हैदराबाद के अबिड्स ट्रैफिक पुलिस स्टेशन क्षेत्र में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने पर फोटो खींचने से नाराज एक युवक ने ऑन-ड्यूटी ट्रैफिक पुलिसकर्मी के साथ बदसलूकी और मारपीट कर दी। 7 सितंबर की दोपहर हुई इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मोहम्मद रिजवान को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जबकि पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बाइक को भी जब्त कर लिया है। इस पूरे वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शहर के पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने सरकारी काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का अल्टीमेटम जारी किया है।
हेलमेट न पहनने पर फोटो खींचने से भड़का विवाद
यह घटना 7 सितंबर 2026 की शाम लगभग 3:30 बजे अबिड्स ट्रैफिक पुलिस स्टेशन की सीमा में घटी। चौराहे पर रेड सिग्नल होने के कारण ट्रैफिक रुका हुआ था और ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मी वाहनों की जांच और यातायात संचालन में व्यस्त थे। उस दौरान अबिड्स ट्रैफिक पुलिस स्टेशन के होम गार्ड के. रविंदर, महिला सहायक उपनिरीक्षक (WASI) वाणी श्री और होम गार्ड विजय कुमार के साथ चौराहे पर मुस्तैद थे। इसी बीच एक दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट पहने वहां से गुजर रहा था। यातायात नियमों के उल्लंघन को देखते हुए होम गार्ड के. रविंदर ने अपने आधिकारिक कैमरे से उस चालक और उसकी मोटरसाइकिल की तस्वीर खींच ली ताकि नियमानुसार चालान जारी किया जा सके।
गलत दिशा से लौटकर गाली-गलौज और मारपीट का आरोप
पुलिस अधिकारी द्वारा तस्वीर लिए जाने की बात पता चलते ही बाइक सवार आपे से बाहर हो गया। आरोपी की पहचान 28 वर्षीय मोहम्मद रिजवान के रूप में हुई है, जो हैदराबाद में साइनबोर्ड बनाने का काम करता है। फोटो खींचे जाने से गुस्से में आए मोहम्मद रिजवान ने तुरंत अपनी बाइक का यू-टर्न लिया और यातायात नियमों को ताक पर रखते हुए गलत दिशा से वापस होम गार्ड के पास पहुंच गया। वहां पहुंचते ही उसने ड्यूटी पर तैनात होम गार्ड के. रविंदर के साथ तीखी बहस शुरू कर दी और उनके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगा। जब पुलिसकर्मी ने उसे समझाने का प्रयास किया, तो रिजवान हाथापाई पर उतर आया। आरोप है कि उसने होम गार्ड के साथ धक्का-मुक्की की और शारीरिक हमला कर दिया।
पत्नी भी विवाद में शामिल, मोबाइल से बनाया वीडियो
जिस समय यह पूरा घटनाक्रम घटित हो रहा था, उस समय पुलिस अधिकारी सड़क पर सुगम यातायात बनाए रखने और सुरक्षा नियमों की जांच में लगे हुए थे। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मोहम्मद रिजवान के साथ मौजूद उसकी पत्नी भी इस पूरे विवाद में कूद पड़ी। उसने भी ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। इतना ही नहीं, महिला ने अपने मोबाइल फोन से पुलिसकर्मियों के साथ हो रही इस पूरी बहस और धक्का-मुक्की की घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों आरोपियों ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के काम में गंभीर बाधा उत्पन्न की और उसी दोपहिया वाहन पर सवार होकर मौके से फरार हो गए।
नमपल्ली थाने में मामला दर्ज, आरोपी गिरफ्तार होकर जेल गया
घटना के तुरंत बाद पीड़ित होम गार्ड के. रविंदर ने पूरे मामले की लिखित शिकायत नमपल्ली पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) के तहत आपराधिक मामला पंजीकृत कर लिया। पुलिस टीम ने मामले की छानबीन की और वायरल वीडियो तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर मंगलवार (9 सितंबर 2026) को 28 वर्षीय आरोपी मोहम्मद रिजवान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई उसकी मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया है। गिरफ्तारी के पश्चात पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में प्रस्तुत किया, जहां से न्यायाधीश ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश जारी कर दिए।
पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार की सख्त चेतावनी
सड़क पर ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों के साथ हुई इस बदसलूकी और हाथापाई का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल होने के बाद हैदराबाद सिटी पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने इस पूरी घटना पर गहरा संज्ञान लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सड़क पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता, धमकी या काम में बाधा डालने की हरकत को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अपने कानूनी कर्तव्यों का पालन कर रहे पुलिसकर्मियों के काम में हस्तक्षेप करने वाले तत्वों के खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने आम वाहन चालकों और नागरिकों से अपील की कि वे सड़क पर सुरक्षित आवागमन के लिए यातायात नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करें और ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे पुलिसकर्मियों के साथ सहयोग करें। पुलिस प्रशासन का कहना है कि नियमों का पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य है और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के साथ हिंसा या विवाद करना एक गंभीर संज्ञेय अपराध है।



















