राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना कस्बे से अगवा किए गए 22 महीने के मासूम बालक किसना को पुलिस ने करीब 50 घंटे के भीतर उत्तर प्रदेश के कोसी इलाके से सकुशल ढूंढ निकाला है। लगभग तीन दिन पहले जब बच्चा अपने घर के बाहर खेल रहा था, तभी आरोपी ने मौका पाकर उसे गायब कर दिया था। इस सनसनीखेज वारदात के सामने आने के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और अलग-अलग राज्यों में लगातार छापेमारी कर बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी विवेक कुमार को गिरफ्तार कर लिया है, जो मूल रूप से बिहार के सासाराम क्षेत्र का रहने वाला है। मासूम की सुरक्षित वापसी के बाद उसके परिवार और पूरे इलाके ने राहत की सांस ली है।
तंत्र विद्या और नरबलि के इरादे की आशंका
इस पूरे मामले में प्राथमिक छानबीन के दौरान बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपी विवेक कुमार पर अंधविश्वास के जाल में फंसकर तांत्रिक सिद्धि हासिल करने और कथित तौर पर नरबलि देने के इरादे से मासूम का अपहरण करने का आरोप लगा है। पुलिस ने जब आरोपी को दबोचा, तो उसके कब्जे से तंत्र साधना में इस्तेमाल होने वाला विभिन्न सामान भी जब्त किया गया। इसके साथ ही आरोपी के पास से एक कथित तौर पर चोरी की हुई मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। पुलिस अधिकारी अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रहे हैं कि आरोपी कब से इस तरह की गतिविधियों में लिप्त था और क्या वह पहले भी इस प्रकार के किसी कृत्य की योजना बना चुका था।
आठ विशेष टीमों का गठन और 300 से अधिक कैमरों की पड़ताल
पुलिस अधीक्षक सत्यवीर सिंह ने घटना के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि बच्चे के लापता होने की सूचना दर्ज होते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया था। मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए तुरंत आठ विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया, जिन्हें अलग-अलग दिशाओं और संभावित ठिकानों पर काम करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। जांच अधिकारी नीमराना और उससे जुड़े आसपास के तमाम रास्तों पर लगे 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुट गए। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल टावर लोकेशन और कैमरों से मिले सुरागों की मदद से पुलिस ने बच्चे की तलाश का दायरा कई राज्यों तक फैला दिया।
हरियाणा से होते हुए उत्तर प्रदेश तक पहुंचा तलाश अभियान
पुलिस अधीक्षक सत्यवीर सिंह के अनुसार, जांच टीमों ने तकनीकी सुरागों का पीछा करते हुए हरियाणा के शाहजहांपुर, बावल, रेवाड़ी और फरीदाबाद समेत कई प्रमुख इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया। जांच की कड़ियों को एक-दूसरे से जोड़ते हुए पुलिस आखिरकार उत्तर प्रदेश की सीमा में दाखिल हुई। यूपी के कोसी इलाके में सटीक जानकारी के आधार पर दबिश देकर मासूम को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित मुक्त करा लिया गया और मौके से आरोपी को भी हिरासत में ले लिया गया।
साजिश में अन्य लोगों की संलिप्तता की गहन पड़ताल
पुलिस अब आरोपी विवेक कुमार से लगातार पूछताछ कर रही है ताकि इस खौफनाक साजिश की पूरी परतें खोली जा सकें। जांच एजेंसियां यह जानने में जुटी हैं कि आरोपी ने इस अपहरण की रूपरेखा अकेले तैयार की थी या फिर उसके पीछे किसी तांत्रिक अथवा अन्य लोगों का हाथ था। कई राज्यों की सीमाओं को पार करते हुए तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी फुटेज के बल पर मासूम को जीवित बचाना पुलिस महकमे के लिए एक बड़ी राहत और महत्वपूर्ण कामयाबी माना जा रहा है।



















