कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के व्यस्त और प्रमुख इलाके इंदिरानगर में दिनदहाड़े लूट की एक बेहद अजीबोगरीब और खौफनाक वारदात सामने आई है. 100 फीट रोड पर स्थित एक जूता मरम्मत की दुकान में कार्यरत महिला को बंधक बनाकर लूटपाट का प्रयास किया गया. आरोपी ने महिला को लाचार करने और किसी भी तरह का विरोध रोकने के लिए फेवीक्विक का सहारा लिया और उसके दोनों हाथों को दुकान की मेज से चिपका दिया. हालांकि, महिला की सूझबूझ और आस-पास के दुकानदारों की त्वरित कार्रवाई से बदमाश की यह चालाकी धरी की धरी रह गई.
शरण मांगने के बहाने दुकान में घुसा था हमलावर
यह चौंकाने वाली घटना 31 अक्टूबर की सुबह करीब 11:45 बजे घटित हुई. 40 वर्षीय प्रभुराज उर्फ राज नाम का एक व्यक्ति जूता मरम्मत की दुकान में दाखिल हुआ. अंदर आते ही उसने बहाना बनाया कि कुछ लोग उसका पीछा कर रहे हैं और उसे जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं, इसलिए वह कुछ देर के लिए वहां छिपना चाहता है. उस वक्त दुकान में महिला अकेली काम कर रही थी. परिस्थिति का फायदा उठाते हुए प्रभुराज ने अचानक अपना असली रंग दिखाया और अपने पास छिपाकर रखा चाकू निकाल लिया.
हाथ चिपकाए और मंगलसूत्र छीनने का किया प्रयास
आरोपी ने महिला के करीब पहुंचकर सीधे उसकी गर्दन पर चाकू सटा दिया और जान से मारने की सीधी धमकी देते हुए सोने का मंगलसूत्र सौंपने को कहा. महिला के गले में मौजूद इस सोने की चेन का वजन लगभग 35 ग्राम था, जिसकी मौजूदा बाजार कीमत करीब 4.5 लाख रुपये आंकी गई है. महिला कहीं भाग न जाए या हाथापाई न करे, इसके लिए प्रभुराज ने एक सोची-समझी साजिश के तहत तुरंत फेवीक्विक निकाला और महिला के दोनों हाथों पर लगाकर उन्हें दुकान की काउंटर मेज से मजबूती से चिपका दिया. इसके तुरंत बाद उसने बेबस महिला के गले से मंगलसूत्र खींचने की कोशिश शुरू कर दी.
महिला की चीख-पुकार और स्थानीय दुकानदारों की फुर्ती
गंभीर खतरे और असहनीय तनाव के बावजूद महिला ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी पूरी ताकत लगाकर मदद के लिए जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया. दिन के समय 100 फीट रोड जैसी चहल-पहल वाली जगह पर अचानक उठी चीखों को सुनकर बगल के दुकानदार और वहां से गुजर रहे राहगीर बिना एक पल गंवाए दुकान की तरफ दौड़े. लोगों को भीतर आता देख प्रभुराज घबरा गया. उसने महिला की गर्दन पर दोबारा चाकू अड़ा दिया और चेतावनी दी कि यदि कोई भी आगे बढ़ा, तो वह महिला का गला रेत देगा. उसने वहां से बाहर निकलने के लिए महिला को एक मानवीय ढाल की तरह इस्तेमाल करने की भी पूरी कोशिश की.
ध्यान भटकाकर आरोपी पर पाया काबू
दुकान के भीतर पहुंचे नागरिकों ने बेहद सूझबूझ का परिचय दिया. उन्होंने बातचीत और हरकतों से आरोपी का ध्यान भटकाया और जैसे ही उसका संतुलन थोड़ा बिगड़ा, लोगों ने फुर्ती से झपटकर उसे दबोच लिया. भीड़ ने महिला को सुरक्षित छुड़ाया और हमलावर के हाथ से चाकू छीनकर उसे पूरी तरह काबू में कर लिया. इसके बाद नागरिकों ने आरोपी की जमकर खबर ली और तुरंत इंदिरानगर पुलिस स्टेशन को सूचित कर आरोपी को पुलिस दल के हवाले कर दिया. घटना के तुरंत बाद महिला को प्राथमिक उपचार और जांच के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने पुष्टि की कि वह किसी गंभीर चोट के बिना पूरी तरह सुरक्षित बच गई है.
डिलीवरी एजेंट का काम करता था आरोपी, न्यायिक हिरासत में भेजा गया
इंदिरानगर पुलिस ने सोने की चेन छीनने के इस हिंसक प्रयास के मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की और आरोपी प्रभुराज को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया. अदालत में पेश किए जाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रभुराज पूर्व में डिलीवरी एजेंट के रूप में काम करता था. प्रारंभिक पूछताछ और अवलोकन के दौरान अधिकारियों ने पाया कि वह काफी तनावग्रस्त और मानसिक रूप से परेशान दिखाई दे रहा था. पुलिस अब उसके पुराने रिकॉर्ड और पृष्ठभूमि की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उसने पहले भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है.
बेंगलुरु पुलिस ने नागरिकों के साहस की सराहना की
इस पूरी घटना के प्रकाश में आने के बाद बेंगलुरु सिटी पुलिस ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक तौर पर जानकारी साझा की. पुलिस ने संकट के समय तत्काल दखल देकर एक महिला की जान और संपत्ति बचाने वाले स्थानीय दुकानदारों तथा राहगीरों के अदम्य साहस और नागरिक कर्तव्य की खुलकर तारीफ की. पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया कि संदिग्ध को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है और शहर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए पुलिस बल निरंतर सतर्कता के साथ काम कर रहा है.



















