क्रिप्टोकरेंसी बाजार के शीर्ष डिजिटल टोकन बिटकॉइन में जोरदार उछाल के बाद अब ठहराव देखने को मिल रहा है। मंगलवार को बाजार में मुनाफावसूली का दौर हावी होने से इसका भाव 85,500 डॉलर के नीचे फिसलकर 85,185 डॉलर के आसपास कारोबार करता नजर आया। इससे एक दिन पहले यानी सोमवार को टोकन में 6.7 प्रतिशत की शानदार तेजी आई थी और यह 87,395 डॉलर की ऊंचाई छूने में कामयाब रहा था। भारी बिकवाली के बावजूद संस्थागत निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत बना हुआ है, जिसे अमेरिकी स्पॉट ईटीएफ में आ रहे भारी प्रवाह से स्पष्ट तौर पर समझा जा सकता है।
संस्थागत खरीदारी बनाम रिकॉर्ड मुनाफावसूली
बाजार के ऑन-चेन आंकड़ों पर नजर डालें तो सेंटिमेंट का नेटवर्क रियलाइज्ड प्रॉफिट/लॉस (NPL) पैमाना एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। यह उछाल दिखाता है कि हालिया तेजी के बाद टोकन धारक अपने निवेश पर जोरदार मुनाफा समेट रहे हैं। सोमवार को दर्ज हुआ यह स्तर 12 दिसंबर 2025 के बाद का सबसे ऊंचा आंकड़ा है, जो साफ करता है कि निवेशक बड़े पैमाने पर लाभ सुरक्षित कर रहे हैं और यही वजह है कि मौजूदा स्तरों पर तात्कालिक बिकवाली का दबाव गहराया है।
दूसरी तरफ, बड़े फंड्स और वित्तीय संस्थानों की ओर से खरीदारी की गति थमी नहीं है। सोसोवैल्यू के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी शेयर बाजारों में सूचीबद्ध स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ में सोमवार को 998.95 मिलियन डॉलर यानी करीब 1 अरब डॉलर की शुद्ध पूंजी आई। पिछले हफ्ते से शुरू हुआ यह सकारात्मक निवेश लगातार तीसरे दिन जारी रहा। ध्यान देने वाली बात यह है कि सोमवार को दर्ज हुआ यह प्रवाह 7 अक्टूबर 2025 को आए 875.61 मिलियन डॉलर के बाद का सबसे बड़ा एकदिनी आंकड़ा है। गौरतलब है कि उस समय 6 अक्टूबर को बिटकॉइन ने 126,199 डॉलर का अपना सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर हासिल किया था। यदि मौजूदा प्रवाह आने वाले दिनों में भी कायम रहता है, तो मूल्य वृद्धि का यह सिलसिला आगे और खिंच सकता है।
रणनीतिक खरीदारी और नियामक घटनाक्रम
कॉरपोरेट जगत की बड़ी फर्म स्ट्रैटेजी (MSTR) ने भी अपनी बिटकॉइन ट्रेजरी का विस्तार किया है। कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट में 950 BTC नए जोड़े हैं। अगस्त के बाद से स्ट्रैटेजी द्वारा की गई यह पहली सीधी खरीदारी है, जिसने दीर्घकालिक निवेशकों के भरोसे को मजबूती दी है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी सीनेट में क्लेरिटी एक्ट के पारित न हो पाने और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी से जुड़े घटनाक्रमों के बाद वैकल्पिक नियामक विस्तार पर बाजार की नजरें टिकी हुई हैं।
तकनीकी संकेतक और समर्थन-प्रतिरोध के स्तर
तकनीकी चार्ट पर बिटकॉइन की स्थिति अभी भी काफी मजबूत दिखाई दे रही है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) लगभग 69 के आसपास बना हुआ है, जो तेज सकारात्मक गति को दर्शाता है, हालांकि यह अत्यधिक ओवरबॉट सीमा के करीब भी पहुंच रहा है। वहीं मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) शून्य से ऊपर बना हुआ है, जिसमें ताजा तेजी के रुझान बने रहने के संकेत हैं। मौजूदा सत्र में 52 हफ्तों का दायरा 57,748 डॉलर से 97,861 डॉलर के बीच देखा गया है।
ऊपरी स्तरों पर नजर डालें तो पहला बड़ा अवरोध 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर 91,999 डॉलर पर दिखाई दे रहा है। इसके पार निकलने पर 61.8 प्रतिशत रिट्रेसमेंट स्तर 100,071 डॉलर और फिर 78.6 प्रतिशत रिट्रेसमेंट 111,562 डॉलर पर अहम बाधा साबित हो सकता है, जिसके बाद नजरें 126,199 डॉलर के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर टिकेंगी। गिरावट की स्थिति में फौरी तौर पर 85,000 डॉलर का क्षैतिज स्तर और 38.2 प्रतिशत फिबोनाची स्तर 83,928 डॉलर पर समर्थन प्रदान कर रहे हैं। गहरा दबाव बनने पर 23.6 प्रतिशत फिबोनाची स्तर और ईएमए समूह 73,942 डॉलर के करीब रक्षात्मक ढाल बनेंगे, जबकि वृहद तेजी को कायम रखने के लिए 66,500 डॉलर और 62,300 डॉलर के संरचनात्मक स्तर सबसे अहम माने जा रहे हैं।
अन्य क्रिप्टोकरेंसीज और मीम कॉइन्स का हाल
बिटकॉइन में ठहराव के बीच अन्य प्रमुख डिजिटल संपत्तियों में भी हलचल तेज रही। पेपे (PEPE) ने बीते 24 घंटों में करीब 30 प्रतिशत की भारी छलांग लगाई, जिसने अधिकांश अग्रणी क्रिप्टोकरेंसीज को पीछे छोड़ दिया। डेरिवेटिव्स बाजार के आंकड़ों के अनुसार, इस मीम कॉइन में 2 मिलियन डॉलर से अधिक की शॉर्ट स्क्वीज देखी गई, जिससे मंदी के सौदे करने वाले ट्रेडर्स को अपनी स्थिति वापस खरीदने पर मजबूर होना पड़ा और इससे कीमत को अतिरिक्त उछाल मिला।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े टोकन्स में बिटटेन्सर (TAO) और FET बीते 24 घंटों में शीर्ष प्रदर्शन करने वालों की सूची में उभरे। दूसरी तरफ रिपल (XRP) और स्टेलर (XLM) ने हफ्ते की शुरुआत में करीब 9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करने के बाद स्थिरता दिखाई। हालांकि डेरिवेटिव्स के मिले-जुले आंकड़े इन दोनों टोकन्स में आगे की तेजी को सीमित करने का जोखिम भी दर्शाते हैं। एथेरियम (ETH) सोमवार को 2,700 डॉलर के ऊपर निकल गया। अमेरिकी सीनेट में क्लेरिटी एक्ट की विफलता के बाद पिछले हफ्ते यह 2,400 डॉलर के नीचे फिसल गया था, लेकिन निवेशकों ने इसके ऑन-चेन औसत लागत आधार यानी 2,310 डॉलर के रियलाइज्ड प्राइस स्तर का कड़ा बचाव किया और इसे दोबारा 2,700 डॉलर के पार धकेलने में कामयाबी हासिल की।


















