भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने लंदन के प्रतिष्ठित लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर उतरते ही एक शानदार कीर्तिमान स्थापित कर लिया है। इंग्लैंड के विरुद्ध खेले जा रहे इकलौते टेस्ट मैच में अपनी उपस्थिति के साथ ही स्मृति मंधाना ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का 300वां मुकाबला खेला। मंधाना 18 जुलाई को अपना 30वां जन्मदिन मनाएंगी और इस उम्र से ठीक पहले इस जादुई आंकड़े तक पहुंचना उनके करियर का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इसी के साथ वह महिला क्रिकेट जगत में 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली दुनिया की सबसे युवा खिलाड़ी बन गई हैं। यह उपलब्धि उनकी निरंतरता और भारतीय टीम के प्रति उनके गहरे समर्पण को दर्शाती है, जिसे उन्होंने करियर की शुरुआत से ही बनाए रखा है।
एलीट क्लब में स्मृति मंधाना का प्रवेश
विश्व क्रिकेट में 300 अंतरराष्ट्रीय मैचों का आंकड़ा छूने वाली स्मृति मंधाना अब 12वीं महिला क्रिकेटर बन चुकी हैं। भारतीय परिप्रेक्ष्य में बात करें तो वह ऐसा करने वाली तीसरी खिलाड़ी हैं। उनसे पहले केवल दो भारतीय दिग्गजों ने यह गौरव हासिल किया है, जिनमें 374 मैचों के साथ कप्तान हरमनप्रीत कौर पहले स्थान पर और 333 मैचों के साथ मिताली राज दूसरे स्थान पर काबिज हैं। अब स्मृति मंधाना ने भी इस विशेष समूह में अपनी जगह पक्की कर ली है, जो उनके खेल के स्तर को प्रमाणित करता है।
लॉर्ड्स में रचा गया महिला क्रिकेट का नया इतिहास
यह टेस्ट मुकाबला केवल मंधाना की उपलब्धि के लिए ही नहीं, बल्कि खेल के इतिहास के लिए भी एक मील का पत्थर है। क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर यह पहला महिला टेस्ट मैच है, जो खेल की बढ़ती लोकप्रियता को प्रदर्शित करता है। इंग्लैंड की धरती पर अब तक कुल 56 महिला टेस्ट मैच खेले गए हैं, जिनमें से 55 मैच 19 अन्य विभिन्न स्थलों पर आयोजित हुए थे। इनमें वूस्टर का काउंटी ग्राउंड और लंदन का द ओवल प्रमुख रहे हैं। लॉर्ड्स में इस मैच का आयोजन महिला टेस्ट क्रिकेट के बदलते और गौरवशाली स्वरूप का प्रमाण है।
इंग्लैंड में भारतीय टीम का शानदार रिकॉर्ड
भारतीय महिला टीम का इंग्लैंड की सरजमीं पर टेस्ट प्रदर्शन बेहद सराहनीय रहा है। इंग्लैंड में यह भारत का 10वां टेस्ट मैच है, जिसमें टीम आज तक एक भी मुकाबला नहीं हारी है। इससे पहले खेले गए 9 मैचों में भारत ने 2 बार जीत दर्ज की है और 7 मैच ड्रॉ रहे हैं। दोनों देशों के बीच कुल 15 टेस्ट मैचों की बात करें, तो भारत ने 3 मुकाबले जीते हैं, जबकि 11 मैच ड्रॉ रहे हैं। इंग्लैंड की टीम अपने पूरे टेस्ट इतिहास में भारत के खिलाफ मात्र एक बार सफल हो सकी है, जो वर्ष 1995 में जमशेदपुर में हुआ था। तब से लेकर आज तक, भारतीय टीम का पलड़ा इंग्लैंड के खिलाफ भारी रहा है।
ऐतिहासिक मैच का चुनौतीपूर्ण आगाज
लॉर्ड्स के इस ऐतिहासिक मुकाबले में इंग्लैंड की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पिच की हरियाली और शुरुआती नमी को देखते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों को मदद मिलने की पूरी संभावना है। ऐसे में टीम इंडिया की ओपनिंग बल्लेबाज स्मृति मंधाना के लिए यह जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि वह अपने इस 300वें मैच को यादगार बनाएं। कप्तान हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में पूरी भारतीय टीम इस टेस्ट मैच को जीतकर इंग्लैंड दौरे पर अपना दबदबा बनाए रखना चाहेगी। स्मृति मंधाना का यह सफर आने वाली युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और हर भारतीय प्रशंसक यही उम्मीद करेगा कि मंधाना इस ऐतिहासिक दिन पर एक बड़ी और प्रभावशाली पारी खेलें।











