हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित विख्यात धार्मिक स्थल श्री संकट मोचन मंदिर में सेंधमारी का एक गंभीर मामला सामने आया है। अज्ञात चोर ने मंदिर परिसर के भीतर दाखिल होकर सीधे गर्भगृह को निशाना बनाया और देवी-देवताओं के बहुमूल्य आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना के बाद स्थानीय श्रद्धालुओं और इलाके के लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
गर्भगृह के आभूषण और दानपात्र की नकदी गायब
मंदिर प्रबंधन और पुलिस सूत्रों के अनुसार, अज्ञात व्यक्ति ने गर्भगृह में प्रवेश कर भगवान के 12 किलोग्राम वजनी चांदी के तीन मुकुट चुरा लिए। इसके साथ ही माता सीता की लगभग एक तोला वजनी सोने की नथ भी गायब कर दी गई। शातिर चोर ने केवल विग्रहों के जेवरात ही नहीं समेटे, बल्कि मंदिर में रखे दानपात्र का ताला तोड़कर उसमें जमा नकदी भी साफ कर दी। सुबह जब इस वारदात की भनक लगी, तो पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
पुलिस ने बीएनएस की धाराओं में दर्ज किया मुकदमा
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की। इस सिलसिले में पुलिस थाना पश्चिम, जिला शिमला में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने अभियोग संख्या 236/2026 के तहत 1 नवंबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) और धारा 305(D) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। जिला शिमला पुलिस की विशेष टीमें इस चोरी की गुत्थी सुलझाने के लिए गहन जांच कर रही हैं।
सीसीटीवी में दिखा संदिग्ध, पहचान के लिए जनता से सहयोग मांगा
जांच अधिकारियों ने मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली है। फुटेज की पड़ताल के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति कैमरे में कैद दिखाई दिया है। पुलिस प्रशासन ने उस संदिग्ध की तस्वीर आम जनता के साथ साझा की है ताकि उसकी जल्द से जल्द पहचान हो सके।
पुलिस ने सार्वजनिक अपील जारी करते हुए कहा है कि यदि कोई भी नागरिक फुटेज में दिख रहे व्यक्ति को पहचानता है या उसके बारे में कोई भी पुख्ता जानकारी रखता है, तो वह फौरन पुलिस थाना बालूगंज अथवा जिला शिमला पुलिस को सूचित करे। सूचना देने वाले की मदद से आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।



















