श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत के करियर के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है। सीरीज की शुरुआत से पहले खेले गए तीन दिवसीय अभ्यास मैच में वह दोनों ही पारियों में बुरी तरह असफल रहे। पहली पारी में वह केवल 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए, जबकि दूसरी पारी में उनके बल्ले से महज 28 रन ही निकले। उनके खेलने के तरीके से बिल्कुल भी यह आभास नहीं हुआ कि वह मुकाबले को लेकर गंभीर थे और मैदान पर पूरी जिम्मेदारी के साथ खेल रहे थे।
लापरवाह रवैया और कमजोर शॉट चयन
बल्लेबाजी के दौरान ऋषभ पंत का रुख बेहद गैर-जिम्मेदाराना नजर आया। वह अक्सर ऑफ स्टम्प से बाहर जाती हुई गेंदों को अपने पैरों से रोकने का प्रयास करते दिखे या फिर मैदान पर अनावश्यक रूप से कूल दिखने के चक्कर में स्ट्रोक खेलने से चूक गए। हालांकि वह अपने अनूठे और अपरंपरागत शॉट्स के लिए जाने जाते हैं, लेकिन मौजूदा नाकामी के सिलसिले को देखते हुए उन्हें अपनी तकनीक और एकाग्रता पर गंभीरता से काम करना होगा। ऐसा इसलिए भी जरूरी है क्योंकि टीम इंडिया में उनकी जगह पर दावा ठोकने के लिए ध्रुव जुरेल और ईशान किशन जैसे युवा खिलाड़ी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
सीमित ओवरों के प्रारूप से बाहर रहने का लंबा सिलसिला
ऋषभ पंत के खेल में निरंतरता की कमी का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि वह पिछले दो वर्षों से सीमित ओवरों की क्रिकेट से पूरी तरह बाहर चल रहे हैं। भारतीय टीम के लिए उन्होंने आखिरी बार साल 2024 में वनडे और टी20 मुकाबले खेले थे, जिसके बाद उन्हें केवल रेड-बॉल फॉर्मेट में ही आजमाया जा रहा है। इस अंतराल में ईशान किशन और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ियों ने मिले मौकों का पूरा लाभ उठाया है। यदि पंत टेस्ट प्रारूप में भी इसी तरह का गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाए रखते हैं, तो मुख्य कोच गौतम गंभीर के लिए उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर का रास्ता दिखाना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा।
टेस्ट क्रिकेट में भी जूझते नजर आ रहे पंत
यह समस्या सिर्फ व्हाइट-बॉल क्रिकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि लंबे प्रारूप में भी ऋषभ पंत का प्रदर्शन संघर्षपूर्ण रहा है। वह अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला अफगानिस्तान के खिलाफ खेले थे, जिसमें उन्होंने 81 रनों की पारी खेली थी। हालांकि इस फॉर्मेट में उनका पिछला शतक साल 2025 में आया था। इस दौरान उन्हें कई मुकाबलों में अच्छी शुरुआत जरूर मिली, लेकिन वे अपनी उन पारियों को बड़े स्कोर में तब्दील करने में लगातार नाकामयाब रहे हैं।



















