टेस्ट क्रिकेट में जब भी बल्लेबाज क्रीज पर लंबे समय तक टिकने के प्रयास में होता है, तब स्लिप कॉर्डन में मौजूद फील्डर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। घंटों की कड़ी धूप या ठंडी हवाओं के बीच बिना किसी बड़ी हलचल के लगातार सतर्क रहना और अचानक आने वाले मौके को कैच में तब्दील करना एक बड़ी चुनौती होती है। इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने पाकिस्तान के खिलाफ जारी पहले टेस्ट मुकाबले में यह साबित कर दिखाया कि वे केवल अपनी बल्लेबाजी से ही नहीं, बल्कि स्लिप में अपनी बेहतरीन फील्डिंग और फुर्ती के बल पर भी विश्व क्रिकेट में खास पहचान रखते हैं।
पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में रचा नया इतिहास
पाकिस्तान की दूसरी पारी के नौवें ओवर के दौरान मैदान पर यह ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की बाहर निकलती रफ्तार भरी गेंद का सामना कर रहे युवा बल्लेबाज अजान अवैस के बल्ले का बाहरी किनारा लगा और गेंद तेजी से पहली स्लिप की तरफ गई। पहली स्लिप में मौजूद जो रूट ने बिना कोई गलती किए दोनों हाथों से गेंद को सुरक्षित तरीके से थाम लिया। बल्लेबाज अजान अवैस 14 गेंदों पर 9 रन बनाकर आउट हो गए और पाकिस्तान का कुल स्कोर 36 रन पर 2 विकेट हो गया। इस विकेट के गिरते ही क्रिकेट जगत में एक नए कीर्तिमान का जश्न शुरू हो गया।
स्टीवन स्मिथ का 218 कैचों का रिकॉर्ड पीछे छूटा
स्लिप में लपका गया यह कैच जो रूट के टेस्ट करियर का 219वां कैच था। इस एक कैच के साथ ही रूट ने टेस्ट क्रिकेट इतिहास में बतौर नॉन-विकेटकीपर फील्डर सबसे अधिक कैच लेने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख बल्लेबाज स्टीवन स्मिथ के 218 कैचों के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए इस सूची में पहला स्थान हासिल कर लिया। लंबे समय से दोनों खिलाड़ियों के बीच चल रही इस होड़ में रूट अब सबसे आगे निकल चुके हैं।
राहुल द्रविड़ और जयवर्धने जैसे दिग्गजों की सूची में शीर्ष स्थान
क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में फील्डिंग के इस स्तर तक पहुंचना लगातार अनुशासन और एकाग्रता की मांग करता है। इससे पूर्व भारतीय टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ 210 कैचों के साथ इस सूची में लंबे समय तक शीर्ष स्थान पर काबिज रहे थे। उनके बाद श्रीलंका के पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने का नाम दर्ज था, जिन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 205 कैच पकड़े थे। वहीं दक्षिण अफ्रीका के महान ऑलराउंडर जैक कैलिस ने भी स्लिप और नजदीकी फील्डिंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए 200 कैच अपने नाम किए थे। जो रूट अब इन सभी महान खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए 219 कैचों के साथ सबसे सफल फील्डर बन चुके हैं।
स्लिप कॉर्डन में कठिन मेहनत और एकाग्रता का प्रतिफल
जो रूट का यह कीर्तिमान इसलिए भी विशेष माना जा रहा है क्योंकि वे मैदान पर अपनी दोहरी जिम्मेदारी को ब बखूबी निभाते हैं। घंटों क्रीज पर रहकर लंबी पारियां खेलने के बाद बिना थके स्लिप में खड़े होकर हर गेंद पर ध्यान केंद्रित रखना असाधारण शारीरिक और मानसिक दृढ़ता को दर्शाता है। स्लिप फील्डिंग में बेहतरीन रिफ्लेक्स, शरीर का संतुलन तथा गेंद की स्विंग और उछाल को समझने की कला बेहद जरूरी होती है। पिछले एक दशक में रूट ने विश्व की अलग-अलग परिस्थितियों में तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों के खिलाफ अपनी इस कला को निखारा है।
फैब-फोर की प्रतिद्वंद्विता में नया मोड़
आधुनिक क्रिकेट के चार प्रमुख बल्लेबाजों की सूची में जो रूट और स्टीवन स्मिथ के बीच हमेशा से एक दिलचस्प प्रतिस्पर्धा रही है। दोनों ही खिलाड़ियों ने अपनी बल्लेबाजी के साथ-साथ फील्डिंग के क्षेत्र में भी नए मापदंड स्थापित किए हैं। स्मिथ के 218 कैचों की बराबरी के बाद 219वें कैच तक पहुंचना जो रूट के लिए व्यक्तिगत रूप से एक बड़ी उपलब्धि है, जिसने टेस्ट क्रिकेट की इस ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता को एक नया आयाम दिया है।



















