बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान के बांद्रा स्थित आवास पर हुई सनसनीखेज घुसपैठ और मारपीट की घटना को लेकर कानूनी प्रक्रिया औपचारिक तौर पर शुरू हो चुकी है। इस बहुचर्चित आपराधिक प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों के बयान दर्ज कराने का सिलसिला आरंभ हो गया है, जिसमें सबसे पहली गवाही एक नर्स की हुई है। अदालत के समक्ष पेश होकर इस गवाह ने आरोपी मोहम्मद शरीफुल की तरफ इशारा करते हुए उसकी शिनाख्त की और घटना से जुड़े सभी घटनाक्रमों को सिलसिलेवार तरीके से अदालत के सामने रखा।
गवाही के दौरान इस मुख्य गवाह ने बताया कि वह पिछले पांच सालों से अधिक समय से सैफ अली खान और करीना कपूर खान के परिवार के साथ जुड़ी हुई हैं और उनके छोटे बेटे जेह की देखभाल करने की जिम्मेदारी संभालती हैं। उन्होंने अदालत को स्पष्ट रूप से बताया कि जनवरी 2025 में यही वह व्यक्ति था जो बिना अनुमति के अवैध रूप से घर के अंदर घुस आया था। अदालत में उस डरावनी रात का आंखों देखा हाल बयान करते हुए गवाह ने बताया कि 15 और 16 जनवरी की दरमियानी रात को जब यह घटना हुई, तब लगभग 2 बजे किसी आहट से उनकी नींद खुली थी।
शुरुआत में बाथरूम की लाइट जलती देखकर उन्हें ऐसा लगा कि शायद करीना कपूर अंदर होंगी, लेकिन कुछ ही पलों बाद जब उन्हें किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ और उन्होंने दोबारा आंखें खोलीं, तो कमरा का नजारा पूरी तरह बदला हुआ था। उन्होंने देखा कि सिर पर कैप पहने हुए एक अज्ञात व्यक्ति की परछाई सीधे छोटे बच्चे जेह के बिस्तर की तरफ आगे बढ़ रही थी। बिना एक पल गंवाए नर्स तुरंत बच्चे की सुरक्षा के लिए उसकी तरफ दौड़ीं, तभी उस घुसपैठिए ने हेक्सा ब्लेड से उन पर हमला कर दिया, जिससे बचाव की इस कोशिश में उनकी दोनों उंगलियां गंभीर रूप से जख्मी हो गईं।
गवाह ने अदालत को यह भी जानकारी दी कि हमले के बाद उस शख्स ने उन्हें चुप रहने की सख्त धमकी दी थी और कमरे से बाहर जाने से मना किया था। जब उससे यह सवाल किया गया कि आखिर उसे क्या चाहिए, तो उसने पैसों की मांग रखते हुए कहा कि उसे एक करोड़ रुपये चाहिए। इस हंगामे और शोर-शराबे की आवाज सुनकर कमरे में मौजूद बच्चे की दूसरी नैनी की भी नींद खुल गई, जो किसी तरह वहां से बाहर निकलने में कामयाब रही और जोर-जोर से चिल्लाकर बाकी लोगों को इकट्ठा करने लगी।
शोर की आवाज सुनकर सैफ अली खान और करीना कपूर तुरंत उस कमरे की ओर भागे, जिसके बाद सैफ ने आगे बढ़कर उस घुसपैठिए का सामना किया और उससे पूछताछ की कि वह कौन है और घर में क्यों घुसा है। इस आमने-सामने की भिड़ंत के दौरान आरोपी ने अभिनेता पर भी प्राणघातक हमला कर दिया, और जब घर का एक अन्य स्टाफ मेंबर बीच-बचाव के लिए वहां पहुंचा, तो उसे भी निशाना बनाया गया।
इस कठिन परिस्थिति में सूझबूझ का परिचय देते हुए सैफ अली खान ने कुछ समय के लिए उस घुसपैठिए को अपने काबू में कर लिया। इस बीच परिवार के अन्य सभी सदस्य और स्टाफ दूसरे कमरे में चले गए और अंदर से सुरक्षित दरवाजा बंद कर लिया, जबकि घर के बाकी कर्मचारी भी शोर सुनकर मौके पर पहुंच गए। इसी अफरा-तफरी के बीच मौका पाकर आरोपी मुख्य दरवाजे से भागने में सफल रहा। इस हिंसक झड़प में सैफ अली खान की पीठ, गर्दन और हाथों पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां उनका इलाज हुआ।
अदालत ने आरोपी मोहम्मद शरीफुल की तरफ से गुनाह कबूल करने के संबंध में दिए गए दूसरे आवेदन को औपचारिक रूप से ठुकरा दिया है, जिसके चलते इस मामले की नियमित सुनवाई शुरू हो गई है। करीब 31 साल की उम्र के इस आरोपी ने इससे पहले अगस्त के महीने में और फिर इस महीने की शुरुआत में खुद को दोषी ठहराने का प्रयास किया था, लेकिन अदालत ने दोनों ही बार उसकी अर्जी को खारिज कर दिया। कथित तौर पर यह आरोपी बांग्लादेश का नागरिक बताया जा रहा है। अदालती कार्यवाही के दौरान पब्लिक प्रॉसिक्यूटर इकबाल सोलकर ने मुख्य गवाह नर्स से पूछताछ का काम शुरू कर दिया है, जो आगामी सुनवाइयों में भी जारी रहेगा। इस मामले में नर्स की यह गवाही बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके जरिए अभियोजन पक्ष ने कानूनी रूप से अपना मजबूत पक्ष अदालत के सामने रखना शुरू कर दिया है।





















