गॉल में खेले जा रहे टेस्ट मैच के चौथे दिन भारतीय टीम ने जीत की तरफ मजबूत कदम बढ़ा दिए हैं। खेल के अंतिम दिन भारत को मुकाबला जीतने के लिए केवल 6 विकेट की दरकार है, जबकि मेजबान श्रीलंका को 288 रनों की कठिन चुनौती का सामना करना है। हालांकि, चौथे दिन का खेल सिर्फ मैदान पर बनी बढ़त के लिए ही नहीं, बल्कि एक विवादित कैच को लेकर भी सुर्खियों में आ गया। श्रीलंका की दूसरी पारी के दौरान भारतीय विकेटकीपर ध्रुव जुरेल द्वारा लिए गए एक कैच पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। थर्ड अंपायर द्वारा बल्लेबाज लाहिरू उदारा को आउट दिए जाने के बाद श्रीलंकाई खेमे से लेकर सोशल मीडिया और कमेंट्री बॉक्स तक में अंपायरिंग के फैसले पर तीखे सवाल खड़े किए जा रहे हैं। कई प्रशंसक और क्रिकेट विशेषज्ञ इस फैसले को श्रीलंका टीम के साथ अन्याय करार दे रहे हैं।
22वें ओवर में हुआ विवादित घटनाक्रम
यह पूरा मामला श्रीलंका की दूसरी पारी के 22वें ओवर की चौथी गेंद पर देखने को मिला। भारतीय स्पिनर मानव सुथार गेंदबाजी कर रहे थे और क्रीज पर श्रीलंकाई बल्लेबाज लाहिरू उदारा डटे हुए थे। सुथार की एक घूमती हुई गेंद पर उदारा ने रक्षात्मक शॉट खेलने या बल्ला अड़ाने का प्रयास किया। गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेती हुई गली क्षेत्र की तरफ तेजी से निकल गई। वहां मुस्तैद खड़े विकेटकीपर ध्रुव जुरेल ने अपनी दाईं ओर डाइव लगाते हुए जमीन के बिल्कुल करीब गेंद को लपक लिया।
कैच पकड़ने के तुरंत बाद ध्रुव जुरेल काफी आश्वस्त नजर आए और उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों के साथ जश्न मनाना शुरू कर दिया। हालांकि, बल्लेबाज लाहिरू उदारा को यकीन नहीं था कि गेंद पूरी तरह से जमीन से ऊपर जुरेल के हाथों में आई थी। मैदानी अंपायरों ने कैच की निष्पक्षता की जांच के लिए मामला तुरंत थर्ड अंपायर के पास भेज दिया। टीवी रिप्ले में जुरेल की उंगलियां गेंद के नीचे दिखाई दे रही थीं, लेकिन क्या गेंद घास या जमीन को छू चुकी थी, इस पर दृश्य पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पा रहे थे।
थर्ड अंपायर का फैसला और मैदान पर निराशा
कैच लपकते समय ध्रुव जुरेल का शरीर आगे की दिशा में काफी तेजी से गतिमान था। इस मोमेंटम के कारण ऐसा प्रतीत हो रहा था कि गेंद को पकड़ने के दौरान या उसके तुरंत बाद गेंद का कुछ हिस्सा मैदान की घास को स्पर्श कर गया था। इसके बावजूद, उपलब्ध तकनीकी फुटेज का अध्ययन करने के बाद थर्ड अंपायर रवींद्र विमलासिरी ने कैच को पूरी तरह से साफ माना। उन्होंने बड़ी स्क्रीन पर बल्लेबाज को OUT देने का फैसला प्रसारित कर दिया।
लाहिरू उदारा अंपायर के इस निर्णय से बिल्कुल भी संतुष्ट दिखाई नहीं दिए। वह काफी देर तक क्रीज पर अवाक खड़े रहे और उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि टीवी अंपायर ने इसे क्लीन कैच स्वीकार कर लिया है। आखिरकार भारी मन के साथ उदारा को पवेलियन की ओर वापस लौटना पड़ा। आउट होने से पहले उन्होंने 58 गेंदों का सामना करते हुए 16 रन बनाए थे। उनके आउट होने से श्रीलंका को एक महत्वपूर्ण झटका लगा।
रसेल अर्नोल्ड ने अंपायरिंग पर उठाए गंभीर सवाल
मैच के दौरान कमेंट्री कर रहे श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर और जाने-माने कमेंटेटर रसेल अर्नोल्ड ने इस फैसले पर अपनी असहमति स्पष्ट रूप से व्यक्त की। ऑन-एयर चर्चा करते हुए अर्नोल्ड ने कहा कि स्लो-मोशन रिप्ले को ध्यान से देखने पर ऐसा साफ महसूस होता है कि गेंद का अगला हिस्सा जमीन को छू रहा था। उन्होंने तर्क दिया कि जुरेल की उंगलियां गेंद के पिछले हिस्से में थीं, न कि पूरी तरह से गेंद और मैदान के बीच में।
रसेल अर्नोल्ड के अनुसार, जब रिप्ले में गेंद का मैदान से संपर्क होता दिखाई दे रहा हो, तो ऐसे में कैच को साफ मानना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि अंपायर को बल्लेबाज के पक्ष में संशय का लाभ देना चाहिए था। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर चल रही बहस को और अधिक हवा दे दी।
सोशल मीडिया पर छिड़ी तीखी बहस
थर्ड अंपायर रवींद्र विमलासिरी के फैसले के सार्वजनिक होते ही इंटरनेट पर प्रशंसकों के बीच बहस छिड़ गई। भारतीय और श्रीलंकाई क्रिकेट प्रेमियों का एक बड़ा वर्ग अंपायरिंग के स्तर पर सवाल उठाने लगा। प्रशंसकों का कहना था कि जब तकनीक और रिप्ले में गेंद के जमीन को छूने का संदेह साफ नजर आ रहा था, तो फिर बल्लेबाज को आउट क्यों करार दिया गया। डैन (@cozierpanda) नामक एक यूजर ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि ऐसे मामलों में सामान्य समझ का इस्तेमाल किया जाना चाहिए था। खिलाड़ी के बॉडी लैंग्वेज और रिप्ले से यह स्पष्ट था कि उंगलियां गेंद के नीचे पूरी तरह से नहीं थीं और गेंद ने जमीन को छुआ था।
इसी तरह साहिल अत्री (@sahilattri72) नामक एक अन्य प्रशंसक ने निराशा जताते हुए इसे बेहद खराब अंपायरिंग बताया और कहा कि जब आधुनिक तकनीक का सही इस्तेमाल ही नहीं हो सकता तो ऐसी प्रणाली का क्या फायदा। हालांकि, दूसरी ओर कई प्रशंसकों ने ध्रुव जुरेल का बचाव भी किया। उनका तर्क था कि जुरेल के रिफ्लेक्स बेहद तेज थे और गेंद उनकी उंगलियों के ऊपर ही टिकी हुई थी, इसलिए अंपायर का आउट देने का निर्णय पूरी तरह से सही था।
चौथे दिन के अंत में मैच का हाल
चौथे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी में 84 रन के स्कोर पर 4 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए हैं। मेजबान टीम को इस मुकाबले को जीतने के लिए अभी भी 288 रनों की भारी भरकम दरकार है, जबकि उसके पास केवल 6 विकेट शेष हैं। भारतीय टीम गॉल टेस्ट मैच में बेहद मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी है और पांचवें दिन शुरुआती झटके देकर दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की अजेय बढ़त हासिल करने के करीब है।


















