तुला राशि में बुध गोचर 2026: इन राशियों के लिए शुरू होंगे अच्छे दिन और बदलेगा भाग्यकौन हैं प्राची अग्रवाल और राघव अग्रवाल, जिनके भजन क्लबिंग अंदाज ने खींचा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यानमेटा कनेक्ट सम्मेलन के बाद तेजी से लोकप्रिय हो रहा है नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऐप म्यूजबिहार के इस किसान ने घर की चारदीवारी पर उगाए ड्रैगन फ्रूट, सुरक्षा के साथ हो रही है कमाईमुजफ्फरपुर में युवाओं के लिए सरकारी सहयोग से रोजगार का मौका, 28 सितंबर को सत्तर पदों पर होगी भर्तीतिरुवनंतपुरम में विराट कोहली का वनडे रिकॉर्ड बेहद शानदार, क्रीज पर आज तक नहीं हुए आउटबर्फ से रेगिस्तान तक का सफर: स्पीति से जैसलमेर के बीच ऑटो की रोड ट्रिप पर दिखने वाले प्रमुख पड़ावपीसी ज्वैलर लिमिटेड ने चुकाया 14 बैंकों का पूरा कर्ज, समय से पहले लौटाए 3000 करोड़नागोया में भारत का ऐतिहासिक दिन, शूटिंग में रिकॉर्ड स्वर्ण और पोल वॉल्ट में पहला पदक जीत कुल संख्या 23 कीकैनोपी पोर्टेबल ह्यूमिडिफायर का विस्तृत मूल्यांकन, छोटे कमरों और यात्रा के लिए कैसा है यह छोटा उपकरण
कौन हैं प्राची अग्रवाल और राघव अग्रवाल, जिनके भजन क्लबिंग अंदाज ने खींचा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यानकल्चर
26 सित॰ 2026, 12:07 am (15 मिनट पहले)· 1

कौन हैं प्राची अग्रवाल और राघव अग्रवाल, जिनके भजन क्लबिंग अंदाज ने खींचा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में एक भजन क्लबिंग इवेंट में शामिल हुए, जहाँ उन्होंने प्राची अग्रवाल और राघव अग्रवाल के आधुनिक आध्यात्मिक अंदाज की सराहना की। भाई-बहन की यह जोड़ी पारंपरिक भजनों को इलेक्ट्रॉनिक बीट्स के साथ नया रूप दे रही है।

नई दिल्ली में आयोजित एक अनूठे सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरकत की, जहाँ आधुनिकता और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम देखने को मिला। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के उपलक्ष್ಯ में आयोजित इस कार्यक्रम में भजन क्लबिंग का आयोजन किया गया था। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिल्म हनुमान अंश के लोकप्रिय गीत जब जिद पर आई पार्वती का आनंद लिया और पारंपरिक खंजरी भी बजाई। इस भव्य सांस्कृतिक आयोजन का मुख्य उद्देश्य भक्ति संगीत को देश की युवा पीढ़ी तक प्रभावी तरीके से पहुँचाना था, जिसने दर्शकों का भरपूर ध्यान खींचा।

कौन हैं प्राची अग्रवाल और राघव अग्रवाल

इस पूरे कार्यक्रम के दौरान सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बनीं युवा गायिका प्राची अग्रवाल, जो मंच पर अपनी सुरीली आवाज में भजन प्रस्तुत कर रही थीं। प्राची इस सफर में अकेली नहीं हैं, बल्कि उनके साथ उनके भाई राघव अग्रवाल भी मंच साझा करते हैं। इस भाई-बहन की जोड़ी का देश में भजन क्लबिंग मूवमेंट को लोकप्रिय बनाने में सबसे बड़ा योगदान माना जाता है। दोनों पारंपरिक और शास्त्रीय भजनों को आधुनिक कॉन्सर्ट की तर्ज पर स्टेज लाइट्स और इलेक्ट्रॉनिक बीट्स के साथ जोड़कर जेन जी यानी आज की युवा पीढ़ी के सामने पेश करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इनके इस आधुनिक और अनूठे आध्यात्मिक कॉन्सेप्ट की तारीफ अपने मन की बात प्रोग्राम में कर चुके हैं।

मंच पर गजब का तालमेल और असल जिंदगी की खटपट

राघव और प्राची अपने इस खास म्यूजिक शो के सिलसिले में देश भर में काफी यात्राएँ करते हैं। मंच पर दोनों के बीच का पेशेवर तालमेल जितना शानदार दिखता है, पर्दे के पीछे उनकी केमिस्ट्री बिल्कुल आम भाई-बहन जैसी है। राघव का कहना है कि जब वे स्टेज से दूर होते हैं, तो वे किसी भी सामान्य भाई-बहन की तरह छोटी-छोटी बातों पर नोकझोंक करते रहते हैं। हालांकि, मंच पर कदम रखते ही यह सारी आपसी तकरार एक गहरे और आध्यात्मिक जुड़ाव में बदल जाती है। मात्र 23 वर्ष की प्राची अपने भाई से उम्र में छोटी हैं और हँसते हुए बताती हैं कि शो शुरू होने से पहले तक उनकी लड़ाइयाँ चलती रहती हैं। यहाँ तक कि उनके मैनेजर का मुख्य काम उन्हें संभालने से ज्यादा उन दोनों की आपसी बहसों पर नियंत्रण रखना होता है.

कॉर्पोरेट की दुनिया को अलविदा कह चुना संगीत का रास्ता

इस मुकाम तक पहुँचने के लिए राघव और प्राची ने अपनी स्थिर कॉर्पोरेट जिंदगी को पीछे छोड़ा था। दोनों ने आज से डेढ़ साल पहले अपनी-अपनी कॉर्पोरेट फाइनेंस की अच्छी-खासी नौकरियां छोड़कर पूरी तरह से संगीत को अपना करियर बनाने का फैसला किया। जब माता-पिता को इस बड़े बदलाव के बारे में बताने की बारी आई, तो बड़े भाई होने के नाते राघव ने यह कठिन जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली। उन्होंने मजाकिया अंदाज में साझा किया कि उन्होंने पहले खुद अपनी नौकरी छोड़ी और फिर एक साल बीतने के बाद प्राची से भी उसकी नौकरी छुड़वा दी। उनके माता-पिता ने इस फैसले का कड़ा विरोध करने के बजाय पूरा समर्थन किया और स्थिति को सहजता से समझ लिया, जिसके बाद से यह जोड़ी भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने के साथ संगीत के जरिए नई ऊँचाइयाँ छू रही है।

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सवाल-जवाब

भजन क्लबिंग इवेंट में कौन से प्रसिद्ध गीत की प्रस्तुति दी गई?
इस इवेंट के दौरान फिल्म हनुमान अंश का प्रसिद्ध गाना जब जिद पर आई पार्वती सुनाया गया।
प्राची और राघव अग्रवाल का संबंध किस कला से है?
ये दोनों भाई-बहन पारंपरिक भजनों को इलेक्ट्रॉनिक बीट्स और आधुनिक कॉन्सर्ट स्टाइल के साथ पेश करने के लिए जाने जाते हैं।
संगीत में आने से पहले प्राची और राघव क्या करते थे?
संगीत में फुल-टाइम आने से पहले दोनों कॉर्पोरेट फाइनेंस की नौकरी करते थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जोड़ी की तारीफ कहाँ की थी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात प्रोग्राम में इनके आधुनिक आध्यात्मिक कॉन्सेप्ट की तारीफ की थी।
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