क्रिप्टोकरेंसी बाजार में एक बार फिर जोरदार हलचल देखने को मिल रही है, जहां दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल संपत्ति बिटकॉइन ने मजबूती के साथ वापसी करते हुए 86,000 डॉलर के स्तर की ओर छलांग लगाई है। पिछले एक सप्ताह के दौरान बाजार की बुनियादी स्थितियों में ठोस सुधार दर्ज किया गया है। हाजिर यानी स्पॉट बाजार में खरीदारों की आक्रामक वापसी और डेरिवेटिव्स बाजार में बढ़ती हलचल ने कीमतों को ऊपर उठाने में केंद्रीय भूमिका निभाई है। केवल बिटकॉइन ही नहीं, बल्कि इस उछाल के सहारे समूचे डिजिटल एसेट क्षेत्र में सकारात्मक माहौल तैयार हुआ है, जिससे प्रमुख ऑल्टकॉइन्स भी मजबूती के संकेत दे रहे हैं।
मोमेंटम में 12.5 प्रतिशत का उछाल और स्पॉट वॉल्यूम में बड़ा बदलाव
ग्लासनोड के हालिया आंकड़ों के मुताबिक बिटकॉइन का प्राइस मोमेंटम इंडिकेटर 47.7 से सुधरकर 53.6 के स्तर पर पहुंच गया है, जो एक ही सप्ताह के भीतर 12.5 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़त को दर्शाता है। मोमेंटम का इस दायरे के मध्य स्तर तक पहुंचना यह स्पष्ट करता है कि हालिया बिकवाली और कमजोरी के दौर के बाद कीमतों में स्थायित्व आ गया है। इस बारे में ग्लासनोड ने कहा,
“निचले स्तरों से आई यह रिकवरी बेहतर होती मूल्य गतिविधियों और तात्कालिक बिकवाली दबाव से दूर जाने के बदलाव को दर्शाती है।”
बाजार की इस दिशा का सबसे पुख्ता प्रमाण स्पॉट क्युमुलेटिव वॉल्यूम डेल्टा यानी सीवीडी से मिलता है। पिछले सप्ताह यह आंकड़ा नकारात्मक 97.9 मिलियन डॉलर पर दर्ज था, जो अब पलटकर सीधे सकारात्मक 46 मिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। एक सप्ताह के भीतर इसमें 147 प्रतिशत का भारी सुधार देखा गया। यह बदलाव साफ तौर पर दिखाता है कि बाजार में सक्रिय बड़े खरीदार अब सक्रिय रूप से कीमतों को ऊंचा उठाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे शुद्ध बिकवाली का सिलसिला खत्म होकर सकारात्मक वॉल्यूम में तब्दील हो चुका है।
फ्यूचर्स में ओपन इंटरेस्ट 37.28 अरब डॉलर तक पहुंचा
डेरिवेटिव्स सेगमेंट में भी व्यापारियों का उत्साह चरम पर दिखाई दे रहा है। बिटकॉइन फ्यूचर्स का ओपन इंटरेस्ट 2.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 36.2 अरब डॉलर से बढ़कर 37.28 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, जो इसके उच्च सांख्यिकीय दायरे से भी थोड़ा ऊपर निकल चुका है। इसके साथ ही लॉन्ग साइड फंडिंग पेमेंट्स में 47 प्रतिशत का तेज उछाल आया है, जो 1.6 मिलियन डॉलर से बढ़कर 2.3 मिलियन डॉलर हो गया है। जब फंडिंग शुल्क बढ़ता है, तो इसका सीधा अर्थ यह होता है कि तेजी का दांव लगाने वाले लीवरेज्ड ट्रेडर्स अपनी पोजीशन को बनाए रखने के लिए अधिक प्रीमियम चुकाने को तैयार हैं।
परपेचुअल सीवीडी में तो इससे भी अधिक नाटकीय बदलाव दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा नकारात्मक 312.5 मिलियन डॉलर के स्तर से 203.4 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगाकर सकारात्मक 323.1 मिलियन डॉलर पर पहुंच गया। इस जबरदस्त उलटफेर से यह स्पष्ट होता है कि परपेचुअल फ्यूचर्स में शॉर्ट सेलर्स बैकफुट पर आ गए हैं और खरीदारों ने इस पूरे बाजार पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है।
ईटीएफ ट्रेडिंग वॉल्यूम में 42 प्रतिशत की तेजी और संस्थागत प्रवाह
अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ के मोर्चे पर मिश्रित लेकिन सक्रिय रुख देखने को मिला है। हालांकि शुद्ध प्रवाह नकारात्मक 311.4 मिलियन डॉलर पर दर्ज किया गया, जो यह दर्शाता है कि कुछ विनियमित संस्थागत निवेशक मौजूदा स्तरों पर मुनाफावसूली कर रहे हैं अथवा पूंजी निकाल रहे हैं। इसके बावजूद ग्लासनोड ने स्पष्ट किया है कि यह निकासी किसी गंभीर ढांचागत संकट या बिकवाली के डर जैसी स्थिति में नहीं बदली है।
