क्रिकेट के खेल में जब भी स्कोरबोर्ड पर नौ या दस विकेट गिर जाते हैं और मैदान पर आखिरी यानी नंबर 11 का बल्लेबाज उतरता है, तो आम तौर पर दर्शकों की उम्मीदें खत्म हो जाती हैं। स्टेडियम में बैठे फैंस अपनी सीटों से उठने लगते हैं, टीवी देख रहे दर्शक चैनल बदल देते हैं और विरोधी टीम जीत का जश्न मनाने की तैयारी करने लगती है। यह बात पूरी तरह सच है कि इस पायदान पर उतरने वाले खिलाड़ी से कोई भी बड़े स्कोर की उम्मीद नहीं करता है, क्योंकि उनका मुख्य काम विकेट बचाना या साथियों का साथ देना होता है। हालांकि, अगर सौ साल से ज्यादा पुराने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास पर नजर डाली जाए, तो कुछ ऐसे असाधारण मौके भी आए हैं जब इस आखिरी नंबर के खिलाड़ियों ने अपने बल्ले से ऐसा कमाल दिखाया कि पूरी दुनिया हैरान रह गई।
एश्टन एगर की ऐतिहासिक पारी और चूक
इस खास रिकॉर्ड सूची में सबसे पहला और सबसे बड़ा नाम ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के स्पिनर एश्टन एगर का आता है। साल 2013 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने टेस्ट करियर का आगाज करते हुए इस खिलाड़ी ने मैदान पर उतरकर तहलका मचा दिया था। जब वह बल्लेबाजी करने आए, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि वह क्या करने वाले हैं। उन्होंने अपनी अद्भुत बल्लेबाजी का मुजाहिरा करते हुए 101 गेंदों का सामना किया और ताबड़तोड़ अंदाज में 98 रन बना डाले। वह अपने पहले ही टेस्ट मैच में शतक जड़ने से महज 2 रन से चूक गए, लेकिन टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में नंबर 11 पर सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा लिया। आज भी उनकी यह पारी निचले क्रम के बल्लेबाजों की सबसे बेहतरीन पारियों में गिनी जाती है।
भारतीय खिलाड़ी जहीर खान का जलवा
नंबर 11 पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे बड़ी पारियों की इस सूची में भारत का नाम भी शामिल है, जो हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी के लिए गर्व की बात है। तेज गेंदबाज जहीर खान ने साल 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ ढाका में खेले गए मुकाबले में अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया था। उन्होंने क्रीज पर टिककर शानदार संघर्ष किया और 75 रनों की बेहतरीन पारी खेली। उनकी इस यादगार पारी ने यह साबित कर दिया था कि भारतीय गेंदबाजों में भी निचले क्रम पर आकर टीम के लिए मूल्यवान रन जोड़ने की गजब की काबिलियत है और वह सिर्फ गेंदबाजी तक सीमित नहीं हैं।
आयरलैंड, वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बल्लेबाजों का कमाल
इस प्रतिष्ठित सूची में अन्य देशों के खिलाड़ियों का योगदान भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। साल 2019 में आयरलैंड के टी मुरतग ने अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले में अद्भुत संयम दिखाया और बिना आउट हुए 54 रनों की नाबाद पारी खेली। नंबर 11 पर आकर ऐसा रक्षात्मक और उपयोगी खेल दिखाना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है। इसके अलावा साल 2014 में वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज एस शिलिंगफॉर्ड ने न्यूजीलैंड के खिलाफ मैदान पर डटे रहकर नाबाद 53 रनों की शानदार पारी खेली और अपना विकेट नहीं गंवाया। वहीं इंग्लैंड के साकिब महमूद ने साल 2022 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलते हुए 49 रन बनाए थे और वह अपने अर्धशतक से केवल 1 रन की दूरी पर रह गए थे। इन सभी खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया कि क्रिकेट में कोई भी बल्लेबाज कमजोर नहीं होता है।





















