वॉल स्ट्रीट की सबसे बड़ी ट्रेडिंग कंपनियों में से एक अब क्रिप्टो की दुनिया में और गहराई से उतर रही है। 9.7 अरब डॉलर की कैपिटल मार्केट कंपनी सिटाडेल सिक्योरिटीज क्रिप्टो एक्सचेंज क्रिप्टो.कॉम में 400 मिलियन डॉलर लगा रही है, और यह कदम दिखाता है कि बड़े संस्थान अब डिजिटल एसेट्स को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं।
इस सौदे के साथ क्रिप्टो.कॉम की वैल्यूएशन 20 अरब डॉलर आंकी गई है, और यह एक्सचेंज का अब तक का पहला संस्थागत फंडरेजिंग राउंड है। कंपनी के मुताबिक इस नई पूंजी का मकसद टोकनाइज्ड सिक्योरिटीज और डेरिवेटिव्स समेत नए एसेट क्लास में अपने विस्तार को रफ्तार देना है।
दोनों पक्ष क्यों उत्साहित हैं
दोनों तरफ के अधिकारियों ने इस निवेश को फाइनेंस की दिशा बदलने वाला बताया। सिटाडेल सिक्योरिटीज के प्रेसिडेंट जिम एस्पोसिटो ने कहा, "पारंपरिक वित्तीय बाजारों और डिजिटल एसेट इंफ्रास्ट्रक्चर का आपस में मिलना एक रोमांचक बदलाव है, जिसमें बाजार की कार्यक्षमता को और बेहतर करने की क्षमता है।" क्रिप्टो.कॉम के सीईओ क्रिस मार्शालेक ने कहा, "हमारे सामने मौजूद मौके का आकार हैरान करने वाला है, क्योंकि क्रिप्टो तेजी से फाइनेंस की बुनियाद बनता जा रहा है।"
क्रिप्टो.कॉम कहां खड़ा है
ट्रेडिंग वॉल्यूम के लिहाज से क्रिप्टो.कॉम दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों में 11वें नंबर पर है। सबसे ऊपर बाइनेंस है, जबकि अमेरिका में लिस्टेड कॉइनबेस का मार्केट कैप 43 अरब डॉलर के साथ अमेरिका में सबसे बड़ा है। क्रिप्टो.कॉम अपने प्लेटफॉर्म के जरिए रिटेल ट्रेडर्स को क्रिप्टो, स्टॉक और प्रेडिक्शन मार्केट की सुविधा देता है, और इसकी अपनी इंटरनल मार्केट-मेकिंग टीम भी है। फरवरी में कंपनी ने अमेरिकी नियामक से नेशनल ट्रस्ट बैंक चार्टर के लिए सशर्त मंजूरी हासिल की थी, जो इसे मुख्यधारा के फाइनेंस के और करीब ले जाती है।
सिटाडेल का पहला क्रिप्टो दांव नहीं
यह सिटाडेल सिक्योरिटीज का इस सेक्टर में पहला निवेश नहीं है। पिछले नवंबर में इसने क्रिप्टो एक्सचेंज क्रैकन में 200 मिलियन डॉलर लगाए थे, और उस ग्रुप में इसकी मार्केट-मेकिंग प्रतिद्वंद्वी जेन स्ट्रीट भी शामिल थी। यह पूरा माहौल एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है। 2026 में जब दुनिया भर की क्रिप्टोकरेंसी का मार्केट कैप 2.2 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है, तो पारंपरिक निवेश बैंक और कंपनियां अपने ग्राहकों के लिए सेवाएं बढ़ाने के मकसद से इस उद्योग की तरफ भाग रही हैं। स्टेबलकॉइन इंडस्ट्री निवेशकों के लिए अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने का एक और रास्ता बन गई है, और जेपी मॉर्गन, बैंक ऑफ अमेरिका और वीज़ा जैसी दिग्गज कंपनियां भी इसमें कूद रही हैं।





