दूसरी ओर, ईटीएफ की ट्रेडिंग वॉल्यूम में भारी उछाल दर्ज किया गया। यह वॉल्यूम 11.4 अरब डॉलर से 42 प्रतिशत बढ़कर 16.2 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। यह इजाफा इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि पारंपरिक वित्तीय संस्थान और बड़े निवेशक बाजार में आए इस बदलाव को नजरअंदाज नहीं कर रहे हैं और व्यापक घटनाक्रमों के अनुसार सक्रिय रूप से लेनदेन कर रहे हैं। इसके समानांतर, अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ में पिछले सप्ताह 6.21 मिलियन डॉलर का हल्का निवेश भी देखा गया, जिसने क्लैरिटी एक्ट से जुड़ी बाधाओं और फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख के बावजूद बाजार के लचीलेपन को साबित किया।
अमेरिकी विधायी प्रगति और शुक्रवार की बड़ी ऑप्शंस एक्सपायरी
बाजार में आई इस तेजी के पीछे नीतिगत मोर्चे पर हुई एक अहम प्रगति भी शामिल है। क्यूसीपी के विश्लेषकों के अनुसार बाजार को अच्छा समर्थन मिल रहा है, जिसका मुख्य श्रेय अमेरिकन रिजर्व मॉडर्नाइजेशन एक्ट यानी एआरएमए की प्रगति को जाता है। इस विधेयक को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की वित्तीय सेवा समिति से मंजूरी मिल गई है। यदि यह कानून बन जाता है, तो यह अमेरिका में एक रणनीतिक बिटकॉइन रिजर्व स्थापित कर सकता है और संघीय स्तर पर डिजिटल परिसंपत्तियों को रखने के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा तैयार करेगा।
इसके अलावा, आने वाले शुक्रवार को तिमाही ऑप्शंस एक्सपायरी होने वाली है, जिसके कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। बिटकॉइन ऑप्शंस के कुल ओपन इंटरेस्ट का लगभग 43 प्रतिशत हिस्सा इसी एक्सपायरी में केंद्रित है। क्यूसीपी ने अपनी टिप्पणी में रेखांकित किया,
“लगभग 43 प्रतिशत बीटीसी ऑप्शंस ओपन इंटरेस्ट इस शुक्रवार की तिमाही एक्सपायरी में केंद्रित है।”इसमें अगस्त में खरीदे गए बड़े 25SEP26 कॉल कॉन्डोर से जुड़े 85k, 90k, 95k और 100k स्ट्राइक मूल्य सबसे बड़े ओपन इंटरेस्ट संकेंद्रण में शामिल हैं।
समूचे क्रिप्टो बाजार में रौनक और तकनीकी स्तर
बिटकॉइन की इस तेजी का असर व्यापक ऑल्टकॉइन बाजार पर भी पड़ा है। रिपल यानी एक्सआरपी सोमवार को करीब 1.50 डॉलर के स्तर पर मजबूत बना रहा और इसने लगातार चार दिनों की बढ़त दर्ज की, जबकि इसके बाद यह 1.47 डॉलर के आसपास स्थिर देखा गया। वहीं इथेरियम 2,700 डॉलर के ऊपर कारोबार करता नजर आया। इसके अलावा, पाई नेटवर्क भी सोमवार को 4 प्रतिशत उछला, जिससे पहले दिन की 2 प्रतिशत की रिकवरी को और मजबूती मिली। निवेशकों की बढ़ती जोखिम लेने की क्षमता के कारण ऐसी परिसंपत्तियों को भी नए खरीदार मिल रहे हैं। बिटकॉइन ने 5.64 प्रतिशत की छलांग लगाकर पिछले सप्ताह 50-सप्ताह के एसएमए 78,200 डॉलर के ऊपर साप्ताहिक क्लोजिंग दी थी और सोमवार को आठ महीने के उच्च स्तर 85,000 डॉलर को पार कर लिया था।
लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, क्लोजिंग बेल सत्र में बिटकॉइन 86,473 डॉलर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद 81,143 डॉलर के मुकाबले 6.57 प्रतिशत की बढ़त पर है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय आरएसआई 74 के स्तर पर ओवरबॉट जोन में है, जबकि एमएसीडी 1958.55 पर सिग्नल लाइन 1569.61 के ऊपर बुलिश रुख दिखा रहा है। 50-दिवसीय ईएमए 74,984 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 74,408 डॉलर के साथ गोल्डन क्रॉस बना हुआ है। शॉर्ट टर्म तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, बिटकॉइन ने नीचे की ओर जा रहे ट्रेंड चैनल की सीमा को तोड़ दिया है और 80,700 के रेजिस्टेंस को पार कर लिया है, जो अब नए सपोर्ट का काम करेगा। मीडियम टर्म में कीमत 82,000 के ऊपर निकलकर सकारात्मक रुख दर्शा रही है, जबकि पिवट पॉइंट 84,896 डॉलर और अगला कड़ा रेजिस्टेंस आर1 88,858 डॉलर और आर2 91,244 डॉलर पर स्थित है।





















