क्रिकेट के मैदान पर कई बार ऐसा चमत्कार देखने को मिलता है जो हारी हुई बाजी को पूरी तरह पलट देता है। लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में कुछ ऐसा ही करिश्मा हुआ जब पाकिस्तान की टीम मुश्किल स्थिति में थी। निचले क्रम पर बल्लेबाजी करने उतरे शादाब खान ने विरोधी गेंदबाजों की रणनीति को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। उन्होंने 96 गेंदों पर नाबाद 113 रन की बेहतरीन शतकीय पारी खेली जिसके दम पर टीम ने एक विकेट से मुकाबला अपने नाम किया और ट्राई सीरीज के फाइनल में जगह पक्की की। दूसरी ओर, इस शिकस्त के साथ इंग्लैंड की टीम को लगातार तीसरे मुकाबले में नाकामी का मुंह देखना पड़ा है।
शुरुआती दौर में शादाब संघर्ष करते नजर आए और एक समय उनके नाम 28 गेंदों पर मात्र 19 रन दर्ज थे। इसके बाद उन्होंने अपनी गति बढ़ाई और मैदान के चारों तरफ शॉट लगाते हुए मुकाबला पाकिस्तान के पक्ष में मोड़ दिया। शुरुआती आठ विकेट जल्दी गिरने के बावजूद पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने हार नहीं मानी और आखिरी छोर की साझेदारियों के बल पर लक्ष्य को हासिल कर लिया। इस मुकाबले के दौरान कई ऐसे अनोखे आंकड़े सामने आए जिन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए अमर कर दिया।
अंतिम विकेट के लिए रिकॉर्ड साझेदारी
पारी के आठ बल्लेबाज आउट होने के बाद पाकिस्तान ने स्कोरबोर्ड में 112 रन जोड़े जिसमें अकेले शादाब खान का योगदान 100 रन का रहा। शादाब खान और हारिस रऊफ ने 10वें विकेट के लिए अटूट 89 रन जोड़कर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। इस मैच में दोनों तरफ से अंतिम विकेट के लिए हुई साझेदारियां काफी अहम रहीं। इंग्लैंड ने अपनी पारी के दसवें विकेट के लिए 40 रन जोड़े थे जबकि पाकिस्तान की तरफ से शादाब और रऊफ ने नाबाद 89 रन की साझेदारी की। इस प्रकार दोनों पारियों के दसवें विकेट को मिलाकर कुल 129 रन बने जो एक नया कीर्तिमान है। इससे पहले साल 2009 में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच हुए एक मैच में अंतिम विकेट के लिए कुल 116 रन बने थे।
इंग्लैंड के लिए लगातार दूसरी बेहद करीबी हार
अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय इतिहास में ऐसा कम ही हुआ है कि इंग्लैंड को लगातार दो मैचों में दो या उससे कम विकेट के अंतर से हार झेलनी पड़ी हो। इससे पहले साल 1996 और 2003 में ही ऐसी स्थिति आई थी। इस बार पहले श्रीलंका ने उन्हें दो विकेट से हराया और अब पाकिस्तान ने एक विकेट से मात दी है। इस अनचाही सूची में भारत का नाम भी शामिल रह चुका है जब उसे 2014 एशिया कप के दौरान श्रीलंका से दो विकेट और पाकिस्तान से एक विकेट से शिकस्त मिली थी। लाहौर के मैदान पर मिली यह सफलता एकदिवसीय मुकाबलों में इंग्लैंड के विरुद्ध पाकिस्तान की पहली ऐसी जीत है जो एक विकेट के अंतर से आई है। कुल मिलाकर एकदिवसीय इतिहास में पाकिस्तान ने नौवीं बार एक विकेट से जीत दर्ज की है जबकि इंग्लैंड को इस अंतर से अब तक छह बार हार का सामना करना पड़ा है।















