महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल खत्म होते ही सिर्फ ट्रॉफी की तस्वीर नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये की इनामी राशि का हिसाब भी सामने आ गया. आईसीसी ने इस बार टूर्नामेंट का कुल प्राइज पूल पिछले संस्करण के मुकाबले 10 प्रतिशत बढ़ाया था, और इस बढ़ोतरी का असर सिर्फ चैंपियन टीम तक सीमित नहीं रहा. लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड को सात विकेट से हराकर खिताब अपने नाम करने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम से लेकर फाइनल हारने वाली इंग्लैंड टीम, सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली टीमों और ग्रुप स्टेज में ही बाहर हुई टीमों तक, हर किसी की तिजोरी इस वर्ल्ड कप ने भर दी.
चैंपियन ऑस्ट्रेलिया की कमाई का पूरा ब्योरा
सातवीं बार महिला टी20 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को 23.4 लाख अमेरिकी डॉलर की इनामी राशि मिली है, जो भारतीय रुपयों में करीब 22.2 करोड़ रुपये बैठती है. यह रकम सिर्फ फाइनल जीतने का ईनाम भर नहीं है, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में टीम के लगातार दमदार प्रदर्शन की भी पहचान है. फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को सात विकेट से मात दी और इसी के साथ किसी भी टीम से सबसे ज्यादा बार खिताब जीतने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया. यह जीत ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम के दबदबे को एक बार फिर साबित करती है, जिसने पिछले कई वर्षों में लगातार अपनी बादशाहत बरकरार रखी है.
उपविजेता इंग्लैंड को भी मिली मोटी रकम
अपने घरेलू मैदान पर खिताब जीतने का इंग्लैंड का सपना भले ही अधूरा रह गया हो, लेकिन टीम खाली हाथ नहीं लौटी. उपविजेता के तौर पर इंग्लैंड को 11.7 लाख अमेरिकी डॉलर मिले, जिसकी कीमत भारतीय मुद्रा में लगभग 11.1 करोड़ रुपये है. गौरतलब है कि इंग्लैंड 2009 के बाद पहली बार यह खिताब अपने नाम करने की कोशिश में जुटा था, मगर घरेलू दर्शकों के सामने भी फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की टीम के आगे उसकी रणनीति काम नहीं आई. इसके बावजूद इंग्लैंड का पूरा सफर आर्थिक रूप से टीम के लिए फायदे का सौदा साबित हुआ.
सेमीफाइनल तक पहुंचीं टीमों की झोली भी भरी
टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज की टीमों को भी अच्छी रकम मिली है. दोनों टीमों को 6.75 लाख अमेरिकी डॉलर यानी करीब 5.6 करोड़ रुपये दिए गए. भले ही यह दोनों टीमें फाइनल तक नहीं पहुंच सकीं, लेकिन सेमीफाइनल तक का उनका सफर आर्थिक रूप से भी काफी फायदेमंद रहा. यह दिखाता है कि आईसीसी की मौजूदा प्राइज मनी व्यवस्था सिर्फ खिताब जीतने वाली टीम को ही नहीं, बल्कि टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने वाली हर टीम को इनाम देने पर केंद्रित है.
हर टीम के लिए गारंटीड रकम, जीत पर अलग से बोनस
आईसीसी ने इस बार एक खास बात यह भी की कि टूर्नामेंट में भाग लेने वाली हर टीम को न्यूनतम 2.5 लाख अमेरिकी डॉलर यानी करीब 2.35 करोड़ रुपये देने की गारंटी पहले ही दे दी थी. इसका मतलब यह हुआ कि कोई भी टीम टूर्नामेंट से खाली हाथ नहीं लौटी, चाहे वह ग्रुप स्टेज से ही बाहर क्यों न हो गई हो. इसके अलावा ग्रुप स्टेज में हर एक जीत पर टीमों को 31,154 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 29.6 लाख रुपये का अतिरिक्त बोनस भी दिया गया, जिससे बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को सीधा फायदा मिला.
भारतीय महिला टीम को इस वर्ल्ड कप से पहले खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन टीम सेमीफाइनल तक की दौड़ में पिछड़ गई. हालांकि भारत ने ग्रुप स्टेज में तीन मुकाबले जीते, जिसके चलते टीम को हर जीत पर मिलने वाला बोनस भी मिला. यानी भारत को भागीदारी की गारंटीड रकम के साथ-साथ तीन जीत का अतिरिक्त इनाम भी हाथ लगा, भले ही टीम का सफर उम्मीद से पहले खत्म हो गया हो.
कुल प्राइज पूल में 10 प्रतिशत का उछाल
आईसीसी ने महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए कुल 87.64 लाख अमेरिकी डॉलर का प्राइज पूल तय किया था, जो 2024 के पिछले संस्करण के मुकाबले 10 प्रतिशत ज्यादा है. यह बढ़ोतरी महिला क्रिकेट में लगातार बढ़ते निवेश और इसकी बढ़ती लोकप्रियता की तरफ साफ इशारा करती है. रिकॉर्ड इनामी राशि और खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन के बीच इस बार के टूर्नामेंट ने महिला क्रिकेट के लिए आर्थिक मोर्चे पर भी एक नया मानक खड़ा कर दिया है. आने वाले वर्षों में अगर यह बढ़ोतरी इसी रफ्तार से जारी रहती है, तो महिला क्रिकेट खिलाड़ियों की कमाई और टूर्नामेंट की गुणवत्ता, दोनों में और सुधार देखने को मिल सकता है.











