लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर रविवार को महिला क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा सुनहरा पन्ना जुड़ गया, जिसे आने वाली पीढ़ियां लंबे समय तक याद रखेंगी। क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले इस मैदान पर आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उतरते ही इंग्लैंड की सबसे अनुभवी सलामी बल्लेबाज डैनी व्याट-हॉज के सामने एक बड़ा रिकॉर्ड सिर्फ छह रनों की दूरी पर खड़ा था, और उन्होंने मैच के शुरुआती लम्हों में ही उसे अपने नाम कर लिया।
चौथे ओवर में लिखा गया इतिहास
इंग्लैंड की पारी के चौथे ओवर में जैसे ही डैनी व्याट-हॉज ने अपना छठा रन पूरा किया, पूरा लॉर्ड्स मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसी के साथ वह टी20 विश्व कप के किसी एक संस्करण में 300 रनों का आंकड़ा पार करने वाली दुनिया की पहली महिला बल्लेबाज बन गईं। आज तक इस मुकाम पर कोई भी बल्लेबाज नहीं पहुंच पाई थी, और डैनी व्याट-हॉज ने अपनी टीम को खिताबी मुकाबले के सबसे बड़े मंच पर यह कमाल दिखाकर टूर्नामेंट के इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया।
टूर्नामेंट की शुरुआत में ही मचा दी थी तबाही
इंग्लैंड के लिए महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में सबसे ज्यादा कैप हासिल करने वाली डैनी व्याट-हॉज इस पूरे टूर्नामेंट में विरोधी गेंदबाजी आक्रमणों के लिए काल बनी रहीं। उनके बल्ले ने इस विश्व कप में लगातार आग उगली और उन्होंने टूर्नामेंट की शुरुआत बिल्कुल वैसे ही की, जैसा कोई बल्लेबाज केवल सपने में सोच सकती है। 12 जून को बर्मिंघम के मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ इंग्लैंड के पहले ही मैच में उन्होंने महज 62 गेंदों का सामना करते हुए 13 चौकों और 1 छक्के की मदद से नाबाद 105 रनों की विस्फोटक शतकीय पारी खेली थी। इस पारी ने पूरे टूर्नामेंट के लिए उनकी फॉर्म की दिशा तय कर दी। हालांकि इसके बाद के कुछ मैचों में उनका बल्ला थोड़ा शांत रहा। 16 जून को साउथेम्प्टन में आयरलैंड के खिलाफ उन्होंने 16 गेंदों में 3 चौकों की मदद से 16 रन बनाए। वहीं 20 जून को लीड्स के मैदान पर स्कॉटलैंड के खिलाफ वह केवल 11 गेंदें खेलकर 7 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं।
नॉकआउट और बड़े मुकाबलों में निखरा खेल
जैसे ही टूर्नामेंट नॉकआउट और बड़े मैचों की तरफ बढ़ा, डैनी व्याट-हॉज ने अपने गियर बदले और वापस अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में लौट आईं। 24 जून को लॉर्ड्स के इसी ऐतिहासिक मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने 42 गेंदों में 8 चौकों की मदद से 65 रनों की सूझबूझ भरी और आक्रामक पारी खेली। इसके बाद आया 27 जून को द ओवल का वह मुकाबला, जिसने 2024 की विश्व कप विजेता टीम न्यूजीलैंड के हौसले पस्त कर दिए। सेमीफाइनल की रेस में डैनी व्याट-हॉज ने महज 53 गेंदों में नाबाद 89 रनों की आतिशी पारी खेली, जिसमें उनके बल्ले से 15 चौके और 1 गगनचुंबी छक्का निकला। इस एकतरफा प्रदर्शन के दम पर उन्होंने इंग्लैंड को खिताबी मुकाबले के बेहद करीब पहुंचा दिया। इसके बाद 2 जुलाई को द ओवल में ही दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में उन्होंने 9 गेंदों में 2 चौकों के सहारे 12 रन बनाए और टीम को फाइनल का टिकट दिलाने में मदद की। आखिरकार 5 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस महामुकाबले में उन्होंने केवल 4 गेंदों में 1 चौके की मदद से नाबाद 6 रन बनाकर इतिहास रच दिया और 300 रनों के शिखर पर पहुंचने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गईं।
बेथ मूनी का छह साल पुराना महारिकॉर्ड टूटा
डैनी व्याट-हॉज ने इस ऐतिहासिक सफर में ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज बल्लेबाज बेथ मूनी के छह साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इससे पहले किसी एक टी20 विश्व कप संस्करण में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड बेथ मूनी के नाम दर्ज था। मूनी ने साल 2020 के टी20 विश्व कप के दौरान छह मैचों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए कुल 259 रन बनाए थे, और यह आंकड़ा छह साल तक अजेय बना रहा। लेकिन इस साल डैनी व्याट-हॉज की रनों की भूख के आगे वह पुराना रिकॉर्ड बौना साबित हो गया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खिताबी मुकाबले को मिलाकर उन्होंने कुल सात मैच खेले, और इन सात पारियों में उन्होंने महिला क्रिकेट को रनों का एक बिल्कुल नया बेंचमार्क दे दिया, जिसे भविष्य में तोड़ना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होगा।













