बिहार के गोपालगंज जिले में पारिवारिक विवाह विवाद से शुरू हुआ एक मामला प्रशासनिक जांच के बाद सरकारी कर्मचारी की बर्खास्तगी पर समाप्त हुआ है। विजयीपुर थाना क्षेत्र के हल्का संख्या 2/6 में कार्यरत चौकीदार गया यादव को जिलाधिकारी समीर सौरभ ने तत्काल प्रभाव से सेवा से निष्कासित कर दिया है। बेटे के विवाह के दौरान दहेज मांगने के आरोपों से शुरू हुई जांच में चौकीदार की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेजों में गंभीर फर्जीवाड़ा प्रमाणित हुआ।
विवाह में दहेज की मांग से शुरू हुआ विवाद
मामले की पृष्ठभूमि गोपालगंज जिले के विजयीपुर थाने से जुड़ी है, जहां स्वर्गीय राम अवध अहीर के पुत्र गया यादव चौकीदार के पद पर तैनात थे। शिकायतकर्ता अभिनव कुमार यादव ने जिला अधिकारी के समक्ष एक आधिकारिक याचिका दाखिल की थी। इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गया यादव ने अपने बेटे की शादी तय होने के उपरांत अनुचित दहेज की मांग की और मांग पूरी न होने पर विवाह संपन्न कराने से साफ इनकार कर दिया। इस व्यक्तिगत विवाद के साथ ही शिकायतकर्ता ने गया यादव के प्रशासनिक चयन पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि उन्होंने चौकीदार पद की सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए जाली प्रमाणपत्रों का सहारा लिया था।
प्रशासनिक जांच और दस्तावेजों की गहन पड़ताल
शिकायत में लगाए गए आरोपों की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी समीर सौरभ ने मामले की विस्तृत प्रशासनिक जांच कराने के निर्देश जारी किए। इस आदेश के तहत आरोपी चौकीदार के भर्ती अभिलेखों, शैक्षणिक तथा व्यक्तिगत प्रमाण पत्रों की बारीकी से जांच की गई। जांच प्रक्रिया के दौरान आरोपी गया यादव को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया गया और उनसे लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया। हालांकि, सक्षम अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया उनका जवाब असंतोषजनक पाया गया और वे अपने दस्तावेजों की प्रामाणिकता साबित करने में विफल रहे।
बिहार सरकारी सेवक नियमावली के तहत कठोर कार्रवाई
मामले की अंतिम रिपोर्ट संचालन पदाधिकारी-सह-अनुमंडल पदाधिकारी, हथुआ द्वारा तैयार की गई। अनुमंडल अधिकारी की जांच रिपोर्ट और उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा दी गई आधिकारिक राय के आधार पर गया यादव पर लगे सभी आरोप पूरी तरह सिद्ध पाए गए। उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा करने के बाद जिलाधिकारी ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए गया यादव को सरकारी सेवा से बर्खास्त करने का औपचारिक आदेश पारित कर दिया।
पुलिस महकमे में पूर्व की विभागीय कार्रवाई और सख्त संदेश
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि गया यादव के खिलाफ गोपालगंज पुलिस अधीक्षक के स्तर पर भी पूर्व में विभागीय कार्रवाई का संचालन किया जा चुका था। भर्ती में धोखाधड़ी और अनुशासनहीनता के मामलों में पुलिस विभाग और अनुमंडल प्रशासन दोनों की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए जिला स्तर पर यह अंतिम निर्णय लिया गया। इस कार्रवाई के माध्यम से जिलाधिकारी समीर सौरभ ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी पाने वाले या पदीय मर्यादा का उल्लंघन करने वाले किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कानून के तहत बिना किसी ढील के सख्त कदम उठाए जाएंगे।




















