दिल्ली के समयपुर बादली क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ सात वर्षीय एक बालक की जलभराव के कारण डूबकर जान चली गई। घटना गुरुवार सुबह की है, जब मृतक बच्चा अपने पांच वर्षीय छोटे भाई के साथ घर से बाहर निकला था। संजय कॉलोनी का निवासी यह बालक तीसरी कक्षा का छात्र था। पिछले दो दिनों से राजधानी में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते क्षेत्र के एक खाली भूखंड में काफी पानी जमा हो गया था। यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा इसी पानी से भरे प्लाट में हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेहान नाम का यह बच्चा सुबह लगभग 8.30 बजे शौच के लिए गया था। वहां मौजूद पानी के गहरे गड्ढे में जाने से उसका संतुलन बिगड़ गया और वह डूब गया। परिवार में उस समय कोहराम मच गया जब छोटा भाई घर लौट आया, लेकिन रेहान के न आने पर सबने उसकी तलाश शुरू की। उसकी मां ने बेहद भावुक होकर बताया कि काफी देर तक जब वह नहीं लौटा, तो परिवार और रिश्तेदारों ने मिलकर उसे खोजना शुरू किया। घटना स्थल के पास जब परिजनों को रेहान की पानी की बोतल मिली, तो उनका शक यकीन में बदल गया।
लापरवाही बनी जानलेवा
बच्चे की मां ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि यदि उस खाली प्लाट में पानी न भरा होता या उसे खुला न छोड़ा गया होता, तो आज उनका बेटा उनके साथ होता। परिजनों और रिश्तेदारों का आरोप है कि यह पूरी तरह से लापरवाही का परिणाम है। परिवार के सदस्यों ने जब पानी में रेहान को ढूंढना शुरू किया, तो उन्हें वह भूखंड के भीतर स्थित एक गहरे गड्ढे में मिला। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि उस जगह को लावारिस छोड़ दिया गया था, जो अब एक मौत का जाल बन गया। इसी तरह की एक अन्य दुखद घटना का जिक्र करते हुए बताया गया कि हाल ही में नोएडा में भी युवराज नाम के एक युवक की मौत इसी तरह के पानी से भरे प्लाट में डूबने से हुई थी।
दो घंटे की कड़ी मशक्कत
परिजनों ने करीब दो घंटे तक स्थानीय निवासियों की मदद से पानी में बच्चे की खोज की। काफी मशक्कत के बाद जब उसे बाहर निकाला गया, तो उसे तुरंत बुराड़ी अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के उपरांत बच्चे को मृत घोषित कर दिया। समयपुर बादली पुलिस थाना अधिकारियों के मुताबिक, मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के अंतर्गत कानूनी कार्यवाही शुरू की गई है। बच्चे के शव का पोस्टमार्टम और अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे दुर्घटनावश डूबने का मामला माना है और किसी भी साजिश की आशंका से इनकार किया है। यह त्रासदी उस समय हुई है जब दिल्ली के कई निचले इलाकों में पिछले दो दिनों से जारी भारी बारिश के कारण भारी जलभराव की समस्या बनी हुई है।











