असम के मोरीगांव में बिजली चोरी की जांच के दौरान एक बेहद अजीब और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां बिजली विभाग की एक टीम ने स्थानीय पुलिस बल के साथ मिलकर एक घर पर छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के डर से घबराए मकान मालिक ने अपना एकदम नया फ्रिज और उसके साथ इस्तेमाल होने वाला स्टेबलाइजर उठाकर सीधे धान के खेत में छिपा दिया था ताकि अधिकारियों की नजरों से बचा जा सके। हालांकि, जांच के दौरान टीम ने उस फ्रिज को खेत से ढूंढ निकाला और उसे अपने कब्जे में ले लिया।
छापेमारी की पृष्ठभूमि और कारण
यह पूरी कार्रवाई असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा बिजली चोरी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियानों से जुड़ी हुई है। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने स्थानीय पुलिस बल को साथ लेकर एक विशेष व्यक्ति के आवास पर औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई से पहले ही यह बात सामने आई थी कि संबंधित मकान मालिक पर पहले भी बिजली चोरी के कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। इसी पुरानी पृष्ठभूमि और लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर विभाग की टीम ने उसके घर की गहन तलाशी लेने का फैसला किया था ताकि अवैध रूप से हो रहे बिजली इस्तेमाल के पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें।
रेड से पहले फ्रिज को ठिकाने लगाने की योजना
विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही मकान मालिक को इस छापेमारी की भनक लग चुकी थी। अंदेशा होने पर उसने तुरंत अपने घर में रखे नए फ्रिज को वहां से हटाने और किसी गुप्त स्थान पर छिपाने का ताना-बाना बुना। उसने सिर्फ फ्रिज ही नहीं बल्कि उसके साथ उसका स्टेबलाइजर भी उठाकर पास के धान के खेत में छिपा दिया। उसकी मंशा शायद यह रही होगी कि घर के अंदर तलाशी लेने पर यदि फ्रिज नहीं मिलेगा, तो जांच टीम को बिजली चोरी के पुख्ता सबूत नहीं मिल पाएंगे और वह बड़ी आसानी से बच निकलेगा। इसके लिए उसने खेत में ऐसी जगह का चुनाव किया था जहां वह दूर से नजर न आए।
युगाड़ का तरीका नहीं आया लंबे समय तक काम
मकान मालिक का यह शातिर दिमाग और जुगाड़ का तरीका ज्यादा देर तक काम नहीं आ सका। जब बिजली विभाग के कर्मचारी और स्थानीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने घर की बारीकी से जांच शुरू की, तो वहां बिजली चोरी से जुड़े कई अन्य अहम सबूत भी हाथ लग गए। इसी जांच-पड़ताल के दौरान टीम को इस बात की भनक लग गई कि खेत में कुछ छिपाया गया है। इसके बाद अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए धान के खेत में छिपाए गए उस नए फ्रिज और उसके स्टेबलाइजर को सफलतापूर्वक खोज निकाला। जिस सामान को वे विभाग की पैनी नजरों से छिपाने की जुगत भिड़ा रहे थे, अंततः वही सामान उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की मुख्य वजह बन गया।
फ्रिज की जब्ती और कानूनी कार्रवाई
जांच के दौरान खेत से फ्रिज और स्टेबलाइजर बरामद होने के बाद विभाग की टीम ने बिना कोई देरी किए उस पूरे सामान को अपने कब्जे में लेते हुए जब्त कर लिया। इसके साथ ही, मकान मालिक के खिलाफ बिजली चोरी के इस नए मामले में संबंधित धाराओं के तहत औपचारिक तौर पर पुलिस केस दर्ज कर लिया गया है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह बिजली चोरी कितने लंबे समय से चल रही थी और बिजली विभाग ने वित्तीय नुकसान की कितनी राशि का आकलन किया है, क्योंकि इस संबंध में कोई विस्तृत विवरण आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है।



















