ब्रिटिश पाउंड में सुस्ती का माहौल बना हुआ है और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इसकी चाल पर निवेशकों की पैनी नजर टिकी हुई है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस मुद्रा जोड़ी में मंदी का जोखिम मुख्य रूप से 1.3480 के महत्वपूर्ण स्तर पर केंद्रित है। पिछले सत्र के दौरान पाउंड में तीव्र गिरावट देखी गई थी, जिसके बाद भाव 1.3527 के निचले स्तर तक लुढ़क गए थे। हालांकि इसके बाद बाजार में कुछ स्थिरता जरूर आई, लेकिन व्यापक तकनीकी संकेत अभी भी सतर्क रहने का संदेश दे रहे हैं।
अल्पकालिक और मध्यम अवधि के तकनीकी रुझान
दैनिक कारोबार के दौरान पाउंड का यह जोड़ा सीमित दायरे में घटता-बढ़ता नजर आया है। जानकारों के अनुसार पिछले सप्ताह के अंत में जब भाव तेजी से गिरे थे, तब बाजार अत्यधिक बिकवाली के दौर में पहुंच गया था। इसके बाद से कीमतों में बहुत बड़ा या निरंतर पतन होने की संभावना कम आंकी गई थी। शुरुआती अनुमानों में यह संकेत दिए गए थे कि विनिमय दर 1.3520 और 1.3570 के दायरे के भीतर बनी रह सकती है। इसके बाद के सत्रों में विनिमय दर इसी दायरे के आसपास घूमती रही और मामूली बदलाव के साथ बंद हुई, जो यह दर्शाता है कि फिलहाल बाजार एक सीमित दायरे में कारोबार के दौर से गुजर रहा है।
हफ्ते से लेकर हफ्तों के व्यापक परिप्रेक्ष्य में विश्लेषण करने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि शुरुआती गिरावट को 1.3550 और 1.3645 के दायरे में रोके जाने की उम्मीद थी, लेकिन भाव उस दायरे से नीचे फिसलकर 1.3527 पर आ गए। इस स्थिति को देखते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि मंदी का जोखिम अभी भी बरकरार है और निवेशकों को 1.3480 के स्तर पर विशेष ध्यान देना चाहिए। यह दृष्टिकोण तब तक पूरी तरह मान्य रहेगा जब तक ब्रिटिश पाउंड 1.3600 के स्तर से नीचे बना रहता है, जिसे एक मजबूत प्रतिरोध स्तर के रूप में देखा जा रहा है।
यूरोपीय सत्र में अन्य प्रमुख मुद्राओं की स्थिति
यूरोपीय सत्र के दौरान यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी भी संघर्ष करती नजर आ रही है और यह 1.1600 के आसपास मंडरा रही है। रात्रिकालीन सुधार का फायदा उठाने में यह मुद्रा जोड़ी विफल रही है क्योंकि अमेरिकी डॉलर में आंशिक रिकवरी दर्ज की गई है। अब बाजार के व्यापारी आगामी दिशा तय करने के लिए यूरो जोन के सामंजस्यपूर्ण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के शुरुआती आंकड़ों पर अपनी नजरें टिकाए हुए हैं।
दूसरी ओर कमोडिटी बाजार में सोने की चाल में भी बदलाव देखा गया है। सोने ने पिछले आठ दिनों के निचले स्तर से सोमवार को जो रिकवरी की थी, वह फीकी पड़ती नजर आ रही है और भाव शुरुआती कारोबार में घटकर 4,400 डॉलर की ओर लौट रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ गई है, जिससे अमेरिकी डॉलर में तेज उछाल आया है। इसके प्रभाव से सोना अपने 21-दिवसीय साधारण मूविंग एवरेज के आसपास संघर्ष कर रहा है, हालांकि इसका रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स अभी भी तेजी का संकेत दे रहा है.
क्रिप्टोकरेंसी और ऊर्जा बाजार का हाल
डिजिटल संपत्तियों के मोर्चे पर रिपल, कार्डानो और डॉगकॉइन जैसी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी पिछले हफ्ते दहाई अंकों में भारी गिरावट का शिकार होने के बाद अभी भी कमजोर बनी हुई हैं। ये मुद्राएं अपने तत्काल समर्थन के लिए अपने महत्वपूर्ण एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज की परीक्षा ले रही हैं। तकनीकी दृष्टिकोण से यह चेतावनी दी जा रही है कि जैसे-जैसे तेजी का रुझान कम हो रहा है, इन परिसंपत्तियों के मूल्यों में और अधिक कमजोरी देखने को मिल सकती है।
वर्तमान बाजार के आंकड़े
ताजा बाजार आंकड़ों के अनुसार लाइव सत्र में ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर 1.35 पर है और इसका पिछला बंद भाव भी 1.35 रहा है, जिसमें 0.01% का मामूली बदलाव दर्ज किया गया है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच रहा है और वॉल्यूम अपने 20-दिन के औसत के बराबर बना हुआ है। तकनीकी संकेतकों में 14-अवधि का RSI 52 पर है, जबकि मूविंग एवरेज के मोर्चे पर शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म औसत सकारात्मक रुझान की ओर इशारा कर रहे हैं।


















