हरियाणवी संगीत जगत के जाने-माने गायक अंकित बालियान की हत्या के बाद से पुलिस और जांच एजेंसियां लगातार मामले की तह तक जाने में जुटी हैं। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ में दो शूटर्स को ढेर कर दिया था। शुरुआती जांच में सामने आया कि ये दोनों शूटर गोगी गैंग से ताल्लुक रखते थे। घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इस गिरोह ने हत्या की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें एक खास गाने का जिक्र किया गया था।
चर्चा में आया ‘कोर्ट में गोली’ गाना
इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में अंकित बालियान का चर्चित गाना ‘कोर्ट में गोली’ आ गया है। यह गाना कुछ साल पहले रिलीज हुआ था और इसे हरियाणवी संगीत प्रेमियों के बीच काफी पसंद किया गया था। इस ट्रैक की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वीडियो को यूट्यूब पर अब तक लगभग 5 करोड़ 90 लाख यानी 59 मिलियन बार देखा जा चुका है। किसी भी क्षेत्रीय कलाकार के लिए इतने बड़े पैमाने पर व्यूज मिलना एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
गाने के बोल और तेवर
‘कोर्ट में गोली’ शीर्षक की वजह से यह ट्रैक रिलीज के वक्त से ही लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ था। हरियाणवी और पंजाबी संगीत इंडस्ट्री में देसी अंदाज, दबंग शैली और अपराध जगत से जुड़े विषयों पर गाने का चलन आम है। इस गाने में भी कुछ ऐसे ही तीखे तेवर देखने को मिलते हैं, जिससे इसके बोल और नाम आसानी से लोगों की जुबान पर चढ़ गए।
गाइन राइट्स और कलाकारों की भूमिका
अंकित बालियान को हरियाणवी संगीत उद्योग में इसी गाने से बड़ी पहचान हासिल हुई थी। इस म्यूजिक वीडियो में अंकित के साथ फिजा चौधरी ने भी अभिनय किया था। गाने के बोल राहुल पुट्ठी ने लिखे थे और इसे राहुल पुट्ठी तथा आशू ट्विंकल ने अपनी आवाज दी थी। असल में इस ट्रैक के लिरिक्स और म्यूजिक से अंकित का कोई सीधा वास्ता नहीं था, उन्होंने केवल इस वीडियो में एक्टिंग की थी।
गैंगस्टर कनेक्शन और विवाद
अंकित ने यह गाना राहुल पुट्ठी से 55000 रुपए में खरीदा था और बाद में इसे वत्स कंपनी को 1.5 लाख रुपए में बेच दिया था। आरोप है कि गोगी गैंग ने इस ट्रैक को जितेंद्र गोगी की हत्या से जोड़कर देखा और इसे गिरोह के सदस्य का अपमान मान लिया। गिरोह की तरफ से गायक को पहले धमकियां भी मिली थीं, जिसके जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया था कि वह केवल एक अभिनेता थे और गाने के शब्दों से उनका कोई संबंध नहीं था।



















