हिमाचल प्रदेश के ऐतिहासिक शहर नाहन में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए निषेधाज्ञा लागू कर दी है। सिरमौर जिला प्रशासन ने शहर में चार दिनों के लिए धारा-163 BNSS के तहत पाबंदियां लगा दी हैं। यह आदेश 26 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक प्रभावी रहेंगे। प्रशासन का यह कदम 27 अक्टूबर को होने वाले संभावित उपद्रव और टकराव की आशंका को रोकने के लिए उठाया गया है, क्योंकि खुफिया रिपोर्टों से संकेत मिले थे कि पड़ोसी राज्यों से असामाजिक तत्व यहां पहुंचकर माहौल बिगाड़ सकते हैं।
हालिया हिंसक झड़प और सुरक्षा के हालात
इस सख्ती के पीछे मुख्य वजह बीते 23 अक्टूबर को नाहन शहर में हुई एक गंभीर हिंसक घटना है। शहर के वाल्मीकि चौक इलाके में वाल्मीकि समुदाय और सिख समुदाय के बीच वाल्मीकि गेट के रेनोवेशन को लेकर विवाद खड़ा हो गया था, जो देखते ही देखते दो पक्षों में भीषण संघर्ष में बदल गया। इस हिंसक झड़प के दौरान दोनों तरफ से जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसमें पुलिस के जवानों समेत करीब 14 लोग घायल हो गए थे। हालांकि स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया था और बाद में वाल्मीकि जयंती के मौके पर शांतिपूर्ण ढंग से शोभायात्रा भी निकलवाई गई थी, लेकिन शहर के भीतर अंदरूनी तनाव अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
खुफिया रिपोर्ट और संभावित विरोध प्रदर्शन
जिला दंडाधिकारी प्रियंका वर्मा को पुलिस विभाग की तरफ से एक खुफिया रिपोर्ट सौंपी गई थी, जिसके आधार पर यह नए आदेश जारी किए गए हैं। रिपोर्ट में अंदेशा जताया गया था कि 27 अक्टूबर को सुबह 10 बजे के आसपास हिमाचल प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से बड़ी संख्या में दोनों समुदायों के लोग नाहन के वाल्मीकि चौक पर एकत्र हो सकते हैं। प्रशासन को आशंका है कि इस भीड़ के जुटने से एक बार फिर से भारी टकराव हो सकता है, जिससे न केवल जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है बल्कि क्षेत्र की सार्वजनिक शांति और सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
कड़े प्रतिबंध और पाबंदियों का दायरा
जारी किए गए आदेशों के मुताबिक, धारा-163 की ये पाबंदियां पुलिस थाना नाहन क्षेत्र के कई संवेदनशील हिस्सों में सख्ती से लागू रहेंगी। इनमें दो सड़का से वाल्मीकि चौक होते हुए दिल्ली गेट तक का इलाका, और वाल्मीकि चौक से एंट्री गेट बस स्टैंड तक का रास्ता शामिल है। इसके अलावा इन सड़कों के दोनों किनारों के अन्य हिस्सों में भी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। इन इलाकों में बिना किसी पूर्व अनुमति के पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ इकट्ठा होने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
घातक हथियारों और प्रदर्शनों पर रोक
प्रशासनिक आदेश के दायरे में कई तरह की गतिविधियों को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। लोग अब अपने साथ लाठी, डंडा, दाती, भाला, तलवार, गैंती या फावड़ा जैसे कोई भी धारदार या घातक हथियार लेकर सार्वजनिक जगहों पर नहीं घूम सकेंगे। इसके अलावा बिना अनुमति के किसी भी प्रकार की रैली, जुलूस, धरना प्रदर्शन, भूख हड़ताल, नारेबाजी करने या सड़क, हाईवे तथा फुटपाथ को जाम करने की सख्त मनाही है। सार्वजनिक स्थलों, सड़कों या पूजा स्थलों पर मशाल, मोमबत्ती, पुतले या टायर जलाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है।
उपद्रव और भड़काऊ सामग्री पर सख्ती
शहर की शांति व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए सड़कों, गलियों, चलती या खड़ी गाड़ियों पर पटाखे फोड़ने या फेंकने पर रोक लगाई गई है। सार्वजनिक स्थानों पर पत्थर फेंकना या किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री डालना दंडनीय अपराध माना जाएगा। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ सड़कों या चौकों पर भीड़ लगाने पर कड़ी नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही किसी भी तरह के भड़काऊ, साम्प्रदायिक या राष्ट्र-विरोधी भाषण देने, नारे लगाने, बैनर और पोस्टर लगाने या दीवारों पर कुछ भी लिखने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
किसे मिली है इन नियमों से छूट
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ये कड़े प्रतिबंध उन लोगों पर लागू नहीं होंगे जो सरकारी ड्यूटी पर तैनात हैं। मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी निभा रहे अधिकारी, फायर सर्विस के कर्मचारी, पुलिस बल, सेना, अर्धसैनिक बल, बिजली और पानी विभाग के कर्मी, नगरपालिका सेवाएं देने वाले लोग, मेडिकल इमरजेंसी वाहन और प्रिंट तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि इस आदेश के दायरे से बाहर रहेंगे।
प्रशासन की जनता से विशेष अपील
जिला दंडाधिकारी प्रियंका वर्मा ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति इन निषेधाज्ञा नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर बिल्कुल भरोसा न करें और सोशल मीडिया के माध्यम से किसी भी भड़काऊ, भ्रामक या सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाली सामग्री को न तो खुद पोस्ट करें और न ही आगे फॉरवर्ड करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या कानून व्यवस्था से जुड़ी आपातकालीन सूचना के लिए नागरिक तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने में संपर्क कर सकते हैं या फिर आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल कर सकते हैं।























