लाल गेंद के क्रिकेट में आम तौर पर युवा प्रतिभाओं को तराशने और भविष्य की तैयारियों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जाता है, लेकिन साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच जारी दूसरे टेस्ट मुकाबले ने चयन के मोर्चे पर एक दिलचस्प और दुर्लभ नजारा पेश किया है। मेजबान साउथ अफ्रीकी टीम की शुरुआती ग्यारह खिलाड़ियों की सूची में तीस साल या उससे ज्यादा उम्र के आठ खिलाड़ी जगह पाने में सफल रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट के लंबे इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब दक्षिण अफ्रीकी खेमे में एक सदी से ज्यादा यानी पूरे 102 साल के लंबे अंतराल के बाद इतने अधिक परिपक्व और अनुभवी खिलाड़ियों को एक साथ मैदान पर उतारा गया है। दूसरी तरफ मेहमान ऑस्ट्रेलियाई टीम ने भी अपनी पूरी प्लेइंग इलेवन में केवल उन्हीं खिलाड़ियों को मौका दिया है जिनकी उम्र तीस वर्ष या उससे अधिक है।
सेंट जॉर्ज पार्क में मुकाबला और बारिश का खलल
दोनों टीमों के बीच खेली जा रही तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला का दूसरा मुकाबला 18 अक्टूबर को गकेबरहा के प्रतिष्ठित सेंट जॉर्ज पार्क मैदान पर शुरू हुआ। हालांकि मैच के पहले दिन मौसम ने करवट ली और मूसलाधार बारिश के चलते केवल 12.2 ओवरों का ही खेल संभव हो पाया। टॉस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने पहले गेंदबाजी करने का रणनीतिक निर्णय लिया। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड ने शुरुआती सफलता हासिल करते हुए दोनों ओपनरों को पवेलियन की राह दिखाई, जिसके चलते मेजबान टीम महज़ 20 रन के स्कोर पर अपने दो शुरुआती विकेट गंवा बैठी।
साउथ अफ्रीकी टीम में बड़े बदलाव और उम्रदराज संयोजन
डरबन में खेले गए पहले टेस्ट मैच में 214 रनों की बड़ी शिकस्त झेलने वाली साउथ अफ्रीकी चयन समिति ने दूसरे मुकाबले के लिए अपनी अंतिम एकादश में तीन महत्वपूर्ण बदलाव किए। तीस साल के मार्क्स एकरमैन को इस मुकाबले के जरिए अपने टेस्ट करियर का आगाज करने का मौका मिला, जबकि मैथ्यू ब्रीट्जके और कगिसो रबाडा ने भी टीम में अपनी वापसी दर्ज कराई। मार्क्स एकरमैन और कगिसो रबाडा के जुड़ने के साथ ही साउथ अफ्रीका की प्लेइंग इलेवन में तीस साल से अधिक आयु वाले खिलाड़ियों की कुल संख्या आठ तक पहुंच गई। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 1924 के बाद यह पहला अवसर है जब साउथ अफ्रीकी टीम ने इतने अधिक उम्रदराज खिलाड़ियों के साथ मैदान पर कदम रखा है, जिससे एक सदी पुराना संयोजन पुनर्जीवित हो गया है।
ऑस्ट्रेलियाई एकादश की अनूठी तस्वीर और ऐतिहासिक तुलना
इस मुकाबले में कंगारू टीम ने भी अनुशासन का परिचय देते हुए केवल तीस साल या उससे अधिक उम्र के खिलाड़ियों को अपनी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनाया है। मेहमान टीम की तरफ से मैट रेनशॉ सबसे युवा खिलाड़ी हैं जिनकी आयु ठीक तीस वर्ष है, जबकि अनुभवी स्टीव स्मिथ और तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड 37-37 वर्ष की आयु के साथ सबसे वरिष्ठ खिलाड़ी हैं। वहीं साउथ अफ्रीका की तरफ से स्पिन गेंदबाज साइमन हार्मर 37 साल के साथ सबसे उम्रदराज सदस्य हैं, जबकि तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर मार्को यानसन 26 वर्ष की आयु के साथ टीम के सबसे युवा खिलाड़ी हैं। दोनों दलों के सभी खिलाड़ियों को मिला दिया जाए तो इस मुकाबले में तीस साल या उससे अधिक आयु के कुल 19 खिलाड़ी मैदान पर सक्रिय रूप से मौजूद हैं। इससे पहले वर्ष 1926 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच नॉटिंघम में खेले गए एक टेस्ट मैच के दौरान 30 वर्ष से अधिक उम्र के 20 खिलाड़ियों ने सामूहिक रूप से हिस्सा लिया था, जिसके बाद यह मुकाबला क्रिकेट इतिहास के पन्नों में एक और दुर्लभ उदाहरण के रूप में दर्ज हो रहा है।
क्रिकेट जगत से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण खबरों के लिए पढ़ें बांग्लादेश की नई कप्तान और बाबर आजम के नए कीर्तिमान से जुड़ी खबरें।


















