के पेड़ों की सबसे बेहतरीन और उच्च गुणवत्ता वाली लकड़ी का चयन किया जाता है। यही मुख्य कारण है कि इन बल्लों की निर्माण लागत बहुत अधिक होती है और बाजार में इनकी कीमतें लाखों रुपये तक चली जाती हैं। पेशेवर क्रिकेट के गलियारों में पिछले कुछ समय से इंग्लिश विलो बैट की मांग में भारी उछाल देखने को मिला है। पहले जहां इनका इस्तेमाल केवल बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी ही करते थे, वहीं अब युवा पीढ़ी के उभरते हुए खिलाड़ी भी इनकी तरफ आकर्षित हो रहे हैं।
मेरठ के खेल बाजार का दबदबा
खेल कारोबार के जानकारों का यह भी कहना है कि कई बड़े खिलाड़ियों को नामी कंपनियों की तरफ से स्पॉन्सरशिप के तहत बैट मुफ्त मिलते हैं, जिसके कारण उनकी सटीक कीमत का अंदाजा लगाना कठिन हो जाता है। इसके बावजूद, आम खरीदारों के लिए मेरठ के स्थानीय बाजार में इंग्लिश विलो बैट दस हजार रुपये की शुरुआती कीमत से शुरू होकर दो लाख रुपये तक की भारी-भरकम राशि में मिल सकते हैं। मेरठ का खेल उपकरण बाजार न केवल देश की सीमाओं के भीतर, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी एक अलग पहचान रखता है। यहां बनने वाले क्रिकेट के सामान की सप्लाई बड़े पैमाने पर विदेशों में भी की जाती है, और दुनिया भर के खिलाड़ी यहां के कारीगरों पर पूरा भरोसा करते हैं। आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंटों के दौरान महेंद्र सिंह धोनी सहित कई जाने-माने खिलाड़ी अपनी निजी पसंद और जरूरत के हिसाब से मेरठ में ही अपने लिए खास बल्ले तैयार करवाते हैं।


















