तेज गर्मी में शरीर अकड़ता रहा, मांसपेशियों में ऐंठन होती रही, फिर भी भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे वनडे में बल्ले से कमाल कर दिखाया. लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इस यादगार शतकीय पारी के बाद गिल के चेहरे पर वैसी खुशी नहीं थी जैसी आमतौर पर सेंचुरी के बाद दिखती है. वजह यह कि कप्तान के मन में शतक नहीं, बल्कि दोहरे शतक का सपना चल रहा था जो पूरा नहीं हो सका.
403 रन का पहाड़ और 170 रन की बड़ी जीत
इस मुकाबले में गिल ने 154 रन बनाए, जबकि ईशान किशन ने भी शतक जड़ते हुए 125 रन की पारी खेली. दोनों के दम पर टीम इंडिया ने 403 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. जवाब में अफगानिस्तान की पूरी टीम 44.3 ओवर में 232 रन पर ढेर हो गई और भारत ने यह मैच 170 रन के बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया.
'मैं 200 रन बनाना चाहता था'
मैच जीतने के बाद गिल ने अपनी पारी और मंशा खुलकर साझा की. उन्होंने कहा, ‘‘मैं जहां गेंद को मारना चाह रहा था गेंद वहीं जा रही थी. मैं आत्मविश्वास से भरा था. सीरीज से पहले मेरा लक्ष्य मैच खत्म करना और 40-45 ओवर तक बल्लेबाजी करना था. मैं 200 रन बनाना चाहता था लेकिन मुझे लगातार शॉट खेलने पड़ रहे थे. मैं स्कोर को 430 रन तक ले जाना चाहता था लेकिन डीप कवर पर कैच आउट हो गया.’’ साफ है कि कप्तान बड़े स्कोर की चाह में रिस्क लेते रहे और इसी कोशिश में उनकी पारी थम गई.
तेज गेंदबाजों की तारीफ में बोले कप्तान
गिल टॉस को ज्यादा अहमियत नहीं देते. उन्होंने कहा, ‘‘टॉस से अधिक फर्क नहीं पड़ा. अगर हमें 310-320 रन का लक्ष्य मिला होता तो टीम पर अच्छा दबाव होता. सब कुछ अच्छी स्थिति में है. तेज गेंदबाज लगातार सही जगह पर गेंदबाजी कर रहे हैं जो आसान नहीं है.’’ मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए गिल ने माना कि भीषण गर्मी ने उन्हें खासा परेशान किया, शरीर में सूजन और जकड़न की दिक्कत हुई, मगर अब हालत बेहतर है. उन्होंने कहा, ‘‘थोड़ी तकलीफ है. अलग-अलग जगहों पर काफी ऐंठन हुई. बहुत गर्मी थी. मैंने 40-45 ओवर तक बल्लेबाजी की. अब काफी बेहतर महसूस कर रहा हूं. मैं अच्छी स्थिति में हूं.’’
अफगान कप्तान को खली गेंदबाजी की नाकामी
दूसरी ओर अफगानिस्तान के कप्तान हशमतुल्लाह शाहीदी ने हार के बाद माना कि उनके गेंदबाज उम्मीद पर खरे नहीं उतरे. उन्होंने कहा, ‘‘आप सब कुछ टॉस पर नहीं छोड़ सकते. हमारी गेंदबाजी अच्छी नहीं थी. हमने शुरुआती 20 ओवरों में उन्हें लय दे दी. गर्मी थी लेकिन साथ ही आपको अच्छी गेंदबाजी भी करनी होती है. आज हम जीत नहीं पाए. उम्मीद है कि हम इससे सीखेंगे.’’
रसूली की चोट और चेन्नई से उम्मीद
पैर में जकड़न की वजह से रसूली के रिटायर्ड हर्ट होने पर शाहीदी ने स्थिति साफ की. उन्होंने कहा, ‘‘रसूली को जकड़न को रही थी. मैंने उनसे पूछा कि क्या वह ठीक हैं. वह ठीक थे और मैंने उनसे कहा कि वह मेरे से पहले बल्लेबाजी करने जाएं. हमें किसी ऐसे खिलाड़ी की जरूरत थी जो बड़े शॉट खेल सके लेकिन दुर्भाग्य से उन्हें फिर से जकड़न हो गई. यह एक मुश्किल श्रृंखला रही है, उम्मीद है कि हम चेन्नई में अच्छा खेलेंगे. रहमत और गुरबाज का प्रदर्शन अच्छी बातें हैं, लेकिन हमें गेंदबाजी में बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत है.’’ कुल मिलाकर रहमत और गुरबाज की बल्लेबाजी अफगान खेमे के लिए राहत की बात रही, मगर गेंदबाजी विभाग में सुधार की जरूरत अब भी बनी हुई है.













