दिल्ली और नोएडा समेत पूरे एनसीआर क्षेत्र में बीते 24 घंटों के दौरान हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पर गहरा असर डाला है। बारिश के इस दौर के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 10 जुलाई की आधी रात तक दिल्ली और एनसीआर के चुनिंदा इलाकों में 180 मिमी से 250 मिमी तक भारी बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया था।
क्षेत्रवार बारिश का अनुमान
मौसम विशेषज्ञों का विश्लेषण है कि दिल्ली के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों के साथ-साथ नोएडा और गाज़ियाबाद में सबसे अधिक बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, मध्य और दक्षिण दिल्ली के साथ-साथ फ़रीदाबाद और गुरुग्राम के पूर्वी इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश के आसार बने हुए हैं। दूसरी ओर, पश्चिमी दिल्ली, दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली और पश्चिमी गुरुग्राम में अपेक्षाकृत कम, लेकिन संतोषजनक मात्रा में बारिश की उम्मीद की जा रही है।
शुक्रवार और सप्ताहांत का मौसम
शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में आसमान में घने बादल छाए रहने के संकेत हैं। दिन भर अलग-अलग इलाकों में बहुत हल्की से लेकर मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। सुबह से लेकर दोपहर तक के समय में आंधी चलने और बिजली कड़कने की संभावना भी बनी हुई है। तापमान की बात करें तो शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33°C से 35°C के बीच और न्यूनतम तापमान 22°C से 24°C के आसपास रहने की उम्मीद है। अधिकतर स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी कम और अधिकतम तापमान भी सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है। शनिवार को भी बादल छाए रहेंगे और सुबह-दोपहर में हल्की बारिश के साथ बिजली कड़क सकती है। शनिवार के लिए अधिकतम तापमान 35°C से 37°C और न्यूनतम तापमान 24°C से 26°C के बीच रहने का अनुमान है। रविवार को भी मौसम आमतौर पर बादलों से घिरा रहेगा।
बारिश का असर और हालिया स्थिति
दिल्ली-एनसीआर में बुधवार से रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। 9 जुलाई की आधी रात से शुरू हुई बारिश दोपहर तक लगातार होती रही। इस निरंतर वर्षा के कारण शहर के जल निकासी तंत्र पर भारी दबाव पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप कई निचले इलाकों और अंडरपास में जलभराव की समस्या देखने को मिली। गुरुवार को हुई मानसून की इन जोरदार बौछारों ने सड़कों को पूरी तरह जलमग्न कर दिया, जिससे यातायात बाधित हुआ और कई जगहों पर पेड़ उखड़ने की घटनाएं भी सामने आईं। हालांकि, इस बारिश का एक सकारात्मक पहलू यह रहा कि राजधानी की हवा सितंबर 2023 के बाद से सबसे साफ़ श्रेणी में दर्ज की गई है। शहर के कुछ हिस्सों में तो 160 मिमी से भी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।











