भारतीय क्रिकेट टीम के सामने आजकल एक अच्छी मुसीबत खड़ी है, दमदार खिलाड़ियों की भरमार के चलते किसे प्लेइंग इलेवन में जगह दें और किसे बाहर बैठाएं, यह तय करना मुश्किल हो गया है। यही वजह है कि 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को अभी तक डेब्यू का मौका नहीं मिल पाया है। लेकिन इसी उठापटक के बीच अब तिलक वर्मा की टीम में जगह पर सवाल खड़े होने लगे हैं। तिलक फिलहाल टी20 टीम में नंबर-5 पर बैटिंग कर रहे हैं, मगर उनका प्रदर्शन उस भरोसे पर खरा नहीं उतर पा रहा जो टीम मैनेजमेंट ने उन पर जताया था।
इंग्लैंड के खिलाफ फिर लड़खड़ाए तिलक
इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए पहले टी20 मुकाबले में तिलक वर्मा 13 गेंदों पर सिर्फ 13 रन बना सके। इसकी बड़ी वजह स्पिन गेंदबाजी के सामने उनका लगातार गिरता स्ट्राइक रेट है। आईपीएल में भी यही पैटर्न बार-बार देखने को मिला, जैसे ही तिलक क्रीज पर आते थे, विरोधी टीमें उनके सामने स्पिनर उतार देती थीं और इससे रन रेट अचानक धीमा पड़ जाता था। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने पहले टी20 में भी ठीक यही रणनीति अपनाई और वह इसमें कामयाब भी रहे। स्पिन के खिलाफ तिलक की यह कमजोरी अब टीम इंडिया के लिए बड़ी मुसीबत बनती जा रही है।
आंकड़े क्या कहते हैं स्पिन के खिलाफ तिलक के बारे में
इंग्लैंड दौरे पर रवाना होने से पहले तक तिलक वर्मा स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ 8 पारियों में सिर्फ 100 के स्ट्राइक रेट से रन बना पाए थे। जबकि टी20 क्रिकेट में उनका ओवरऑल स्ट्राइक रेट 142.7 का है, स्पिन के सामने यह घटकर 126.2 रह जाता है। यह फासला बताता है कि नंबर-5 जैसी अहम पोजीशन पर उन्हें उतारना कितना जोखिम भरा फैसला है, खासकर तब जब उनका यह स्ट्राइक रेट पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए ही सबसे ज्यादा गिरा है।
नंबर-3, 4, 6 और 7 पर अलग नजर आते हैं तिलक
दिलचस्प बात यह है कि तिलक वर्मा ने तीसरे और चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए अच्छा प्रदर्शन किया है। छठे और सातवें नंबर पर उन्होंने फिनिशर की भूमिका निभाते हुए 200 के जबरदस्त स्ट्राइक रेट से रन बनाकर कई मैच खत्म किए हैं। टॉप ऑर्डर में भी तिलक का बल्ला खूब चला है। यानी दिक्कत उनकी बैटिंग पोजीशन से जुड़ी है, ना कि उनके पूरे खेल से।
टीम मैनेजमेंट के सामने बड़ा सवाल
अब सवाल यह है कि तिलक वर्मा को नंबर-5 पर बनाए रखा जाए, ऊपर के क्रम में भेजा जाए या फिर उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर का रास्ता दिखाया जाए। यह फैसला आसान नहीं है, क्योंकि तिलक के अलावा टीम में कई स्टार खिलाड़ी लगातार अच्छा खेल दिखा रहे हैं। ऐसे हालात में गौतम गंभीर किसी भी वक्त तिलक वर्मा को बाहर बैठाने का बड़ा फैसला ले सकते हैं।













