राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने हिमाचल प्रदेश के मनाली से हरीश रौंटा को धर दबोचा है। इस मामले में केंद्रीय एजेंसी ने इससे पहले 16 अक्टूबर को हरियाणा के अंबाला से अजय कुमार को भी हिरासत में लिया था। जांच अधिकारियों के मुताबिक, अजय कुमार और हरीश रौंटा दोनों ही भारी मात्रा में नकली भारतीय करेंसी नोटों के अवैध मुद्रण और उनकी आपूर्ति के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल हैं।
सहारनपुर के बैंक में पहुंचे थे जाली नोट
केंद्रीय जांच एजेंसी की शुरुआती छानबीन से यह साफ हुआ है कि ये फर्जी नोट अन्य सहयोगियों के जरिए पंजाब नेशनल बैंक के सहारनपुर स्थित करेंसी चेस्ट तक पहुंचाए गए थे। गिरफ्तार किए गए आरोपी अजय कुमार और हरीश रौंटा दोनों ही आदेश चौधरी के बेहद करीबी बताए जा रहे हैं, जिसे इस पूरे आपराधिक षड्यंत्र में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश के सहारनपुर शहर में सिविल लाइंस स्थित पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट में नकली नोटों की बड़ी खेप खपाने से जुड़ा हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच एनआईए द्वारा केस नंबर RC-02/2026/NIA/LKW के तहत तेजी से की जा रही है।
इस तरह हुआ था इस बड़े घोटाले का खुलासा
इस सनसनीखेज मामले की परतें 29 अगस्त 2026 को उस वक्त खुलीं जब उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सदर बाजार पुलिस स्टेशन को एक गुप्त और पुख्ता सूचना मिली थी। इस इनपुट के आधार पर पंजाब नेशनल बैंक के सहारनपुर करेंसी चेस्ट से कुल 17.29 करोड़ रुपये के नकली भारतीय नोट बरामद किए गए थे। इस गंभीर वित्तीय गड़बड़ी में बैंक के तीन कर्मचारियों की संदिग्ध संलिप्तता उजागर हुई थी, जिसके बाद बैंक प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया था। इस सिलसिले में सबसे पहले 29 अगस्त 2026 को सहारनपुर के सदर बाजार थाने में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 178 के तहत तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए 3 सितंबर 2026 को एनआईए ने इस केस को अपने हाथ में लेते हुए दोबारा दर्ज किया था।
सितंबर महीने में हो चुकी हैं कई अन्य गिरफ्तारियां
जांच एजेंसी इस मामले में इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां कर चुकी है। एनआईए ने इसी साल सितंबर महीने की 7, 15, 20 और 22 तारीख को इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों पर शिकंजा कसा था। इस दौरान प्राथमिकी में नामजद आरोपी अमित कुमार के अलावा मुख्य साजिशकर्ता आदेश चौधरी, मुकेश कुमार, राजेंद्र और नीतू को गिरफ्तार किया गया था। केंद्रीय एजेंसी इस अवैध नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने और इस घृणित साजिश में शामिल बाकी बचे सहयोगियों तथा संदिग्धों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही है।


















