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वर्ष 2026 की पहली छमाही में क्रिप्टो हैकिंग ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, 212 हमलों में 1 अरब डॉलर स्वाहाक्रिप्टो
29 जुल॰ 2026, 11:35 am (1 दिन पहले)· 1

वर्ष 2026 की पहली छमाही में क्रिप्टो हैकिंग ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, 212 हमलों में 1 अरब डॉलर स्वाहा

वर्ष 2026 के शुरुआती छह महीनों में डिजिटल परिसंपत्ति क्षेत्र पर अभूतपूर्व साइबर हमले दर्ज किए गए, जिनमें केल्पडीएओ और ड्रिफ्ट प्रोटोकॉल को सबसे ज्यादा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।

डिजिटल परिसंपत्ति बाजार के लिए वर्ष 2026 की पहली छमाही सुरक्षा के लिहाज से सबसे खतरनाक साबित हुई है। इस अवधि में क्रिप्टो परियोजनाओं पर कुल 212 पुष्ट साइबर हमले दर्ज किए गए, जिसके परिणामस्वरूप 1 अरब डॉलर से अधिक की डिजिटल संपत्तियां स्वाहा हो गईं। उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, घटनाओं की यह संख्या अब तक के इतिहास में किसी भी छह महीने की अवधि में दर्ज की गई सबसे अधिक संख्या है। इन हमलों के दौरान प्रति घटना औसत वित्तीय नुकसान 5.4 मिलियन डॉलर रहा। पूरे बाजार में हुई कुल क्षति का आधा हिस्सा केवल दो बड़ी साइबर घुसपैठ की घटनाओं के कारण हुआ, जिन्होंने विकेंद्रीकृत वित्त क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

केल्पडीएओ और ड्रिफ्ट प्रोटोकॉल पर अप्रैल महीने में दो बड़े साइबर हमले

वर्ष 2026 के शुरुआती छह महीनों में हुए कुल नुकसान में सबसे बड़ी हिस्सेदारी केल्पडीएओ और ड्रिफ्ट प्रोटोकॉल पर हुए साइबर हमलों की रही। इन दोनों मंचों को मिलाकर कुल 577 मिलियन डॉलर का चूना लगा। दोनों ही प्रमुख घटनाएं अप्रैल महीने में मात्र 17 दिनों के अंतर पर हुईं। केल्पडीएओ इस छमाही की सबसे बड़ी साइबर घुसपैठ का शिकार बना, जहां एक कंप्रोमाइज्ड ब्रिज के जरिए क्रॉस-चेन मैसेजिंग सिस्टम में सेंध लगाई गई और 292 मिलियन डॉलर की संपत्ति निकाल ली गई। इसके महज कुछ ही दिनों बाद ड्रिफ्ट प्रोटोकॉल को निशाना बनाया गया, जहां हमलावरों ने मल्टीसिग सुरक्षा व्यवस्था में घुसपैठ करके केवल 12 मिनट के भीतर 285 मिलियन डॉलर ड्रेन कर लिए।

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ऐतिहासिक संदर्भ में देखें तो अप्रैल 2026 में हुए ये दो हमले इस छमाही के सबसे विनाशकारी हमले रहे। इससे पहले केवल फरवरी 2025 में बायबिट पर हुआ 1.5 अरब डॉलर का हैक ही वित्तीय नुकसान के मामले में इन घटनाओं से बड़ा रहा है। ब्लॉकएड के अनुसार, ड्रिफ्ट और केल्पडीएओ की घटनाएं 17 दिनों के अंतराल में हुईं और दोनों ने मिलकर 577 मिलियन डॉलर का नुकसान पहुंचाया, जो वर्ष 2026 की पहली छमाही में हुए कुल मौद्रिक नुकसान के आधे से भी अधिक है।

विशेषाधिकार प्राप्त कुंजियों का दुरुपयोग और एआई जनित जटिल खतरे

इस अवधि के दौरान विभिन्न प्रोटोकॉल पर हुए हमलों का सबसे प्रमुख कारण विशेषाधिकार प्राप्त निजी कुंजियों यानी प्रिविलेज्ड कीज का दुरुपयोग रहा। केवल इस एक भेद्यता के कारण सुरक्षा प्रणालियों के विफल होने से 790 मिलियन डॉलर का वित्तीय नुकसान हुआ। इसके साथ ही, हमलावरों ने एआई एजेंट्स को भी अपना नया निशाना बनाना शुरू कर दिया है, जो इस छमाही में सबसे तेजी से उभरते हुए खतरे के रूप में सामने आया है।

