भारतीय घरेलू क्रिकेट में राजस्थान टीम की कमान संभालने वाले प्रतिभावान ऑलराउंडर महिपाल लोमरोर अब इंग्लैंड के प्रतिष्ठित सरे काउंटी क्रिकेट क्लब की ओर से मैदान में उतरेंगे। 26 वर्षीय लोमरोर को सरे ने 2026 काउंटी चैंपियनशिप सीजन के शेष 6 मुकाबलों के लिए अनुबंधित किया है। लाल गेंद के प्रारूप में अपनी छाप छोड़ चुके इस ऑलराउंडर के लिए इंग्लैंड की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खुद की काबिलियत साबित करने का यह एक शानदार अवसर माना जा रहा है।
सरे टीम में महिपाल लोमरोर के चयन का मुख्य कारण
सरे प्रबंधन को राष्ट्रीय टीम की प्रतिबद्धताओं और खिलाड़ियों की चोटों के चलते अपने टीम संयोजन में बदलाव करने पड़े। टीम के मध्यक्रम बल्लेबाज डैन लॉरेंस को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली आगामी टेस्ट सीरीज के लिए इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम में चुन लिया गया है, जिससे सरे के बल्लेबाजी क्रम में एक जगह खाली हो गई थी। इसके साथ ही, स्टार ऑलराउंडर विल जैक्स टखने की चोट से उबर रहे हैं, जिसके कारण वह फिलहाल मैचों में स्पिन गेंदबाजी करने में असमर्थ हैं।
सरे के मेन्स क्रिकेट निदेशक एलेक स्टीवर्ट ने महिपाल लोमरोर के टीम से जुड़ने पर खुशी जताई और चयन के पीछे के कारणों को साझा किया। स्टीवर्ट ने बताया कि लॉरेंस की अनुपलब्धता और जैक्स के गेंदबाजी न कर पाने की स्थिति में सरे को एक ऐसे विशेषज्ञ बल्लेबाज की जरूरत थी जो आवश्यकता पड़ने पर टीम के लिए स्पिन गेंदबाजी के उपयोगी ओवर भी डाल सके। लोमरोर की बाएं हाथ की बल्लेबाजी और बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी का संयोजन सरे की जरूरतों पर पूरी तरह सटीक बैठता है।
फर्स्ट क्लास करियर के आंकड़े और घरेलू सत्र में प्रदर्शन
महिपाल लोमरोर भारतीय घरेलू क्रिकेट का एक अनुभवी नाम बन चुके हैं। उन्होंने अब तक अपने करियर में कुल 63 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं, जिनमें 42.62 की बेहतरीन औसत से 3836 रन बनाए हैं। लाल गेंद के क्रिकेट में उनका उच्चतम स्कोर एक नाबाद तिहरा शतक रहा है, जो लंबी और संयमित पारियां खेलने की उनकी क्षमता को दर्शाता है। गेंदबाजी में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है, जहां उन्होंने 62 विकेट हासिल किए हैं और एक पारी में 5 विकेट लेने की उपलब्धि भी दर्ज की है।
लोमरोर का काउंटी टीम में चयन उनके हालिया घरेलू प्रदर्शन का नतीजा है। पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में लोमरोर का बल्ला जमकर बोला था और वह अपनी राज्य टीम राजस्थान के लिए दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे। उस सीजन में उन्होंने 48.66 की शानदार औसत से रन जुटाए थे, जिसमें 2 बेहतरीन शतक भी शामिल थे। उनके इसी निरंतर प्रदर्शन ने इंग्लिश काउंटी क्लबों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
सरे के ड्रेसिंग रूम में राहुल चाहर का साथ
इंग्लैंड की भिन्न मौसम और पिच परिस्थितियों में सामंजस्य बैठाने में लोमरोर को सहूलियत मिलने वाली है। सरे के ड्रेसिंग रूम में उन्हें अपने ही राज्य राजस्थान के साथी खिलाड़ी राहुल चाहर का साथ मिलेगा, जो पहले से ही इस काउंटी टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अपने घरेलू साथी की मौजूदगी से लोमरोर को सरे के ड्रेसिंग रूम और टीम संस्कृति में जल्दी घुलने-मिलने का लाभ मिलेगा।
सरे से अनुबंध के बाद लोमरोर ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि सीजन के अंतिम चरण में इस ऐतिहासिक क्लब का हिस्सा बनकर वह काफी उत्साहित हैं। उन्होंने काउंटी चैंपियनशिप में खेलने को एक ऐसा मंच बताया जहां वह नई परिस्थितियों में खुद को चुनौती दे सकेंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए बहुत कुछ सीख सकेंगे।
डिविजन वन में सरे की स्थिति और डेब्यू की संभावना
2026 काउंटी चैंपियनशिप के डिविजन वन की अंक तालिका में सरे की टीम फिलहाल सातवें स्थान पर काबिज है। इस सीजन में टीम ने अब तक 1 मैच में जीत दर्ज की है, जबकि 2 मुकाबलों में उसे पराजय का सामना करना पड़ा है। टूर्नामेंट के अंतिम 6 मैचों में टीम अपनी स्थिति बेहतर करने की कोशिश करेगी।
महिपाल लोमरोर इस सप्ताह नॉटिंघमशायर के खिलाफ होने वाले मुकाबले से सरे के लिए अपना काउंटी डेब्यू कर सकते हैं। मध्यक्रम में उनके आने से सरे के बल्लेबाजी क्रम को मजबूती मिलेगी और उनके स्पिन विकल्पों में भी इजाफा होगा।



















