भारतीय क्रिकेट टीम के उप-कप्तान तिलक वर्मा ने फील्डिंग के क्षेत्र में एक नया अंतरराष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित कर इतिहास रच दिया है। न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में मैदान पर कदम रखते ही उन्होंने अपनी असाधारण फील्डिंग का नमूना पेश किया। न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी के शुरुआती तीन ओवरों में ही दो महत्वपूर्ण कैच लपककर तिलक टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के किसी एक कैलेंडर वर्ष में सबसे अधिक कैच पकड़ने वाले दुनिया के नंबर एक फील्डर बन गए हैं। इस मैच में उन्होंने टिम सीफर्ट और डेरिल मिचेल को अपनी शानदार चपलता के दम पर पवेलियन की राह दिखाई।
डैनिलसन हावो का रिकॉर्ड हुआ ध्वस्त
इस ऐतिहासिक मुकाम पर पहुंचने से पहले एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा टी20 कैच लपकने का रिकॉर्ड इंडोनेशिया के खिलाड़ी डैनिलसन हावो के नाम दर्ज था। हावो ने वर्ष 2025 में 41 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते हुए कुल 25 कैच पकड़े थे। भारतीय उप-कप्तान तिलक वर्मा ने अपनी गजब की फिटनेस और मुस्तैदी का परिचय देते हुए इस आंकड़े को बेहद कम मुकाबलों में पीछे छोड़ दिया।
तिलक ने साल 2026 के अपने सफर में महज 32 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर बतौर आउटफील्डर 26 कैच पूरे कर लिए हैं। साल 2026 में अभी टीम इंडिया को कई और मुकाबले खेलने हैं, जिसका सीधा अर्थ है कि तिलक वर्मा इस रिकॉर्ड को एक ऐसे मुकाम पर ले जा सकते हैं जिसे भविष्य में किसी भी खिलाड़ी के लिए तोड़ना बेहद मुश्किल होगा।
टी20 इंटरनेशनल की ऑल-टाइम कैच सूची
एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक टी20 इंटरनेशनल कैच लपकने वाले खिलाड़ियों की सूची पर नजर डालें तो इसमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कई जाने-माने नाम शामिल हैं। संयुक्त अरब अमीरात के कप्तान मोहम्मद वसीम इस सूची में तीसरे पायदान पर खिसक गए हैं, जिन्होंने 26 मैचों में 24 कैच लपके थे।
मलेशिया के शार्विन मुनियांडी ने वर्ष 2025 में 27 मुकाबले खेलकर कुल 21 कैच अपने नाम किए थे। वहीं युगांडा के ब्रायन मसाबा और बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाज तंजिद हसन के नाम एक कैलेंडर वर्ष में 20-20 कैच पकड़ने का रिकॉर्ड दर्ज है। तिलक वर्मा ने इन सभी खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है।
चोट से उबरने के बाद विश्व कप में धमाकेदार वापसी
तिलक वर्मा के लिए साल 2026 की शुरुआत काफी चुनौतीपूर्ण रही थी। जनवरी के महीने में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की घरेलू टी20 सीरीज के दौरान वह चोटिल हो गए थे और पूरी श्रृंखला से बाहर बैठना पड़ा था। इसके बावजूद उन्होंने अपनी फिटनेस पर कड़ा परिश्रम किया और समय पर खुद को पूरी तरह फिट कर टी20 विश्व कप 2026 की भारतीय टीम में जगह बनाई।
मुंबई के प्रतिष्ठित वानखेड़े स्टेडियम में 7 फरवरी को यूएसए के खिलाफ खेले गए भारत के पहले विश्व कप मुकाबले में ही तिलक ने अपनी चुस्ती दिखा दी थी। उस मैच में उन्होंने आंद्रे गूस और मोहम्मद मोहसिन के दो बेहतरीन कैच पकड़े थे। इसके बाद पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय टीम की फील्डिंग में उनकी भूमिका बेहद अहम रही।
