समस्तीपुर में इन दिनों जश्न का माहौल है. वजह है जिले के छोटे से गांव से निकले वैभव सूर्यवंशी का भारतीय क्रिकेट टीम में डेब्यू, जिसने करीब 5 महीने पुरानी एक भविष्यवाणी को सच साबित कर दिया है. जिले के कुछ खेल प्रेमियों ने उसी वक्त दावा किया था कि वैभव 2026 में टीम इंडिया की जर्सी पहनेंगे, और अब यह भविष्यवाणी हकीकत बन चुकी है.
पांच महीने पहले की गई भविष्यवाणी सच निकली
करीब 5 महीने पहले समस्तीपुर के खेल प्रेमी मनी ग्रिव, धीरज कुमार और दीपक कुमार ने दावा किया था कि वैभव सूर्यवंशी वर्ष 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम में जरूर जगह बनाएंगे और उनका डेब्यू भी हो जाएगा. उस वक्त बहुत से लोगों को यह बात सिर्फ एक अंदाजा लगी थी, किसी तयशुदा भविष्यवाणी जैसी नहीं. लेकिन इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम से डेब्यू करते ही वैभव पूरे देश में चर्चा का विषय बन गए, और उन तीनों की बात पूरी तरह सही साबित हुई.
डेब्यू मैच में 15 साल की उम्र में रचा इतिहास
डेब्यू के बाद समस्तीपुर पहुंचकर जब उन्हीं खेल प्रेमियों से बातचीत हुई, तो उनके चेहरों पर खुशी, गर्व और आत्मविश्वास साफ दिख रहा था. सबका यही कहना था कि वैभव ने सिर्फ समस्तीपुर नहीं, बल्कि पूरे बिहार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है. दीपक कुमार ने कहा कि वैभव का भारतीय टीम में पहुंचना तय ही था. उन्होंने बताया कि भले ही डेब्यू मुकाबले में वैभव ने 10 गेंदों पर 14 रन ही बनाए हों, लेकिन असली उपलब्धि यह है कि महज 15 वर्ष की उम्र में उन्होंने भारतीय टीम की जर्सी पहनकर इतिहास रच दिया. दीपक ने उम्मीद जताई कि जिस तरह वैभव ने आईपीएल में खुद को साबित किया था, उसी तरह अब भारतीय टीम के लिए भी शानदार प्रदर्शन करें और यह साबित करें कि एक बिहारी सब पर भारी है.
धैर्य रखने की सलाह, धोनी और सचिन का हवाला
मनी ग्रिव ने कहा कि वैभव की इस उपलब्धि से उनका सीना गर्व से चौड़ा हो गया है. उन्होंने बताया कि उन्हें पहले से ही भरोसा था कि वैभव अपने खेल के दम पर एक दिन भारतीय टीम तक जरूर पहुंचेंगे. मनी ग्रिव ने इस सफलता का श्रेय वैभव के माता-पिता और उनके शुरुआती कोच को दिया. साथ ही उन्होंने लोगों से धैर्य रखने की अपील भी की. उन्होंने याद दिलाया कि महेंद्र सिंह धोनी को भी अपने शुरुआती मैचों में संघर्ष करना पड़ा था, और सचिन तेंदुलकर की शुरुआत भी आसान नहीं रही थी. उनके मुताबिक, वैभव को अभी दो चार मैच और खेलने दिए जाएं, उसके बाद ही पता चलेगा कि वह असल में क्या कमाल दिखा सकते हैं.
समस्तीपुर का नाम अब दुनिया में लिया जा रहा है
धमौन गांव के रहने वाले छात्रधारी ने कहा कि उन्हें अपने जिले के इस छोटे से खिलाड़ी पर बेहद गर्व महसूस हो रहा है. उन्होंने कहा कि वैभव सूर्यवंशी की वजह से आज समस्तीपुर का नाम सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में सम्मान के साथ लिया जा रहा है. उनके मुताबिक समस्तीपुर की पहचान पहले से रही है, लेकिन वैभव ने उसे और ऊंचाई पर पहुंचा दिया है.
धीरज कुमार भावुक होते हुए बोले कि वह वैभव को बचपन से जानते हैं. उन्होंने बताया कि वैभव जिस मैदान पर कुछ साल पहले तक बड़े खिलाड़ियों के साथ अभ्यास किया करते थे, उसी अभ्यास का नतीजा आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दिखाई दे रहा है. धीरज ने कहा कि पहले वह सचिन तेंदुलकर को टीवी पर देखते थे, लेकिन उन्हें यह तक नहीं पता था कि सचिन किस राज्य से ताल्लुक रखते हैं. उन्होंने कहा कि आज वह गर्व से बताते हैं कि वह उसी समस्तीपुर जिले के रहने वाले हैं, जहां वैभव सूर्यवंशी ने जन्म लिया. उनके मुताबिक, यह उपलब्धि पूरे जिले के लिए सम्मान की बात है.
12 साल की उम्र में रणजी, अब टीम इंडिया तक का सफर
समस्तीपुर के ही खिलाड़ी दीपक ने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे उनकी अपनी मेहनत रंग लाई हो. उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वह उसी धरती पर जन्मे हैं, जहां वैभव सूर्यवंशी ने जन्म लिया. उनके मुताबिक आज वैभव पूरी दुनिया में अपने खेल से पहचान बना रहे हैं, और समस्तीपुर का हर युवा खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है.
दीपक ने याद दिलाया कि वैभव ने महज 12 वर्ष की उम्र में बिहार के लिए रणजी क्रिकेट खेला था, इसके बाद आईपीएल में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा और अब भारतीय टीम तक पहुंच गए हैं. उनका मानना है कि क्रिकेट संभावनाओं का खेल है, और वैभव आने वाले वर्षों में इससे भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं. दीपक ने कहा कि अब जब भी वह दूसरे राज्यों में खेलने जाएंगे, तो गर्व से बताएंगे कि वह उसी जिले से आते हैं, जहां से वैभव सूर्यवंशी जैसा खिलाड़ी निकला है.











