ग्लोबल फाइनेंशियल मेसेजिंग नेटवर्क स्विफ्ट ने ISO 20022 माइग्रेशन की एक अहम डेडलाइन को लेकर इंडस्ट्री को सतर्क किया है। यह साफ संकेत है कि अब तैयारी में देर करने की गुंजाइश नहीं बची। स्विफ्ट के मुताबिक, यह बदलाव एक कम्युनिटी-ड्रिवन स्टैंडर्ड्स इवोल्यूशन है, जिसे ISO के फॉर्मल मेंटेनेंस प्रोसेस और कंट्री वोट के जरिए औपचारिक मंजूरी मिली है। इसका मुख्य मकसद क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स में डेटा क्वालिटी और पारदर्शिता को बेहतर बनाना है।
ISO 20022 क्या है और यह क्यों जरूरी है?
ISO 20022 दरअसल आधुनिक पेमेंट्स के लिए एक ग्लोबल डेटा स्टैंडर्ड है। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर स्टैंडर्डाइजेशन (ISO) ने 2004 में यह यूनिवर्सल स्टैंडर्ड स्थापित किया था। इसके पीछे तीन बड़े उद्देश्य थे: पुरानी और पिछड़ी पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाना, दुनियाभर के वित्तीय नेटवर्क के बीच ग्लोबल इंटरऑपरेबिलिटी को सक्षम करना और इंटरनेशनल ट्रांसफर करने वाले ग्राहकों को बेहतर अनुभव देना।
रिपल ने कंप्लायंस-फर्स्ट की राह 2020 में ही चुनी
रिपल ने शुरुआत से ही कंप्लायंस को अपनी प्राथमिकता बनाया। कंपनी ने 2020 में ISO 20022 रजिस्ट्रेशन मैनेजमेंट ग्रुप (RMG) स्टैंडर्ड्स बॉडी की सदस्यता ले ली और इस कदम के साथ इतिहास रच दिया। रिपल डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (DLT) पर केंद्रित पहली कंपनी बनी जो इस बॉडी में शामिल हुई। यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं थी, बल्कि यह साबित करती है कि कंपनी ने पारंपरिक वित्तीय मानकों के दायरे में काम करने का रास्ता बहुत पहले ही चुन लिया था।
रिपल पेमेंट्स के तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेशन
रिपल पेमेंट्स पहले से ही तीन प्रमुख ग्लोबल स्टैंडर्ड्स को पूरा करती है, जो इसे कई प्रतिद्वंद्वियों से आगे रखती है:
- ISO 20022: स्ट्रक्चर्ड पेमेंट डेटा के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक
- ISO 27001: इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी मैनेजमेंट का अंतरराष्ट्रीय मानक
- SOC 2 टाइप II: डेटा सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स के साथ कंप्लायंस सुनिश्चित करता है
क्या रिपल डेडलाइन पूरी कर पाएगी?
रिपल के ट्रैक रेकॉर्ड, इसके तीन मौजूदा सर्टिफिकेशन और RMG में 2020 से सक्रिय सदस्यता को देखते हुए उम्मीद है कि कंपनी क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स में पारदर्शिता बढ़ाने से जुड़ी स्विफ्ट की नई जरूरतों को बिना किसी बड़ी परेशानी के पूरा कर लेगी। स्टैंडर्ड्स टेबल पर शुरू से सीट होने की वजह से रिपल वास्तव में इस डेडलाइन के लिए सालों से तैयारी कर रही है।



