ब्लॉकएड की रिपोर्ट के आंकड़ों से पता चलता है कि अकेले 2026 की पहली छमाही में सत्यापित साइबर घटनाओं की संख्या पिछले पूरे वर्ष 2025 में दर्ज की गई कुल घटनाओं की तुलना में 3.4 गुना अधिक रही। रिपोर्ट के निष्कर्षों में कहा गया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI द्वारा संचालित हमलावरों की बढ़ती तकनीकी समझ और राज्य-प्रायोजित तथा प्रतिबंधित साइबर आपराधिक समूहों, विशेष रूप से DPRK से जुड़े हैकर्स की सक्रियता ने इन मामलों में इतनी बड़ी वृद्धि दर्ज कराई है।

ऑन-चेन प्रोटोकॉल और क्रॉस-चेन ब्रिज पर सबसे ज्यादा प्रहार

सुरक्षा विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि हैकर्स के प्राथमिक निशाने पर ऑन-चेन प्रोटोकॉल रहे, जिनसे कुल 524 मिलियन डॉलर की निकासी की गई। दूसरी ओर, विभिन्न ब्लॉकचेन नेटवर्क को आपस में जोड़ने वाले क्रॉस-चेन ब्रिज भी लगातार साइबर हमलों की चपेट में आए, जिनसे पहली छमाही में 372 मिलियन डॉलर की चपत लगी।

क्रॉस-चेन ब्रिज से जुड़ी सुरक्षा घटनाओं में केल्पडीएओ में कुंजी समझौता और वेरस, ताइको, एलेफियम, सीक्रेट/एक्सलार, स्वैपनेट तथा सिसकॉइन जैसे प्रोटोकॉल के कोड में मौजूद खामियों का फायदा उठाकर किए गए साइबर हमले शामिल थे। हैकर्स ने इन स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स में मौजूद तकनीकी त्रुटियों का व्यवस्थित रूप से लाभ उठाया।

ब्लॉकचेन नेटवर्क के आधार पर वित्तीय क्षति का विश्लेषण

विभिन्न ब्लॉकचेन नेटवर्क के आधार पर यदि नुकसान का मूल्यांकन किया जाए, तो एथेरियम और सोलाना नेटवर्क पर सबसे अधिक सफल हैक दर्ज किए गए। एथेरियम पारिस्थितिकी तंत्र को 332 मिलियन डॉलर का नुकसान झेलना पड़ा, जबकि सोलाना आधारित परियोजनाओं को 326 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।

हालांकि, एथेरियम वर्चुअल मशीन यानी EVM पर आधारित लेयर-1 नेटवर्क (जैसे एथेरियम, BNB और एवलांच) मौद्रिक क्षति के मामले में सबसे आगे रहे और इन पर सबसे अधिक संख्या में हमले किए गए। दूसरी ओर, नॉन-EVM नेटवर्क दूसरे स्थान पर रहे, जिसमें सोलाना नेटवर्क की हिस्सेदारी सबसे प्रमुख रही। लेयर-2 यानी L2 नेटवर्क पर मूल रूप से होने वाला वित्तीय नुकसान लगभग 10 मिलियन डॉलर रहा, लेकिन घटनाओं की संख्या के मामले में इनकी हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।

भविष्य के सुरक्षा जोखिम और नए तकनीकी खतरे

डिजिटल परिसंपत्ति क्षेत्र में सुरक्षा खतरों का विश्लेषण करते हुए ब्लॉकएड का मानना है कि मल्टीसिग हस्ताक्षरकर्ताओं को निशाना बनाने की कोशिशें आगे भी जारी रहने की पूरी संभावना है, क्योंकि इस छमाही के चार सबसे बड़े नुकसानों में से दो इसी कारण से हुए थे। इसके अतिरिक्त, विशेषज्ञों ने EIP-7702 मानकों से जुड़े सुरक्षा मुद्दों, ब्रिज हमलों और एआई एजेंटों को निशाना बनाने वाले नए साइबर खतरों में वृद्धि की चेतावनी दी है।

सवाल-जवाब

2026 की पहली छमाही में क्रिप्टो हैकिंग में कुल कितना नुकसान हुआ?
2026 की पहली छमाही में कुल 212 साइबर हमलों में 1 अरब डॉलर का वित्तीय नुकसान हुआ।
इस अवधि में सबसे बड़े क्रिप्टो हमले कौन से थे?
केल्पडीएओ (292 मिलियन डॉलर) और ड्रिफ्ट प्रोटोकॉल (285 मिलियन डॉलर) पर हुए हमले सबसे बड़े थे, जो अप्रैल 2026 में 17 दिनों के अंतर पर हुए।
हैकिंग की घटनाओं का मुख्य कारण क्या था?
प्रिविलेज्ड प्राइवेट कीज का दुरुपयोग मुख्य कारण रहा, जिससे 790 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। इसके अलावा एआई चालित हमले और ब्रिज खामियां भी जिम्मेदार रहीं।
कौन से ब्लॉकचेन नेटवर्क सबसे ज्यादा प्रभावित हुए?
एथेरियम नेटवर्क को 332 मिलियन डॉलर और सोलाना नेटवर्क को 326 मिलियन डॉलर का नुकसान झेलना पड़ा।
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