राजस्थान की राजधानी जयपुर के मुहाना थाना क्षेत्र में लगभग 15 महीने से लापता महिला मिंटू चौधरी की हत्या की गुत्थी पुलिस ने पूरी तरह सुलझा ली है। जयपुर साउथ पुलिस ने इस जघन्य वारदात के सिलसिले में मृतका के पति लालाराम जाट और बेटे हरिओम जाट को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में यह खौफनाक खुलासा हुआ कि दोनों ने मिलकर मई 2025 में मिंटू चौधरी का गला घोंट दिया था और उसके शव को पास के एक कुएं में फेंक दिया था। बुधवार के दिन बलखंडी बालाजी चौराहे के पास स्थित एक कुएं से जब क्षत-विक्षत मानव अवशेष बरामद किए गए, तब इस हत्याकांड की कड़ियों को जोड़कर सच्चाई सामने लाई गई।
प्रेसवार्ता में पुलिस अधिकारियों ने दी मामले की जानकारी
डीसीपी जयपुर साउथ राजर्षि राज ने डीसीपी साउथ कार्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता में पूरे घटनाक्रम का ब्योरा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिंटू चौधरी लंबे समय से गायब थी और लगभग सात महीने पहले उसके पति ने खुद थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस टीम तभी से लगातार उसकी खोजबीन कर रही थी। इसी बीच जांच के दौरान गुप्त सूचना मिली कि महिला की हत्या कर शव को एक कुएं में छिपाया गया है। इस ठोस जानकारी के आधार पर पुलिस ने पति और बेटे को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ शुरू की, जिससे पूरी वारदात का पर्दाफाश हो गया।
कुएं से मिले कंकाल और कपड़ों से हुई शिनाख्त
जांच अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को बलखंडी बालाजी चौराहे के नजदीक मौजूद एक पुराने कुएं की तलाशी ली गई, जहां से महिला का शव मिला। लंबे समय तक पानी और कुएं में पड़े रहने की वजह से शव काफी बुरी हालत में था और केवल अवशेष ही बचे थे। सामान्य तौर पर पहचान करना नामुमकिन था, लेकिन शव पर मौजूद कपड़ों के आधार पर परिजनों ने उसकी पुष्टि मिंटू चौधरी के तौर पर की। अचानक गायब होने के बाद जब रिश्तेदारों ने परिवार के लोगों से उसके बारे में सवाल पूछे थे, तो उन्हें गुमराह किया गया था। परिजनों ने उस दौरान रिश्तेदारों से कहा था कि मिंटू कभी दिल्ली की तिहाड़ जेल में तो कभी राजस्थान की भरतपुर जेल में बंद है। जब रिश्तेदारों का संदेह गहराया और दबाव बढ़ा, तब जाकर लगभग सात महीने पहले औपचारिक तौर पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी।
हत्या की साजिश और वारदात का तरीका
पुलिस हिरासत में हुई पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि मिंटू चौधरी को मई 2025 में ही मौत के घाट उतार दिया गया था। जांच के अनुसार, पति लालाराम और बेटे हरिओम ने मिलकर उसका गला दबाया, जिससे मौके पर ही उसकी सांसें थम गईं। अपराध छिपाने के मकसद से दोनों ने शव को घसीटकर पास के कुएं में डाल दिया ताकि किसी को भनक न लग सके। इसके बाद वे लगातार यह प्रचारित करते रहे कि वह कहीं लापता हो गई है, जिससे एक साल से अधिक समय तक कानून के हाथ उन तक नहीं पहुंच सके। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने कुएं से अवशेष बरामद कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए।
विवाद, मारपीट और अवैध संबंधों के शक में कत्ल
पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया कि इस हत्या की मुख्य वजह घरेलू कलह, मारपीट और अवैध संबंधों का गहरा शक था। आरोपियों ने पुलिस के सामने दावा किया कि मिंटू चौधरी उनके साथ मारपीट करती थी और उन्हें लगातार मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करती रहती थी। इसी पारिवारिक तनाव और अवैध संबंधों के संदेह के चलते दोनों ने मिलकर इस खौफनाक कदम को अंजाम देने की योजना बनाई थी। जयपुर के तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में मिंटू चौधरी को लेडी डॉन के नाम से जाना जाता था और उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी बताया गया था। हालांकि पुलिस का पूरा ध्यान अब इस हत्या में पति और बेटे की प्रत्यक्ष भूमिका, षड्यंत्र और अन्य संभावित कड़ियों पर केंद्रित है।
आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी
लगभग 15 महीने तक दबे रहे इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि हत्या के दिन घर पर क्या परिस्थितियां थीं और क्या इस साजिश में किसी बाहरी मददगार का हाथ भी था। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों से विस्तृत रिमांड लेकर पूछताछ की जा रही है ताकि घटना का पूरा सीन री-क्रिएट किया जा सके। फिलहाल लालाराम जाट और हरिओम जाट सलाखों के पीछे हैं और मामले में अग्रिम कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।



















