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लाइव: केरल में भारी बारिश की चेतावनी, IMD ने 12 जिलों में जारी किया ऑरेंज अलर्ट — 2 अगस्त 2026लाइव
2 अग॰ 2026, 10:53 am (45 दिन पहले)· 0

लाइव: केरल में भारी बारिश की चेतावनी, IMD ने 12 जिलों में जारी किया ऑरेंज अलर्ट — 2 अगस्त 2026

केरल में भीषण बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिसमें कई लोगों की जानें चली गई हैं और भारी नुकसान हुआ है। राज्य के मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों से हजारों लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया गया है और राहत कार्य तेजी से जारी हैं।

केरल में भीषण बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिसमें कई लोगों की जानें चली गई हैं और भारी नुकसान हुआ है। राज्य के मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों से हजारों लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया गया है और राहत कार्य तेजी से जारी हैं।

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  1. राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों के प्रति जताई संवेदना, कहा- संकट की इस घड़ी में पूरा केरल एक साथ

    केरल में आई बाढ़ के कारण हुई जनहानि पर दुख व्यक्त करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पूरे राज्य में मूसलाधार बारिश से हुई तबाही से वह बेहद व्यथित हैं। उन्होंने जान गंवाने वाले आठ लोगों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की। इसके साथ ही, उन्होंने आशा जताई कि लापता लोग जल्द और सुरक्षित मिल जाएंगे तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
  2. इडुक्की के 13 राहत शिविरों में 187 लोगों को कराया गया भर्ती

    इडुक्की ज़िले के 13 राहत शिविरों में कुल 187 लोगों को पहुंचाया गया है। पीरुमेडु और थोडुपुज़ा तालुकों में कल सुबह 200 मिमी से भी अधिक अत्यंत भारी बारिश हुई, जिससे इडुक्की में लगातार कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ। - संदीप वेलाराम
  3. कासरगोड ज़िले में अगले 48 घंटों के लिए हाई अलर्ट, 5 शिविरों में 208 निवासी

    कासरगोड ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने आज मानसून के हालातों की समीक्षा की और ज़िले के विभिन्न इलाकों में जारी भारी बारिश को देखते हुए सभी विभागों को अगले दो दिनों तक अत्यधिक सतर्क रहने का निर्देश दिया। DDMA बैठक की अध्यक्षता करते हुए ज़िला कलेक्टर अर्जुन पांडियन ने बताया कि प्रशासनिक तंत्र ने बीते दिनों में त्वरित कार्रवाई की है और राहत कार्यों को मुस्तैदी से संचालित किया है। उन्होंने हर विभाग को किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए तत्पर रहने का हुक्म दिया। ज़िले में मूसलाधार बारिश जारी रहने के कारण कासरगोड में बाढ़ का ख़तरा बना हुआ है, जहां पांच राहत शिविरों में इस समय 208 लोग शरण लिए हुए हैं।
  4. खराब मौसम की चेतावनियों के बावजूद क्यों समुद्र में जाने का जोखिम उठा रहे हैं केरल के मछुआरे?

    केरल के उफनते समुद्र तटों पर मुथलापोझी, विझिंजम, तंगासेरी और नींदकरा से दो मछुआरों की मौत और पांच के लापता होने की खबर एक गंभीर मानवीय संकट की ओर इशारा करती है। यह तमाम हादसे 29 जुलाई से शुरू हुई उस अल्पावधि के दौरान हुए जब पूरे क्षेत्र में मत्स्य पालन गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध की मौसम चेतावनी प्रभावी थी। गरीब मछुआरा परिवारों के लिए लगातार कई दिनों तक काम बंद रखने का मतलब है आजीविका का पूरी तरह खत्म हो जाना, जिसके चलते मौसम संबंधी सलाहों को मानना उनके लिए एक महंगा विकल्प बन जाता है। इस बीच, प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि वे कई तटीय केंद्रों से जोखिम भरी नौकाओं की रवानगी रोकने में खुद को असमर्थ पा रहे हैं। गरीबी और अपर्याप्त सहायता के चलते केरल के मछुआरे अपनी जान जोखिम में डालकर सुरक्षा के मुकाबले दैनिक भरण-पोषण को प्राथमिकता देने पर मजबूर हैं।
  5. बारिश की आपदा के बीच मलप्पुरम में कार्यक्रम में शामिल होने पर CPI(M) नेताओं ने साधा निशाना

