भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-1 से अपनी बढ़त मजबूत कर ली है। 11 अक्टूबर को खेले गए रोमांचक तीसरे टी20 मुकाबले में भारतीय उपकप्तान तिलक वर्मा ने अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन के साथ मैदान पर फील्डिंग के दौरान भी शानदार कौशल दिखाया। इस मैच में उन्होंने बल्लेबाजी करते हुए 16 गेंदों का सामना किया और चार चौकों की मदद से 28 रन बनाए, जिसके बाद वे रन आउट हो गए। हालांकि, बल्ले के अलावा उनके शानदार क्षेत्ररक्षण ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा और उन्होंने पारी के अहम मौकों पर दो महत्वपूर्ण कैच लपके। उन्होंने यह दोनों कमाल के कैच पारी के 16वें और 18वें ओवर में पकड़े। इन दो कैचों के साथ ही तिलक वर्मा ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने कुल 68 मैचों में 50 कैच पूरे करने की बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। इस विशेष आंकड़े पर पहुंचते ही उनका नाम देश के सबसे सफल क्षेत्ररक्षकों की सूची में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों के साथ जुड़ गया है।
भारत के शीर्ष पांच फील्डरों के विशेष क्लब में शामिल हुए तिलक वर्मा
टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के मैदान पर फील्डिंग करते हुए 50 या उससे ज्यादा कैच लपकने का कारनामा करने वाले तिलक वर्मा भारत के पांचवें खिलाड़ी बन गए हैं। इस प्रतिष्ठित सूची में देश के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा 65 कैच के साथ पहले पायदान पर काबिज हैं, जबकि विस्फोटक ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या 64 कैच लेकर दूसरे स्थान पर मौजूद हैं। इस फेहरिस्त में तीसरा स्थान पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव का है, जिन्होंने अपने टी20 करियर में कुल 58 कैच पकड़े हैं। इसके अलावा दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली 54 कैच के साथ चौथे पायदान पर बने हुए हैं। विराट कोहली के इस आंकड़े को पीछे छोड़ने और इस सूची में और आगे बढ़ने के लिए तिलक वर्मा को अब केवल 5 और कैच लेने की जरूरत है। इस रिकॉर्ड की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस सूची के शुरुआती चार खिलाड़ियों में से रोहित शर्मा और विराट कोहली अंतरराष्ट्रीय टी20 फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा कर चुके हैं, जबकि हार्दिक पांड्या और सूर्यकुमार यादव फिलहाल भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं।
टी20 इंटरनेशनल में भारत के लिए सबसे ज्यादा कैच लेने वाले शीर्ष पांच फील्डर
- रोहित शर्मा: इस सूची में 65 कैच के साथ पहले स्थान पर हैं।
- हार्दिक पांड्या: 64 कैच के साथ दूसरे पायदान पर मौजूद हैं।
- सूर्यकुमार यादव: 58 कैच लेकर तीसरे स्थान पर हैं।
- विराट कोहली: 54 कैच के साथ चौथे नंबर पर काबिज हैं।
- तिलक वर्मा: 50 कैच पूरे कर इस विशिष्ट सूची के पांचवें खिलाड़ी बन गए हैं।
अभिषेक शर्मा की आक्रामक पारी और भारतीय पारी का हाल
इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले के घटनाक्रम पर नजर डालें तो युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने बेहद आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मात्र 30 गेंदों में 69 रनों की शानदार और तेजतर्रार पारी खेली। उनके इस दमदार प्रदर्शन के बावजूद भारतीय टीम पारी की आखिरी गेंद पर कुल 223 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। अभिषेक शर्मा ने विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन के साथ मिलकर मैदान पर दूसरे विकेट के लिए 108 रनों की एक बहुत बड़ी और मजबूत साझेदारी निभाई, जिससे टीम एक समय बहुत अच्छे स्कोर की तरफ बढ़ रही थी। ईशान किशन ने भी इस दौरान 18 गेंदों का सामना करते हुए 37 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। लेकिन इन दोनों बल्लेबाजों के बीच पनपी यह शतकीय साझेदारी टूटने के बाद भारतीय टीम ने नियमित अंतराल पर अपने विकेट गंवाने शुरू कर दिए, जिसके चलते टीम उम्मीद के मुताबिक विशाल स्कोर तक नहीं पहुंच सकी।
वेस्टइंडीज की कड़ी चुनौती और मैच का परिणाम
भारतीय टीम द्वारा दिए गए 224 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम की तरफ से भी उम्दा पारियां देखने को मिलीं। मेहमान टीम के लिए शिमरोन हेटमायर ने 43 रन और कामिल पूरन ने 42 रनों की उपयोगी पारियां खेलकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया। मैच के अंतिम क्षणों में शमार स्प्रिंगर ने केवल 11 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 35 रनों की बेहद तूफानी पारी खेली, लेकिन इसके बावजूद वेस्टइंडीज की टीम निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाई और अंततः 14 रनों से यह मुकाबला हार गई। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करते हुए अर्शदीप सिंह ने सबसे ज्यादा 3 विकेट अपने नाम किए और अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। वेस्टइंडीज के मौजूदा भारत दौरे पर यह पहला ऐसा मौका आया है जब किसी टीम ने मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए और टारगेट को सफलतापूक डिफेंड करते हुए जीत हासिल की है।
























