क्रिप्टोकरेंसी बाजार में मीम टोकन्स की हलचल के बीच शीबा इनू में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की जा रही है। पिछले कारोबारी दिन 10 प्रतिशत से अधिक की छलांग लगाने के बाद यह टोकन मंगलवार को 0.0000060 डॉलर के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है। डेरिवेटिव्स बाजार में बढ़ती गतिविधि, ऊंचे ओपन इंटरेस्ट और सकारात्मक फंडिंग दरों के तालमेल ने टोकन के अल्पकालिक परिदृश्य को मजबूत बना दिया है। तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक मोमेंटम इंडिकेटर्स खरीदारों के नियंत्रण को दर्शा रहे हैं, जिससे कीमतों में और इजाफे की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
फंडिंग रेट्स और ओपन इंटरेस्ट से मिले सकारात्मक संकेत
डेरिवेटिव्स बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो 16 सितंबर को शीबा इनू की फंडिंग दर सकारात्मक रुख में तब्दील हो गई थी। मंगलवार को यह दर 0.0099 प्रतिशत दर्ज की गई, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि लॉन्ग पोजीशन रखने वाले ट्रेडर्स शॉर्ट पोजीशन वालों को भुगतान कर रहे हैं। सामान्य तौर पर डेरिवेटिव्स बाजार में ऐसा परिदृश्य तब बनता है जब निवेशकों का रुझान तेजी की ओर केंद्रित होता है। ओपन इंटरेस्ट और ट्रेडिंग वॉल्यूम में एक साथ आया यह उछाल बताता है कि मौजूदा स्तरों पर नई पूंजी बाजार में प्रवेश कर रही है, जो बाजार के विश्वास को रेखांकित करता है।
तकनीकी स्तर और 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज
मूल्य व्यवहार के लिहाज से सोमवार का सत्र काफी निर्णायक साबित हुआ, जब टोकन 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़त हासिल करते हुए 0.0000056 डॉलर पर स्थित 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के ऊपर बंद हुआ। मंगलवार को इस तेजी का विस्तार जारी रहा और यह डिजिटल टोकन लगभग 0.0000062 डॉलर के आसपास ट्रेड करता दिखाई दिया। मौजूदा मूल्य स्तर अब एक प्रमुख घटती ट्रेंडलाइन के बेहद करीब पहुंच चुका है।
बाजार के मौजूदा चार्ट पैटर्न के अनुसार यदि शीबा इनू इस घटती ट्रेंडलाइन को तोड़कर 0.0000063 डॉलर के आसपास टिकने में सफल रहता है, तो खरीदारी का यह सिलसिला अगले प्रमुख रेजिस्टेंस स्तर 0.0000068 डॉलर तक खिंच सकता है। इसके विपरीत, यदि बाजार में मुनाफावसूली या तकनीकी सुधार हावी होता है, तो नीचे की ओर 200-दिवसीय EMA यानी 0.0000056 डॉलर एक प्रमुख सपोर्ट क्षेत्र के रूप में सामने आ सकता है।
आरएसआई और एमएसीडी से मजबूत मोमेंटम की पुष्टि
तकनीकी संकेतकों में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है और 70 के ओवरबॉट स्तर के करीब पहुंच रहा है। आरएसआई की यह चाल मजबूत खरीदारी दबाव और तेजी के मोमेंटम को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) में शनिवार को एक बुलिश क्रॉसओवर देखा गया था, जो अब भी बरकरार है। हिस्टोग्राम पर बढ़ती हरी पट्टियां इस बात का प्रमाण हैं कि खरीदार कीमतों को नए स्तरों पर ले जाने के लिए सक्रिय हैं।
पेपे में शॉर्ट स्क्वीज और व्यापक मीम कॉइन हलचल
शीबा इनू के अलावा मीम कॉइन श्रेणी के अन्य टोकन्स में भी भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। पेपे की कीमत पिछले 24 घंटों में लगभग 30 प्रतिशत चढ़ गई, जिसने अधिकांश शीर्ष क्रिप्टोकरेंसी संपत्तियों को पीछे छोड़ दिया। डेरिवेटिव्स डेटा के अनुसार इसी समयावधि में 20 लाख डॉलर से अधिक का शॉर्ट स्क्वीज दर्ज किया गया, जिसके चलते शॉर्ट सेलर्स को अपने नुकसान को सीमित करने के लिए टोकन वापस खरीदने पर मजबूर होना पड़ा। तकनीकी संकेतकों के मजबूत होने से पेपे का रुझान भी बढ़त की ओर बना हुआ है।
बिटकॉइन, एथेरियम और प्रमुख ऑल्टकॉइन्स की स्थिति
समग्र क्रिप्टो बाजार की दिशा तय करने वाला बिटकॉइन 85,000 डॉलर से ऊपर स्थिर बना हुआ है। संस्थागत निवेश के सकारात्मक प्रवाह, अगस्त के बाद से पहली बार स्ट्रेटेजी द्वारा की गई बिटकॉइन खरीदारी और क्लेरिटी एक्ट की विफलता के बाद वैकल्पिक नियामक विस्तारों ने बिटकॉइन के माहौल को सहारा दिया है। वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस श्रेणी के टोकन्स, जैसे बिटटेन्सर (TAO) और एफईटी (FET), पिछले 24 घंटों में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले डिजिटल एसेट्स के रूप में उभरे हैं।
दूसरी ओर, सप्ताह की शुरुआत में लगभग 9 प्रतिशत चढ़ने के बाद रिपल (XRP) और स्टेलर (XLM) की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। दोनों टोकन्स के सुधरते मोमेंटम इंडिकेटर्स आगे की रैली की ओर इशारा कर रहे हैं, हालांकि मिश्रित डेरिवेटिव्स डेटा को देखते हुए ट्रेडर्स सतर्क रुख अपना रहे हैं ताकि हालिया बढ़त बरकरार रह सके।
एथेरियम सोमवार को 2,700 डॉलर के पार निकल गया। सीनेट में क्लेरिटी एक्ट के आगे न बढ़ पाने और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में की गई वृद्धि से उपजे नकारात्मक माहौल के बावजूद निवेशकों ने एथेरियम के रियलाइज्ड प्राइस स्तर का मजबूती से बचाव किया। पिछले सप्ताह जब यह कानून आगे नहीं बढ़ सका था, तब ईटीएच 2,400 डॉलर से नीचे लुढ़क गया था। हालांकि 2,310 डॉलर पर मौजूद इसके रियलाइज्ड प्राइस यानी ऑन-चेन औसत लागत आधार ने एक मजबूत तकनीकी आधार प्रदान किया, जिससे कीमत पुनः 2,700 डॉलर के ऊपर लौटने में कामयाब रही।



















