राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद आफताब अमीन पूनावाला ने साथी कैदियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए अदालत से अतिरिक्त सुरक्षा मांगी है। साल 2022 के चर्चित श्रद्धा वालकर मर्डर केस में मुख्य अभियुक्त के रूप में ट्रायल का सामना कर रहे आफताब का कहना है कि कारागार परिसर के भीतर उसकी जान को बड़ा खतरा बना हुआ है। इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए साकेत जिला अदालत ने जेल अधिकारियों को जरूरी हिदायतें जारी की हैं।
साथी कैदियों पर हथियार से हमला करने की धमकी का आरोप
आफताब पूनावाला ने अदालत के समक्ष दायर अर्जी में बताया कि जेल के भीतर कुछ बंदी लगातार उसे निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उसके मुताबिक, पिछले 10 दिनों से कुछ अन्य कैदी उसे धारदार हथियार से चेहरे को विकृत करने और जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। उसने सुरक्षा की गुहार लगाते हुए अदालत को पांच ऐसे बंदियों के नामों की सूची भी सौंपी है, जिनसे उसे सीधे तौर पर खतरे की आशंका है।
मालूम हो कि साल 2022 में सामने आए इस नृशंस हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस सनसनीखेज वारदात में श्रद्धा वालकर की जान लेकर उसके शरीर के 35 टुकड़े करने का आरोप उसके लिव-इन पार्टनर आफताब पर लगा था। इस लंबी कानूनी लड़ाई के दौरान इंसाफ की मांग कर रहे श्रद्धा के पिता विकास वालकर का भी पिछले साल निधन हो चुका है।
साकेत अदालत ने जेल प्रशासन को दिए सख्त कदम उठाने के निर्देश
अभियुक्त की सुरक्षा से जुड़ी इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए साकेत जिला कोर्ट ने तिहाड़ कारागार प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अदालत ने साफ किया कि न्यायिक हिरासत में मौजूद कैदी की सुरक्षा की जिम्मेदारी जेल प्रबंधन की है, इसलिए उसकी सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक नहीं होनी चाहिए।
कोर्ट ने जेल अधीक्षक को निर्देश देते हुए कहा कि यदि सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक समझा जाए, तो आरोपी को अन्य कुख्यात बंदियों से दूर किसी अलग सुरक्षित वार्ड अथवा कोठरी में स्थानांतरित किया जा सकता है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि जेल अधीक्षक आरोपी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाएं।
जेल नंबर 4ए में बंद है आरोपी, अदालत ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट
याचिका में आफताब ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में उसे तिहाड़ की जेल संख्या 4ए के भीतर रखा गया है। यह परिसर का एक विशेष खंड माना जाता है, जिसे अमूमन दंडात्मक वार्ड के रूप में इस्तेमाल में लाया जाता है। उसने आशंका जताई कि मौजूदा स्थान पर रहने से उस पर हमले का जोखिम अधिक है।
साकेत अदालत ने इस समूचे मामले में कारागार के संबंधित जेल अधीक्षक से एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट भी तलब की है। अदालत यह सुनिश्चित करना चाहती है कि धमकियों के दावों की जांच के बाद जेल प्रबंधन ने अभियुक्त की जानमाल की हिफाजत के लिए धरातल पर क्या ठोस कदम उठाए हैं।



