    CPI(M) के नेताओं ने आज मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के मलप्पुरम में यूथ लीग नेता के आवास दौरे की तीखी आलोचना की। पार्टी का आरोप है कि राज्य भर में हजारों लोगों के बारिश जनित आपदा से जूझने के दौरान ऐसा कदम अनुचित था। एक फेसबूक पोस्ट में, CPI(M) के राज्यसभा MP ए.ए. रहीम ने मलप्पुरम के पोन्नानी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के दृश्य साझा किए और कहा कि पुष्टि करने से पहले उन्हें इस खबर पर विश्वास करना मुश्किल लग रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां कई जिलों के लोग त्रासदी के कारण परेशानी झेल रहे थे, वहीं सतीशन ने मलप्पुरम के पोन्नानी में यूथ लीग नेता के घर पर एक मेहमान के रूप में समय बिताया और शानदार भोजन का आनंद लिया।
  6. थोट्टापल्ली स्पिलवे के समय पर खुलने से अलप्पुझा में टला बड़ा बाढ़ संकट: MLA सुधाकरन

    MLA जी. सुधाकरन ने आज कहा कि सिंचाई विभाग द्वारा थोट्टापल्ली स्पिलवे के द्वारों को समय पर खोलने से पंबा और मनिमाला नदियों से भारी पानी के प्रवाह के बावजूद कुट्टनाड और अंबालापुझा क्षेत्रों में भीषण बाढ़ का खतरा टल गया। बारिश प्रभावित पथनमथिट्टा और कोट्टायम जिलों से होकर बहने वाली पंबा और मनिमाला नदियों का बाढ़ का पानी अरब सागर में गिरने से पहले अलप्पुझा के निचले कुट्टनाड इलाके में पहुंचता है। जिले में स्थित थोट्टापल्ली स्पिलवे के अलावा, तन्नीर्मुक्कम और अंधकारनाझी के तटबंध पानी के तेज बहाव को नियंत्रित करने और कृषि गतिविधियों के लिए समुद्री जल के प्रवेश को रोकने का काम करते हैं।
  7. एर्नाकुलम में थमी बारिश, बाढ़ प्रभावित इलाकों में जलस्तर घटने से राहत

    एर्नाकुलम के कई इलाकों को बेहाल करने वाली मूसलाधार बारिश के एक दिन बाद आज मौसम के मिजाज में सुधार देखा गया। भारी बारिश रुकने और आसमान साफ होने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर धीरे-धीरे नीचे आ रहा है। कल की भीषण बारिश से प्रभावित कोठमंगलम और मुवात्तपुझा में जनजीवन अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। बारिश रुकने के बाद एर्नाकुलम में पानी का स्तर घटने से स्थिति सामान्य हो रही है, हालांकि प्रशासनिक दल मौसम में किसी भी बदलाव के प्रति सतर्क हैं।
  8. कोझिकोड के ग्रामीण इलाकों में भारी बारिश के बाद कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया

    मूसलाधार बारिश और नदियों के जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि के कारण कल कोझिकोड जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया। नदी का पानी छलकने से एंगापुझा शहर और उसके आसपास के इलाके जलमग्न हो गए, जिसके बाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने तुरंत लोगों को सुरक्षित निकालने के उपाय शुरू किए। कोझिकोड में भारी बारिश की वजह से जलभराव और निकासी की स्थिति बन गई है, जिससे प्रभावित इलाकों में परिवारों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचा है।
  9. स्वास्थ्य प्रणाली बारिश से जुड़ी समस्याओं से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार: मंत्री मुरलीधरन

    केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने आज कहा कि राज्य की चिकित्सा व्यवस्था बारिश से पैदा होने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद है। उन्होंने बताया कि राहत शिविरों में ठहराए गए लोगों की देखभाल के लिए स्वास्थ्य पेशेवरों की टीमों को सभी शिविरों में तैनात करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पत्रकारों से बात करते हुए श्री मुरलीधरन ने यह भी बताया कि जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रख लिया गया है और राज्य के आपदा-संभावित इलाकों में स्वास्थ्य अधिकारियों को चौकस रहने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है और बारिश से उत्पन्न हालात पर पैनी नजर रख रहा है। - PTI
  10. कोट्टायम और पथानामथिट्टा में तेज बारिश से कई जगह भूस्खलन और बाढ़

