श्रेयस अय्यर जब से टीम इंडिया के कप्तान बने हैं, उनका सफर उम्मीदों के विपरीत काफी निराशाजनक रहा है। किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि उनकी कप्तानी का आगाज इतना खराब होगा। अय्यर के नेतृत्व में भारतीय टीम को आयरलैंड के खिलाफ 2 मैचों की टी20 सीरीज में शिकस्त झेलनी पड़ी। इस हार के बाद इंग्लैंड के दौरे पर भी टीम इंडिया का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और वहां खेली गई 5 मैचों की टी20 सीरीज में भी उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। लगातार दो सीरीज हारने के बाद अब टीम की रैंकिंग पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि अगर टीम अपना आखिरी मैच भी हारती है, तो टी20 रैंकिंग में नंबर-1 की कुर्सी छिन सकती है।
कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों के प्रदर्शन की होगी समीक्षा
भारतीय क्रिकेट टीम टी20 प्रारूप में लगातार दो बार वर्ल्ड कप जीतने वाली एकमात्र टीम रही है, जिसके चलते प्रशंसकों और विशेषज्ञों को उनसे हमेशा ही उच्च स्तर के प्रदर्शन की उम्मीद रहती है। मौजूदा हालात को देखते हुए बीसीसीआई ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड से जुड़े सूत्रों के अनुसार, बीसीसीआई अब न केवल खिलाड़ियों बल्कि पूरे कोचिंग स्टाफ की कार्यप्रणाली और उनके प्रदर्शन का व्यापक आकलन करने की तैयारी में है। हालांकि हेड कोच का अनुबंध साल 2027 तक प्रभावी है, लेकिन मौजूदा खराब दौर को देखते हुए उनके पद पर भी अब सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
सूर्यकुमार यादव को हटाना पड़ रहा महंगा
टीम इंडिया ने साल 2026 में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में शानदार खेल दिखाते हुए टी20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया था। उस दौरान टीम का प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा था। हालांकि, सूर्यकुमार यादव एक बल्लेबाज के तौर पर फॉर्म से जूझ रहे थे, जिसके कारण बीसीसीआई ने भविष्य की योजना तैयार करते हुए उन्हें स्क्वाड से बाहर करने और श्रेयस अय्यर को नया कप्तान नियुक्त करने का निर्णय लिया था। वर्तमान परिणाम यह साबित कर रहे हैं कि यह बदलाव टीम के लिए सही साबित नहीं हुआ है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम ने कुल 6 मैच खेले हैं, जिनमें से 5 में उसे करारी हार का सामना करना पड़ा, जबकि एक मैच किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाया और रद्द करना पड़ा। लगातार मिल रही इन हारों ने भारतीय टीम की टी20 की साख को भारी नुकसान पहुँचाया है।