टूर्नामेंट के अन्य कड़े मुकाबलों में तिलक ने नामीबिया के कप्तान गेर्हाइंड इरास्मस का कैच लपका, फिर दक्षिण अफ्रीका के विस्फोटक बल्लेबाज डेविड मिलर का कैच पकड़कर मैच का पासा पलटा, और जिम्बाब्वे के खिलाफ डियोन मायर्स को पवेलियन का रास्ता दिखाया। सेमीफाइनल मुकाबले में 5 मार्च को इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम कुरेन का कैच भी तिलक की झोली में गया।
अहमदाबाद में खिताबी जीत का अंतिम कैच
तिलक वर्मा के अंतरराष्ट्रीय करियर का सबसे यादगार लम्हा 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए टी20 विश्व कप फाइनल में आया। न्यूजीलैंड के खिलाफ इस निर्णायक खिताबी भिड़ंत में तिलक ने दो बेहतरीन कैच पकड़े। मैच के अंतिम क्षणों में न्यूजीलैंड के गेंदबाज जैकब डफी का कैच तिलक ने ही लपका था, जिसके साथ ही भारत ने टी20 विश्व कप 2026 की ट्रॉफी अपने नाम कर ली थी। इस प्रकार खिताबी जीत के अंतिम पलों में भी उनकी फील्डिंग का योगदान ऐतिहासिक रहा।
विश्व कप के बाद भी लगातार जारी रहा शानदार प्रदर्शन
टी20 विश्व कप का खिताब जीतने के बाद भी तिलक वर्मा की चुस्ती मैदान पर लगातार देखने को मिली। जून के महीने में भारतीय टीम के आयरलैंड दौरे के दौरान बेलफास्ट में खेले गए मुकाबले में उन्होंने लॉर्कन टकर और लियाम मैकार्थी के कैच पकड़े। उसी श्रृंखला के अगले मैच में उन्होंने रॉस अडायर और बेन कॉलिट्ज को अपने कैचों के जरिए पवेलियन भेजा।
जुलाई में इंग्लैंड के दौरे पर भी तिलक का दबदबा बरकरार रहा, जहां उन्होंने मैनचेस्टर में टॉम बेंटन और साउथैंपटन में जैकब बेथेल के अहम कैच पकड़े। इसके तुरंत बाद जिम्बाब्वे दौरे पर हरारे के मैदान पर उन्होंने रयान बर्ल और वेस्ले मधेवेरे को अपनी फुर्तीली फील्डिंग का शिकार बनाया।
सितंबर में अफगानिस्तान के खिलाफ नई दिल्ली में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में तिलक ने असाधारण खेल दिखाते हुए एक ही मैच में तीन कैच लपक लिए। इस मैच में उन्होंने सिदिकुल्लाह अटल, अजमतुल्लाह उमरजई और दरविश रसूली को आउट करने में मुख्य भूमिका निभाई। इसके बाद अक्टूबर में पाकिस्तान के खिलाफ निसिन में अब्दुल समद का कैच पकड़ा, जबकि वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में लखनऊ और इंदौर के मैदानों पर रोमारियो शेफर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन और कीमो पॉल के कैच पकड़े।
क्राइस्टचर्च में रचा नया इतिहास
न्यूजीलैंड दौरे के आगाज पर 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में खेले गए पहले टी20 मैच में तिलक वर्मा ने बाउंड्री लाइन के करीब फिन एलन का बेहद दर्शनीय कैच पकड़कर अपने इरादे जता दिए थे। इसके बाद 24 अक्टूबर को दूसरे टी20 मुकाबले में जैसे ही उन्होंने टिम सीफर्ट और डेरिल मिचेल के कैच पूरे किए, टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का यह वर्ल्ड रिकॉर्ड उनके नाम हो गया। महज 32 मैचों में 26 कैच पकड़ना तिलक की शारीरिक एकाग्रता, ग्राउंड फील्डिंग और जबरदस्त रिफ्लेक्स को दर्शाता है।

