    शुक्रवार शाम से जारी मूसलाधार बारिश के चलते कोट्टायम और पथानामथिट्टा जिलों के पूर्वी पहाड़ी क्षेत्रों में कई जगह भूस्खलन और अचानक बाढ़ आई है। इस आपदा में एक व्यक्ति की जान चली गई, दो लोग लापता हैं, और मकानों, रास्तों व फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कोट्टायम और पथानामथिट्टा में मूसलाधार बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन से तबाही के बाद प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है और राहत अभियान तेज कर दिए गए हैं।
  11. पूनजार में भूस्खलन की चपेट में आने से मां-बेटे की मौत

    कोट्टायम में कल मूसलाधार बारिश के बाद हुए भूस्खलन में पूनजार थेक्केकारा के काइपल्ली स्थित पयानीथोट्टम में एक मकान मलबे में दब गया, जिससे दो लोगों की मृत्यु हो गई। पूनजार में भारी बारिश के कारण आई इस प्राकृतिक आपदा में मकान पर चट्टान और मिट्टी गिरने से मां और बेटे की दर्दनाक मौत हो गई।
  12. कोझिकोड में बनाए गए 34 राहत शिविर, 515 प्रभावित लोग पहुंचाए गए

    बारिश से पैदा हुई आपदा की स्थिति से निपटने के लिए कोझिकोड में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की ओर से 34 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से चलाए जा रहे इन केंद्रों में इस समय महिलाओं और बच्चों समेत कुल 515 लोग शरण लिए हुए हैं, जिन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता और देखभाल मुहैया कराई जा रही है।
  13. कोझिकोड में जलजमाव वाले आंगन में गिरने से दो साल के मासूम की मौत

    कोझिकोड जिले में शनिवार रात एक दुखद हादसे में दो वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। काप्पड़ के पास कन्ननकदावु निवासी नौशाद का बेटा मासीन अपने घर के जलभराव वाले आंगन में गिर गया था। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे एक निजी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
  14. थामरस्सेरी घाट मार्ग पर यातायात पर पाबंदी, कोझिकोड में पर्यटन स्थल बंद

    कोझिकोड में भारी वर्षा और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने कल थामरस्सेरी घाट मार्ग पर यातायात प्रतिबंध लागू कर दिए। इसके साथ ही प्रशासन ने एहतियात के तौर पर जिले भर में स्थित सभी जल पर्यटन और इको-टूरिज्म केंद्रों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए हैं।
  15. केरल में बारिश जनित हादसों में आठ मौतों की पुष्टि: मुख्यमंत्री कार्यालय

    मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार से हो रही भीषण बारिश के कारण केरल में आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इस दौरान 13 लोग घायल हुए हैं, जबकि 5,792 लोगों को सुरक्षित 209 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। बारिश और बाढ़ की वजह से 27 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं तथा 196 मकानों को आंशिक रूप से क्षति पहुंची है।
  16. वायनाड में भारी बारिश का तांडव, भूस्खलन के बाद कई परिवारों को किया गया विस्थापित

    पिछले दो दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के जोर पकड़ने से वायनाड जिले में भारी तबाही हुई है, जहां कई इलाके जलजमाव और भूस्खलन की चपेट में हैं। बिगड़ते हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने कल राहत शिविर खोलकर संवेदनशील इलाकों से लोगों को स्थानांतरित करना शुरू कर दिया। इसी दौरान चेक्कन्नी कट्टुनायका उन्नति आदिवासी बस्ती में भूस्खलन के कारण एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से तीन परिवारों के नौ लोगों को राहत शिविर में भेजा गया है।
  17. मुथलापोझी नौका हादसा: लापता मछुआरों में से एक का शव बरामद

    तिरुवनंतपुरम जिले के मुथलापोझी में शुक्रवार रात मछली पकड़ने वाली नौका पलटने से लापता हुए दो मछुआरों में से एक का शव शनिवार सुबह तलाशी अभियान के दौरान बरामद कर लिया गया। मृतक की पहचान अंचुथेंगू के रहने वाले 28 वर्षीय फ्रीमन के रूप में हुई है।
  18. केरल में भीषण बारिश का तांडव, हादसों में आठ लोगों की मौत

    केरल में शुक्रवार रात से शनिवार तक हुई अत्यधिक भारी बारिश के कारण हुए हादसों में आठ लोगों की जान चली गई। इस मूसलाधार बारिश ने खासकर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। राज्य भर में आठ लोगों की मौत की पुष्टि के बीच आपदा राहत और बचाव कार्य जारी हैं, जबकि बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सहायता पहुंचाई जा रही है।
  19. कन्नूर में भारी तबाही: दो लोग लापता, 26 लोगों को राहत शिविर में भेजा गया

