क्रिप्टो बाजार में मंगलवार को XRP की चाल पर सबकी नजर रही। टोकन पिछले बंद भाव $1.40 से करीब 2.79% उछलकर $1.44 तक पहुंच गया, और यह तेजी डेरिवेटिव्स मार्केट में लगातार बढ़ती बुलिश पोजीशनिंग के बीच आई है।
ओपन इंटरेस्ट लगातार स्थिर बना हुआ है
परपेचुअल फ्यूचर्स में कुल खुले सौदों यानी ओपन इंटरेस्ट (OI) की बात करें तो यह हल्की बढ़त के साथ 2.24 अरब XRP पर पहुंच गया है। एक दिन पहले यह आंकड़ा 2.23 अरब XRP था, जबकि पिछले रविवार को 2.2 अरब XRP दर्ज हुआ था। अगर पीछे मुड़कर देखें तो 15 अगस्त को OI 2.78 अरब XRP पर था, जहां से यह लगातार नीचे फिसलता गया और अब जाकर मौजूदा स्तर पर टिकता दिख रहा है। ट्रेडर्स के लिए यह स्थिरता अहम संकेत है क्योंकि अगर रिटेल निवेशक इसी रफ्तार से नई पोजीशन जोड़ते रहे, तो इससे कीमत को $1.40 के ऊपर टिके रहने में मदद मिल सकती है।
फंडिंग रेट बता रहा तेजड़ियों का भरोसा
OI-वेटेड फंडिंग रेट अभी भी पॉजिटिव जोन यानी 0.01% पर बना हुआ है। कॉइनग्लास के आंकड़ों के मुताबिक यह स्तर 28 अगस्त से लगातार बना हुआ है, जिसका सीधा मतलब है कि बुल्स यानी तेजी के कारोबारी लॉन्ग पोजीशन खुली रखने के लिए प्रीमियम चुकाने को भी तैयार हैं। यानी बाजार में फिलहाल तेजड़ियों का ही दबदबा दिख रहा है।
चार्ट पर XRP: प्रतिरोध पार, लेकिन सतर्कता भी जरूरी
ताजा आंकड़ों के अनुसार XRP अभी $1.44 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव $1.40 से 2.79% ऊपर है। पिछले 52 हफ्तों में इसका दायरा $0.9884 से $2.41 के बीच रहा है। हालांकि, कारोबार वॉल्यूम 20-दिन के औसत के मुकाबले सिर्फ 0.50 गुना ही है, यानी यह तेजी अभी तक भारी खरीदारी के बल पर नहीं बल्कि हल्के वॉल्यूम में ही बन रही है, जो सतर्क रहने की एक वजह है।
मूविंग एवरेज के लिहाज से टोकन 20-दिन के EMA ($1.36), 50-दिन के EMA ($1.26) और 200-दिन के EMA ($1.39) से ऊपर टिका है, जो दीर्घकालिक तेजी के रुझान का समर्थन करता है। हालांकि इसमें एक पेच भी है, 50-दिन का EMA अभी भी 200-दिन के EMA से नीचे है, जिसे डेथ क्रॉस कहा जाता है और यह आमतौर पर मंदी का संकेत माना जाता है। ऐसे में जब तक यह क्रॉस पूरी तरह पलटता नहीं, तब तक ब्रेकआउट पर पूरा भरोसा करना जल्दबाजी होगी।
RSI फिलहाल 62 पर है, जो न्यूट्रल 50 के स्तर से ऊपर है और बताता है कि मोमेंटम तेजी की तरफ झुका तो है लेकिन ओवरबॉट जोन जितना गर्म नहीं हुआ है। दूसरी तरफ MACD लाइन 0.06 पर है, जो सिग्नल लाइन 0.07 से थोड़ी नीचे है, यानी हिस्टोग्राम -0.01 के साथ हल्का मंदी का झुकाव बना हुआ है। स्टोकास्टिक की फास्ट लाइन 74 और सिग्नल लाइन 53 पर है, जो निकट भविष्य में तेजी का इशारा देती है, जबकि ADX 43 पर होने से यह भी साफ है कि मौजूदा रुझान मजबूत और स्पष्ट दिशा में है। बोलिंजर बैंड $1.30 से $1.52 के बीच है और मिड लाइन $1.41 पर है, फिलहाल कीमत इसी दायरे के भीतर घूम रही है।
ट्रेडिंग के लिहाज से अहम स्तरों की बात करें तो पिवट $1.42 पर है। इसके ऊपर पहला प्रतिरोध $1.46 और उसके बाद $1.48 पर मिलेगा। नीचे की तरफ पहला सपोर्ट $1.40 और उसके बाद $1.36 पर है, जो ठीक 200-दिन के EMA के आसपास भी बैठता है। 20-दिन के दायरे में देखें तो व्यापक सपोर्ट करीब $1.09 और प्रतिरोध करीब $1.68 पर टिका है। ATR यानी औसत दैनिक उतार-चढ़ाव फिलहाल 0.07 है, जिसे ट्रेडर्स स्टॉप-लॉस तय करने के लिए बफर की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं।
ओपन इंटरेस्ट बढ़ने और घटने का मतलब क्या होता है
ओपन इंटरेस्ट का बढ़ना आमतौर पर बाजार में ज्यादा तरलता और नई पूंजी के आने का संकेत माना जाता है, जिसे कारोबार की सेहत के लिए अच्छा संकेत माना जाता है और मौजूदा रुझान के आगे बढ़ने की उम्मीद जगती है। इसके उलट, जब ओपन इंटरेस्ट घटता है तो इसे बाजार में लिक्विडेशन यानी पोजीशन बंद होने का संकेत माना जाता है, निवेशक बाहर निकल रहे होते हैं और किसी एसेट की कुल मांग कमजोर पड़ने लगती है, जिससे मंदी का माहौल बनता है।
फंडिंग रेट क्यों मायने रखता है
फंडिंग फीस असल में स्पॉट कीमत और फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट की कीमत के बीच का अंतर पाटने का काम करती है, और इससे ट्रेडर्स के लिक्विडेशन का जोखिम भी प्रभावित होता है। जब फंडिंग रेट लगातार ऊंचा और पॉजिटिव बना रहता है, तो इसका मतलब है कि बाजार में तेजी का माहौल है और कारोबारियों को आगे कीमत बढ़ने की उम्मीद है। इसके उलट अगर फंडिंग रेट लगातार निगेटिव रहे, तो यह मंदी के माहौल का संकेत होता है, जिसमें ट्रेडर्स को कीमत गिरने और रुझान पलटने की आशंका दिखती है।


















