भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों खिलाड़ियों की चोटों की समस्या से जूझ रही है। वर्तमान में दो दर्जन से अधिक खिलाड़ी बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने के मामलों के सामने आने के बाद नेशनल क्रिकेट एकेडमी के कामकाज पर भी सवाल खड़े होने लगे थे। इस पूरे घटनाक्रम के बीच एनसीए प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले उन्होंने मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के साथ एक वर्चुअल बैठक भी की थी।
मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए वीवीएस लक्ष्मण ने यह स्पष्ट किया कि चोट लगना किसी भी खिलाड़ी के पेशेवर सफर का एक सामान्य हिस्सा है और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को केवल एक रिहैब सेंटर के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कई ऐसे अंदरूनी मुद्दों पर भी रोशनी डाली जो इससे पहले सार्वजनिक नहीं हुए थे। इसी दौरान उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति का नाम लिया जिसके बाद से खेल गलियारों में उसकी चर्चा शुरू हो गई है। यह नाम नितिन पटेल का है, जिन्हें लेकर अब हर तरफ बातें हो रही हैं।
नितिन पटेल भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य फिजियोथेरेपिस्ट रह चुके हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट में एक लंबे समय तक अपनी सेवाएं दी हैं। उनका कार्यकाल उस दौर का है जब सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग जैसे दिग्गज खिलाड़ी अपने करियर के अंतिम पड़ाव और ढलती उम्र के दौर से गुजर रहे थे। उस चुनौतीपूर्ण समय में भी उन्होंने खिलाड़ियों की फिटनेस स्तर को बनाए रखने और उनकी चोटों के प्रबंधन में बेहद अहम जिम्मेदारी निभाई थी। नितिन पटेल पहली बार साल 2007 से 2011 तक भारतीय टीम के मुख्य फिजियो के पद पर कार्यरत रहे। इस समयावधि के दौरान उन्होंने पर्दे के पीछे रहकर भारतीय टीम को टी20 विश्व कप और वनडे विश्व कप का चैंपियन बनाने में अपनी गुप्त लेकिन बेहद महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।
इसके बाद नितिन पटेल साल 2019 में एक बार फिर से भारतीय टीम के साथ जुड़े। अपने इस दूसरे कार्यकाल के दौरान उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी जैसे आधुनिक युग के दिग्गजों की फिटनेस का बेहतरीन तरीके से प्रबंधन किया। बाद में उन्हें नेशनल क्रिकेट एकेडमी में बीसीसीआई की स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिकल टीम का प्रमुख नियुक्त कर दिया गया। नितिन पटेल के अपने पद से हटने के बाद से बीसीसीआई फिलहाल बिना किसी आधिकारिक स्पोर्ट्स साइंस प्रमुख के अपना कामकाज चला रहा है। वीवीएस लक्ष्मण ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य रूप से इसी खालीपन और उनकी सेवाओं के महत्व को रेखांकित करने के लिए उनका जिक्र किया था।



