    कन्नूर जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में कल हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ, जिससे सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, घरों में पानी भर गया और प्रशासन को यात्रा तथा पर्यटन गतिविधियों पर पाबंदियां लगानी पड़ीं। उलिक्कल ग्राम पंचायत के पेराट्टा थोटीपालम में रिहाइशी मकानों में पानी घुसने के बाद आठ परिवारों के 26 सदस्यों को राहत शिविर में स्थानांतरित किया गया। स्थानीय लोगों की मदद से अग्निशमन एवं बचाव दल ने घरों में फंसे 19 वयस्कों और सात बच्चों को सुरक्षित निकालकर कैंप में पहुंचाया। कन्नूर में मूसलाधार बारिश से सड़कें टूटने और जलभराव के बीच दो लापता लोगों की तलाश के लिए राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं।
  20. केरल में लगातार बारिश से मुल्लापेरियार बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा

    केरल के कई इलाकों में पिछले 24 से 30 घंटों के दौरान हुई मूसलाधार बारिश के चलते कल मुल्लापेरियार बांध के जलस्तर में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। जल संसाधन विभाग और राजस्व प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि केरल में भारी बारिश के कारण मुल्लापेरियार जलाशय में पानी की आवक पहले 454 क्यूसेक से बढ़कर 1,012 क्यूसेक हुई, फिर 2,649 क्यूसेक और इसके बाद 7,000 क्यूसेक तक पहुंच गई। इसके परिणामस्वरूप बांध का जलस्तर 31 जुलाई को 112.45 फीट से बढ़कर 1 अगस्त को सुबह 6 बजे 113.70 फीट और शाम 6 बजे तक 116 फीट तक पहुंच गया। मुल्लापेरियार बांध में जलस्तर की इस तेजी से बढ़ोतरी को देखते हुए इडुक्की की जिलाधिकारी ने लोगों से पहाड़ी घाट रास्तों पर रात के समय यात्रा न करने का आग्रह किया है।
  21. केरल में बारिश का कहर: बादलों के फटने जैसी स्थिति ने मौसम पूर्वानुमान और तैयारियों पर खड़े किए सवाल

    केरल में अवदाब और तटीय ट्रफ के प्रभाव से हुई अत्यधिक भारी बारिश ने कई इलाकों में बादल फटने जैसे हालात पैदा कर दिए, जहां बेहद कम समय के भीतर मुसलाधार बारिश हुई। यद्यपि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आधिकारिक तौर पर बादल फटने की पुष्टि नहीं की है, फिर भी केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) के पथानामथिट्टा स्थित वडासेरीकरा वर्षा मापी केंद्र पर कल सुबह 8:30 बजे समाप्त हुए 24 घंटों में 361 मिमी बारिश दर्ज की गई। केरल में आई इस भीषण आपदा ने अत्यधिक वर्षा के समय सटीक मौसम पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन की तैयारियों में मौजूद कमियों को उजागर किया है।
  22. कोझिकोड की इरुवझिंजी नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने कायकिंग प्रतियोगिता की रद्द

    कोझिकोड की इरुवझिंजी नदी में आज होने वाली वार्षिक वाइट-वाटर कायकिंग प्रतियोगिता 'मलबार रिवर' से जुड़े सभी कार्यक्रमों को भारी बारिश और खराब मौसम के कारण जिला प्रशासन ने निरस्त कर दिया है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इरुवझिंजी और चालियार नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इसके चलते वहां आयोजित होने वाले सभी अभ्यास सत्रों पर भी रोक लगा दी गई है। आयोजकों, खिलाड़ियों और स्थानीय लोगों को नदी के किनारों पर न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। सुरक्षा के लिए पुलिस तथा अग्निशमन और बचाव सेवाओं को तैनात किया गया है। जिला कलेक्टर एम.एस. माधवीकुट्टी ने आदेश जारी कर सभी संबंधित विभागों को अत्यधिक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
  23. 2 अगस्त को भारी बारिश की संभावना से केरल में अलर्ट जारी, 12 जिलों में जोखिम बढ़ा

    केरल में रविवार (2 अगस्त, 2026) को भी भारी वर्षा और बाढ़ की आशंका को देखते हुए व्यापक तैयारियां की गई हैं, जो राज्य भर में तबाही मचाने वाले तूफानी दिनों का ही नया सिलसिला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 12 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, पालक्काड, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में मूसलाधार बारिश, अचानक बाढ़, भूस्खलन तथा बस्तियों और सड़कों पर जलभराव की चेतावनी दी है। राज्य भर में बाढ़ के खतरे के बीच 2 अगस्त को संभावित भारी बारिश से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
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